मैच हुआ जिम्बाब्वे और यूएई के बीच, हार गए मिस्बाह उल हक!
वर्ल्ड कप 2015 का आज छठा दिन है और टूर्नामेंट का आठवां मुकाबला जिम्बाब्वे और यूएई के बीच न्यूजीलैंड के शहर नेल्सन में खेला गया।
दोनों ही टीमें क्रिकेट जगत में कमजोर मानी जाती हैं और उन्हें खिताब के दावेदारों में नहीं रखा जाता। हालांकि कभी उलटफेर कर नाम कमाने वाली जिम्बाब्वे टीम ने इस बार वॉर्मअप में कमाल का खेल दिखाया था। मेजबान न्यूजीलैंड को परेशान करने के बाद उसने पूर्व वर्ल्ड चैंपियन श्रीलंका को हराकर सभी को चौंका दिया था।
मजेदार बात यह है इस बार एशिया से सर्वाधिक 6 टीमें वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। अफगानिस्तान तो पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहा है। जबकि छुपी रुस्तम मानी जा रही यूएई को अपना अगला वर्ल्ड कप खेलने के लिए लगभग दो दशक बीत गए। लेकिन आज हम जिस मैच की बात कर रहे हैं उसमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम को मैच शुरू होते ही हरा दिया। पाक टीम को झटके पर झटके लग रहे हैं। पहले टीम इंडिया के हाथों वर्ल्ड कप में मिली लगातार छठी हार के बाद पाक अब यूएई जैसी फिसड्डी टीम से भी पिछड़ गया।
दूसरा वर्ल्ड कप खेलने में लग गए यूएई को पूरे 19 साल
एक वर्ल्ड कप के बाद दूसरा वर्ल्ड कप खेलने के लिए सबसे ज्यादा समय लेने का रिकॉर्ड कनाडा के नाम दर्ज है। उसने रिकॉर्ड 24 साल के लंबे इंतजार के बाद अपना दूसरा क्रिकेट वर्ल्ड कप खेला था। इस मामले में यूएई का नंबर दूसरे स्थान पर आता है।
जहां तक वर्ल्ड कप में सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी की बात है तो यह रिकॉर्ड है नोलान क्लार्क के नाम। उन्होंने 47 साल की उम्र में नीदरलैंड्स टीम के लिए वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेला था। इसके बाद नंबर आता है जिम्बाब्वे के जॉन ट्रैकोस का जिन्होंने 44 साल की उम्र में 1983 वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेला। इसके बाद यूएई के खुर्रम खान का नंबर है जो 43 साल 242 दिन की उम्र में अपना पहला वर्ल्ड कप मैच खेलने उतरे। मोहम्मद तौकीर (फोटो) जो यूएई टीम की कप्तानी कर रहे हैं उनकी भी उम्र 43 के पार है।
मैच में उतरते ही यूएई ने पाक को दे दिया मात!
यूएई की टीम भले ही 19 साल बाद वर्ल्ड कप खेलने का मौका हासिल कर पाई हो लेकिन अपने पहले ही मुकाबले में उतरने के साथ ही पाकिस्तान टीम के कप्तान कप्तान मिस्बाह उल हक को मात भी दे दिया।
यह अघोषित मुकाबला हुआ पाकिस्तान और यूएई के कप्तानों के बीच। मिस्बाह 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मुकाबले में अपनी टीम की अगुवाई करने के साथ ही इस वर्ल्ड कप के सबसे बुजुर्ग कप्तान बन गए थे, लेकिन आज यूएई के मोहम्मद तौकीर ने मिस्बाह को हराते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
मिस्बाह ने 40 साल 266 दिन की उम्र में टीम इंडिया के खिलाफ मुकाबले के दौरान अपनी टीम की अगुवाई की थी लेकिन यह रिकॉर्ड उनके नाम महज 4 दिन ही रह सका क्योंकि यूएई के कप्तान ने इसे अब अपने नाम कर लिया है। आज जब वह जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले टॉस करने आए तो उनकी उम्र उस समय थी 43 साल 35 दिन।
तौकीर के नाम अब यह रिकॉर्ड इस वर्ल्ड कप में बने रहने वाला है क्योंकि किसी अन्य टीम के कप्तान की उम्र 40 या उससे ज्यादा की नहीं है। बेचारे तौकीर से 3 साल छोटे मिस्बाह के लिए यह एक और बुरी खबर जैसी है। अभी वह टीम इंडिया के हाथों मिली हार को भुला नहीं पाए थे कि अब वह एक अनजान टीम के अनजान कप्तान ने भी उन्हें आसानी से हरा दिया। मिस्बाह अगले वर्ल्ड कप में यह रिकॉर्ड भी नहीं बना सकते क्योंकि उन्होंने इसी टूर्नामेंट के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है।