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श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में इस रणनीति के साथ उतरेगी टीम इंडिया
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
Updated Tue, 14 Nov 2017 04:42 AM IST
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विराट कोहली
- फोटो : PTI
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भारत और श्रीलंका के बीच तीन टेस्ट मैचों की सीरीज का आगाज 16 नवंबर को कोलकाता में होने जा रहा है। एक तरफ श्रीलंका घर में मिली 3-0 से करारी हार का बदला लेने को तैयार है तो वहीं टीम इंडिया इस सीरीज को दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए तैयारी के रूप में ले रही है। ऐसे में टीम इंडिया ने अपनी रणनीति में भी बदलाव किया है।
दक्षिण अफ्रीकी दौरे के मद्देनजर टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में तीन विशुद्ध तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज में हार्ड और बाउंसी विकेट की मांग कर रहा है जिसमें ज्यादा घास न हो कुछ इस तरह की विकेट उन्हें दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर मिलेंगी। इस बात को ध्यान में रखकर सोमवार को ग्राउंड्समैन ने पिच से घास पूरी तरह हटा दी।
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इसके साथ ही टीम इंडिया मैच में तीन स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है। इन तीन गेंदबाजों में उमेश यादव और मोहम्मद शमी निश्चित तौर पर होंगे। लेकिन तीसरे गेंदबाज के रूप में भुवनेश्वर कुमार और ईशांत शर्मा में से किसी एक गेंदबाज को जगह मिल सकती है। भुवी के साथ ईशांत भी फॉर्म में हैं। उन्होंन मौजूदा रणजी सीजन में दिल्ली की ओर से तीन मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया है। हार्ड पिच पर उनकी बैकलैंथ गेंद विरोधी बल्लेबाजों के लिए घातक साबित हो सकती है। वहीं भुवी को सुबह की नमी के साथ और शाम को मिलने वाली स्विंग टीम के लिए मददगार साबित हो सकती है।
इसके अलावा टीम इंडिया अपने दो स्पेशलिस्ट स्पिनर आर अश्विन और कुलदीप यादव को भी अंतिम ग्यारह में शामिल करेगी। सोमवार को अभ्यास सत्र में अश्विन एक लेग ब्रेक गेंदबाज की ग्रिप के साथ रॉग वन्स का अभ्यास करते दिखाई दिए।
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वहीं दूसरी तरफ कप्तान विराट कोहली रिवर्स स्विंग का सामना करने के लिए रेड-यलो गेंद के साथ अभ्यास करते दिखाई दिए। इस तरह की गेंद को रिवर्स स्विंग के लिए तैयार किया जाता है जिसके एक तरफ पीला रंग होता है जिससे कि गेंद की चमक वाली सतह के आधार पर रिवर्स स्विंग का अभ्यास किया जा सके। प्रशिक्षक उन्हें 16 से 18 गज की दूरी से इसका अभ्यास करा रहे हैं। सचिन तेंदुलकर इस तरह की गेंदों से रिवर्स स्विंग गेंदबाजी का सामना करने के लिए तैयारी करते थे।
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दक्षिण अफ्रीकी दौरे के मद्देनजर टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में तीन विशुद्ध तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है। टीम मैनेजमेंट इस सीरीज में हार्ड और बाउंसी विकेट की मांग कर रहा है जिसमें ज्यादा घास न हो कुछ इस तरह की विकेट उन्हें दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर मिलेंगी। इस बात को ध्यान में रखकर सोमवार को ग्राउंड्समैन ने पिच से घास पूरी तरह हटा दी।
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इसके साथ ही टीम इंडिया मैच में तीन स्पेशलिस्ट तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकती है। इन तीन गेंदबाजों में उमेश यादव और मोहम्मद शमी निश्चित तौर पर होंगे। लेकिन तीसरे गेंदबाज के रूप में भुवनेश्वर कुमार और ईशांत शर्मा में से किसी एक गेंदबाज को जगह मिल सकती है। भुवी के साथ ईशांत भी फॉर्म में हैं। उन्होंन मौजूदा रणजी सीजन में दिल्ली की ओर से तीन मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने अच्छा प्रदर्शन भी किया है। हार्ड पिच पर उनकी बैकलैंथ गेंद विरोधी बल्लेबाजों के लिए घातक साबित हो सकती है। वहीं भुवी को सुबह की नमी के साथ और शाम को मिलने वाली स्विंग टीम के लिए मददगार साबित हो सकती है।
इसके अलावा टीम इंडिया अपने दो स्पेशलिस्ट स्पिनर आर अश्विन और कुलदीप यादव को भी अंतिम ग्यारह में शामिल करेगी। सोमवार को अभ्यास सत्र में अश्विन एक लेग ब्रेक गेंदबाज की ग्रिप के साथ रॉग वन्स का अभ्यास करते दिखाई दिए।
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वहीं दूसरी तरफ कप्तान विराट कोहली रिवर्स स्विंग का सामना करने के लिए रेड-यलो गेंद के साथ अभ्यास करते दिखाई दिए। इस तरह की गेंद को रिवर्स स्विंग के लिए तैयार किया जाता है जिसके एक तरफ पीला रंग होता है जिससे कि गेंद की चमक वाली सतह के आधार पर रिवर्स स्विंग का अभ्यास किया जा सके। प्रशिक्षक उन्हें 16 से 18 गज की दूरी से इसका अभ्यास करा रहे हैं। सचिन तेंदुलकर इस तरह की गेंदों से रिवर्स स्विंग गेंदबाजी का सामना करने के लिए तैयारी करते थे।