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अध्यक्ष बनने से पहले बोले सौरव गांगुली, 'ऐसे वक्त में पद संभाल रहा हूं जब BCCI की छवि खराब'
Mon, 14 Oct 2019 01:33 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Mon, 14 Oct 2019 01:33 PM IST
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सौरव गांगुली
- फोटो : सोशल मीडिया
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली बीसीसीआई के अगले अध्यक्ष बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नई जिम्मेदारी संभालने से पहले सोमवार को मुंबई में 'दादा' ने कहा कि, 'यह कुछ अच्छा करने का सुनहरा मौका है, क्योंकि ऐसे समय में बोर्ड की कमान संभाल रहा हूं, जब उसकी छवि काफी खराब हुई है।'
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अपने अध्यक्ष पद पर मुहर को लेकर गांगुली ने सोमवार दोपहर तीन बजे तक इंतजार करने के लिए कहा। अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए 'प्रिंस ऑफ बंगाल' ने घरेलू क्रिकेटर्स को सही ट्रेनिंग की जरूरत बताई। गांगुली ने कहा कि उनकी प्राथमिकता प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों की देखभाल होगी। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष का इरादा भारतीय क्रिकेट के उन सभी कामों को करना है जो पिछले 33 माह में प्रशासकों की समिति नहीं कर सकी।
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47 वर्षीय सौरव गांगुली ने कहा कि निश्चित तौर पर यह बहुत अच्छा अहसास है, क्योंकि मैंने देश के लिए खेला है और कप्तान भी रहा हूं। अध्यक्ष पद की दौड़ में बृजेश पटेल को पछाड़ने के बाद अब दादा इस पद के अकेले उम्मीदवार रह गए हैं। हालांकि कूलिंग ऑफ अवधि के कारण उन्हें जुलाई में पद छोड़ना होगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 18000 से अधिक रन बना चुके पूर्व कप्तान ने कहा कि निर्विरोध चुना जाना ही बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। कोलकाता के महाराज नाम से लोकप्रिय दिग्गज खिलाड़ी ने कहा, ‘यह विश्व क्रिकेट का सबसे बड़ा संगठन है और जिम्मेदारी तो है ही, चाहे आप निर्विरोध चुने गए हों या नहीं। भारत क्रिकेट की महाशक्ति है तो यह चुनौती भी बड़ी होगी।’
यह पूछने पर कि कार्यकाल सिर्फ नौ महीने का होने का क्या उन्हें अफसोस है, उन्होंने कहा ,‘हां, यही नियम है और हमें इसका पालन करना है। जब मैं आया तो मुझे पता नहीं था कि मैं अध्यक्ष बनूंगा। पत्रकारों ने मुझसे पूछा तो मैंने बृजेश का नाम लिया। मुझे बाद में पता चला कि हालात बदल गए हैं। मैने कभी बीसीसीआई चुनाव नहीं लड़ा तो मुझे नहीं पता कि बोर्ड रूम राजनीति क्या होती है।’