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हितों के टकराव मामले में गांगुली ने दिया पोंटिंग का उदाहरण, नियम में बदलाव की दी सलाह
Sat, 24 Aug 2019 04:56 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 24 Aug 2019 04:56 AM IST
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गांगुली और पोंटिंग
- फोटो : file
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पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने रिकी पोंटिंग का उदाहरण देते हुए कहा कि हितों के टकराव का नियम व्यावहारिक होना चाहिए। गांगुली ने कहा कि पोंटिंग ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के साथ आईपीएल से भी जुड़े हुए हैं। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के साथ गांगुली को भी बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष और आईपीएल फ्रैंचाइजी दिल्ली डेयरडेविल्स से जुड़े होने के कारण हितों के टकराव का नोटिस दिया गया था। गांगुली से जब पूछा गया कि क्या खेल के दिग्गजों के लिए नियमों में कुछ अपवाद होना चाहिए।
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उन्होंने कहा,‘मैं यह नहीं कहूंगा कि नियमों में कुछ अपवाद होना चाहिए लेकिन नियम व्यावहारिक होने चाहिए। द्रविड़ को एनसीए का अध्यक्ष बनाया गया है और इंडिया सीमेंट्स के साथ उनकी नियुक्ति को लेकर टकराव की स्थिति बन गई। आपको ऐसे मामलों में व्यावहारिक होना होगा। आपको पहले से पता नहीं होता है कि आप एनसीए प्रमुख बनेंगे या नहीं। तीन साल के बाद एनसीए प्रमुख नहीं रहेंगे लेकिन यह नौकरी (इंडिया सीमेंट) आपके साथ होगी। इसका व्यावहारिक हल निकालना होगा। जब आप कमेंटरी या कोचिंग करते है तब मुझे नहीं लगता कि यह हितों के टकराव का मुद्दा है।
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गांगुली ने पोंटिंग का उदाहरण देते हुए कहा 'वह ऑस्ट्रेलिया के कोच हैं, एशेज में कमेंटरी कर रहे हैं और अगले साल अप्रैल में दिल्ली कैपिटल्स के साथ होंगे। मैं इसे हितों का टकराव नहीं मानता हूं, क्योंकि यह सभी कौशल वाले काम है। कमेंटरी, कोचिंग या किसी फ्रेंचाइजी के साथ जुड़ने का फैसला आपका नहीं होता है। आपको आपके कौशल के कारण चुना जाता है।’
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