रोहित-शिखर की जुगलबंदी: टी-20 विश्व कप में 'लेफ्ट-राइट' तालमेल अच्छा, वनडे में चलता है सिक्का
- रोहित-धवन ने 52 पारियों में ओपनिंग की
- 33.51 की औसत से रिकॉर्ड 1743 रन बनाए
- इसमें चार शतक और सात अर्द्धशतक शामिल
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भारतीय कप्तान विराट कोहली टी-20 में पारी का आगाज करने की इच्छा रखते हैं लेकिन पूर्व चयनकर्ता सरनदीप सिंह का मानना है कि आगामी टी-20 विश्व कप में भारत को रोहित शर्मा और शिखर धवन की अनुभवी सलामी जोड़ी के साथ ही उतरना चाहिए। सरनदीप का कार्यकाल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस साल के शुरू में भारत की ऐतिहासिक जीत के बाद समाप्त हो गया था, उन्होंने अलग प्रारूपों के लिए अलग-अलग कप्तान पर भी अपनी राय रखी हालांकि कहा कि उनके समय में इस पर चर्चा नहीं हुई क्योंकि कोहली तीनों प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे।
इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के बाद कोहली ने कहा कि वह आईपीएल में पारी का आगाज करेंगे, जिससे विश्व कप में उनके और रोहित शर्मा के सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरने की संभावना जताई जाने लगी। धवन को श्रृंखला के पहले मैच के बाद बाहर कर दिया गया था। कोहली और रोहित ने अंतिम टी-20 में पारी की शुरुआत की थी।
सरनदीप ने कहा, 'यह हैरानी भरा था। उन्होंने (धवन) आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया था, ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन किया। जब भी वह खेलते हैं तो अच्छा प्रदर्शन करते हैं। वह मानसिक रूप से बेहद मजबूत हैं। हो सकता है कि वे कुछ विकल्प आजमाना चाहते हों, लेकिन मेरा मानना है कि रोहित और धवन का दाएं हाथ और बाएं हाथ के बल्लेबाज का संयोजन विश्व कप में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प होगा।'
टीम का निर्धारण करने में आईपीएल की भूमिका अहम होगी। टीम में जगह बनाना आसान नहीं है। ईशान किशन को भी टीम में जगह बनाने के लिए बेजोड़ प्रदर्शन करना होगा। सरनदीप का इसके साथ ही मानना है कि अगर हार्दिक पांड्या गेंदबाजी नहीं करते हैं तो फिर क्रुणाल के लिए वनडे टीम में जगह नहीं है। उन्होंने कहा, 'अगर हम वनडे की बात करें तो यदि हार्दिक गेंदबाजी नहीं करता तो क्रुणाल आपका पांचवां गेंदबाज नहीं हो सकता है। उन्होंने अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन वह 10 ओवर नहीं कर सकते। वह टी-20 के अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन वनडे के लिए अलग काबिलियत चाहिए।
विभिन्न प्रारूप के कप्तानों पर चर्चा नहीं
अलग-अलग प्रारूपों के लिए अलग कप्तानों के विषय पर सरनदीप ने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान इस पर चर्चा तक नहीं हुई। उन्होंने कहा, 'अलग-अलग कप्तानों की जरूरत तब पड़ती है जबकि आपका कप्तान अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा हो लेकिन वह (कोहली) एकमात्र खिलाड़ी है जिसका सभी प्रारूपों में औसत 50 से ऊपर है। अगर वह किसी एक प्रारूप में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं तो आप उससे कप्तानी का भार कम कर सकते हो।'