Team India: भारतीय टीम ने नहीं चुने जाने पर छलका इस तेज गेंदबाज का दर्द, कैमरे के सामने रोने का वीडियो वायरल
2022 महिला विश्व कप की टीम से भी शिखा पांडे को बाहर कर दिया गया था। इसके बाद चयनकर्ताओं की काफी आलोचना हुई थी। अब बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज में उन्हें मौका नहीं दिया गया है।
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शिखा पांडे डब्ल्यूपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थीं और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचाने में अहम योगदान दिया था। दिल्ली की अंक तालिका में शीर्ष में रहकर फाइनल में पहुंची थी।
यह पहली बार नहीं है जब पांडे को बिना किसी कारण के भारतीय टीम से बाहर किया गया है। शिखा दाएं हाथ की तेज गेंदबाज हैं और निचले क्रम में एक उपयोगी बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम में वापसी की थी। उसके बाद, उन्हें केंद्रीय अनुबंध से बाहर कर दिया गया और बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी20 टीम से भी उन्हें बाहर कर दिया गया।
🗣️ Shikha Pandey gets teary-eyed talking about the disappointment of not finding a place in the Indian team.
Watch the full interview with @wvraman here ➡️ https://t.co/9H20WnkoZG#WednesdaysWithWV | #WomensCricket pic.twitter.com/d5tJmro6SC— Sportstar (@sportstarweb) July 6, 2023
पूर्व भारतीय मुख्य कोच डब्ल्यूवी रमन के साथ एक साक्षात्कार में स्पोर्टस्टार से बात करते हुए, जब पांडे से टीम चयन के बारे में पूछा गया तो वह रो पड़ीं। 34 वर्षीय शिखा ने कहा, "अगर मैं कहूं कि मैं निराश और क्रोधित नहीं हूं, तो मैं एक इंसान नहीं हूं। यह मुश्किल है जब आपको उस काम का परिणाम नहीं मिलता जो आपने किया है। मुझे यकीन है कि इसके पीछे कुछ कारण है जो मैं नहीं जानती। मेरे हाथ में कड़ी मेहनत करना है, और मैं कड़ी मेहनत में दृढ़ विश्वास रखती हूं। इसलिए यह तब तक कड़ी मेहनत करने के बारे में है जब तक मैं मानसिक और शारीरिक रूप से फिट नहीं हो जाती।
पांडे ने अपने करियर में भारत के लिए कुल 120 मैच खेले हैं। वनडे और टी20 में गेंद के साथ उनका रिकॉर्ड शानदार है। 2022 में विश्व कप के लिए उन्हें नहीं चुने जाने की काफी आलोचना हुई, लेकिन वह इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में टी20 विश्व कप टीम का हिस्सा थीं।
पांडे ने अपने करियर के कठिन दौर के दौरान अपने आसपास अच्छे गुरुओं के होने के महत्व का उल्लेख किया और रमन को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद भी दिया। उन्होंने कहा “जब मुझे टीम से बाहर किया गया तो मैंने सोचा कि क्रिकेट से दूर जाना ही सही होगा। तब यह सुझाव दिया गया कि यह एक भावनात्मक दौर था और मुझे खुद को और अधिक समय देने की जरूरत है। आपने सोचा था कि मेरे अंदर अभी भी बहुत क्रिकेट बचा है, और जब तक मैं खेल का आनंद लेती हूं तब तक मुझे खेलना चाहिए। मैं अभी निराश हूं, लेकिन जिस स्थिति में मैं हूं वह मेरे नियंत्रण से बाहर है, इससे बाहर निकलने के लिए मैं जो निर्णय लेती हूं वह पूरी तरह से मेरे हाथ में है।
रेणुका सिंह और ऋचा घोष अन्य बड़े नाम थे, जिन्हें बांग्लादेश दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया था। पांडे डब्ल्यूपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद सेट-अप का हिस्सा नहीं बनने से निराश हैं। वह इस साल के अंत में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सभी प्रारूपों की सीरीज के लिए टीम में वापसी की उम्मीद करेंगी।