फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

लड़की होने के कारण एकेडमी ने नहीं दिया दाखिला, शैफाली ने लड़का बन ली थी ट्रेनिंग

Thu, 03 Oct 2019 08:42 AM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rohit Ojha Updated Thu, 03 Oct 2019 08:42 AM IST
विज्ञापन
Shafali Verma India youngest T20 debutante trained as a boy as no Rohtak academy would admit girls
शैफाली वर्मा - फोटो : सोशल मीडिया

दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम के खिलाफ सुरत में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को जीत दिलाने में युवा खिलाड़ी शैफाली वर्मा ने अहम भूमिका निभाई। शैफाली हरियाणा के रोहतक की रहने वाली हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम में सबसे कम उम्र में टी-20 इंटरनेशनल में डेब्यू करने वाली 15 साल की बैट्समैन शैफाली ने क्रिकेट की ट्रेनिंग एक लड़के के रूप में लेनी शुरू की थी, क्योंकि उनके शहर में लड़कियों के लिए क्रिकेट एकेडमी नहीं थी। 

Shafali Verma India youngest T20 debutante trained as a boy as no Rohtak academy would admit girls
Shafali Verma - फोटो : social Media

उन्होंने अपने क्रिकेट के लिए जुनूनी पिता संजीव वर्मा के निर्देश पर अपने बाल कटवा लिए थे। क्योंकि हरियाणा के रोहतक जिला के सभी क्रिकेट एकेडमी ने उन्हें दाखिला देने से मना कर दिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार रोहतक में जूलरी दुकान चलाने वाले शैफाली के पिता संजीव ने बताया कि कोई मेरी बेटी को लेना नहीं चाहता था, क्योंकि रोहतक में लड़कियों के लिए एक भी एकेडमी नहीं थी। मैंने उनसे बहुत आग्रह किया कि वे मेरी बेटी को अपने यहां ट्रेनिंग देने के लिए शामिल कर ले, लेकिन किसी ने भी मेरी बात नहीं सुनी। उन्होंने कहा कि आखिरकार मजबूर होकर मैंने अपनी बेटी के बाल कटवा कर उसे एक एकेडमी ले गया और लड़के की तरह उसका ऐडमिशन कराया।

Shafali Verma India youngest T20 debutante trained as a boy as no Rohtak academy would admit girls
शेफाली वर्मा - फोटो : social media

लड़कों की टीम खेलते हुए  शैफाली का का क्रिकेट को लेकर जुनून  बढ़ता गया। बाद में  शैफाली के स्कूल ने लड़कियों के लिए क्रिकेट टीम बनाने का फैसला किया। उनके पिता संजीव बताते हैं कि, लड़कों के खिलाफ खेलना आसान नहीं था, क्योंकि अक्सर उसकी हेलमेट में चोट लगती थी। कुछ मौकों पर गेंद उसके हेलमेट ग्रिल पर भी लगती थी। मैं डर जाता था, लेकिन उसने हार नहीं मानी।

शैफाली में क्रिकेट का पैशन उस वक्त शुरू हुआ जब सचिन तेंडुलकर 2013 में हरियाणा में अपना आखिरी रणजी मैच खेलने आए थे। 9 साल की शैफाली चौधरी बंसी लाल क्रिकेट स्टेडियम में अपने पिता के साथ बैठी सचिन, सचिन के नारे लगा रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Shafali Verma India youngest T20 debutante trained as a boy as no Rohtak academy would admit girls
शैफाली वर्मा - फोटो : सोशल मीडिया

शैफाली ने मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 33 बॉल में 46 रन बनाए। हालांकि, अपने डेब्यू मैच में वह सिर्फ 4 गेंद खेल पाई थीं। शैफाली को भारतीय टीम में खेलने का मौका तब मिला जब उन्होंने घरेलू सीजन में 1923 रन बनाए, जिसमें छह शतक और तीन अर्ध शतक शामिल हैं। शैफाली के पिता बताते हैं कि, जब वह लड़कों के साथ खेलती थी पड़ोसी और रिश्तेदारों के ताने सुनने पड़ते थे।  वे कहते थे कि तुम्हारी लड़की लड़कों के साथ खेलती है, लड़कियों का क्रिकेट में कोई भविष्य नहीं है, लेकिन आज वही लोग तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed