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Cheteshwar Pujara: 'वह सम्मानजनक विदाई के हकदार थे...', चेतेश्वर पुजारा के संन्यास पर शशि थरूर ने लिखा पोस्ट

Sun, 24 Aug 2025 09:51 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Sun, 24 Aug 2025 09:51 PM IST
सार

पुजारा ने अपना आखिरी टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में ही खेला था। उनका आखिरी टेस्ट या यूं कहें अंतरराष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केनिंग्टन ओवल में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल था। थरूर का कहना है कि पुजारा का जिस तरह का करियर रहा उसे देखते हुए वह सम्मानजनक विदाई के हकदार थे।

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senior Congress leader Shashi Tharoor says Cricketer Cheteshwar Pujara deserved a more dignified farewell
पुजारा और थरूर - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने पर अपनी राय रखी है। थरूर का कहना है कि पुजारा का जिस तरह का करियर रहा उसे देखते हुए वह इससे अधिक सम्मानजनक विदाई के हकदार थे। पुजारा ने रविवार को अचानक से क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कहने का फैसला किया। पुजारा लंबे वक्त से टीम से बाहर थे। 
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जून 2023 में खेला था आखिरी टेस्ट 
पुजारा ने अपना आखिरी टेस्ट जून 2023 में इंग्लैंड में ही खेला था। उनका आखिरी टेस्ट या यूं कहें अंतरराष्ट्रीय मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ केनिंग्टन ओवल में खेला गया विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023 फाइनल था। पुजारा को हाल ही में संपन्न हुए इंग्लैंड दौरे के लिए भी भारतीय टेस्ट टीम में जगह नहीं दी गई थी। पुजारा ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 103 टेस्ट और पांच वनडे खेले। टेस्ट में उन्होंने 176 पारियों में 43.61 की औसत से 7195 रन बनाए। इनमें 19 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 206 रन का रहा। 
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थरूर ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, चेतेश्वर के संन्यास पर मुझे बहुत अफसोस हो रहा है। भले ही हाल ही में भारतीय टीम से बाहर किए जाने के बाद यह अपरिहार्य था। भले ही उनके पास साबित करने के लिए कुछ भी न बचा हो, फिर भी वे थोड़े और समय तक टीम में बने रहने और भारत के लिए अपने शानदार टेस्ट करियर को देखते हुए एक सम्मानजनक विदाई के हकदार थे। जब उन्हें टीम से बाहर किया गया, तो उन्होंने सहजता के साथ घरेलू मैदान में वापसी की और प्रभावशाली प्रदर्शन किया। लेकिन चयनकर्ताओं ने आगे बढ़ने का फैसला कर लिया था और उन्हें इस फैसले के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। 
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थरूर ने पुजारा को सराहा
थरूर ने आगे लिखा, मैं उनकी पत्नी की किताब पढ़ी थी और सोच रहा था कि पुजारा ने जो कुछ भी हासिल किया है, उसके लिए कितना कुछ करना पड़ता है। 20 साल पहले, भारत ए के इंग्लैंड दौरे पर उन्होंने लगातार रन बनाए जिससे पता चला कि वह आगे के लिए तैयार हैं तो उन्होंने पहली बार मेरा ध्यान खींचा था। चयनकर्ता सहमत थे, पुजारा ने अपने पदार्पण मैच की दूसरी पारी में 72 रनों की शानदार पारी खेली और उसके बाद एक-दो असफलताओं के बावजूद तीसरे नंबर पर भारत के भरोसेमंद खिलाड़ी बन गए। पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी बहुत कमी खली थी। 

पुजारा पहले सीनियर खिलाड़ी नहीं हैं जिन्होंने हाल ही में यह फैसला लिया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी क्रिकेट को अलविदा कहा था, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय के बाद लाल गेंद के प्रारूप को छोड़ने का फैसला किया था।
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