तेंदुलकर की कोहली को सलाह, दिल की सुनो और रनों की भूख बरकरार रखो
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'क्रिकेट के भगवान' कहलाए जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के करियर में अधिकतर भारतीय बल्लेबाजी का पूरा बोझ उठाए रखा और अब वर्तमान समय में यही भूमिका कोहली निभा रहे है। यही वजह है कि सचिन तेंदुलकर ने विराट कोहली को सलाह दी है कि चिंता छोड़ो और केवल अपने दिल की सुनो।
कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में 149 और 51 रन की शानदार पारियां खेली लेकिन इसके बावजूद भारत यह मैच 31 रन से हार गया। इसके बाद भारतीय कप्तान को कई तरह की सलाह दी जा रही थी।
तेंदुलकर से पूछा गया कि वह कोहली को क्या कहेंगे, उन्होंने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से कहा, ‘मैं कहूंगा अपना काम जारी रखो। वह बेहतरीन भूमिका निभा रहा है इसलिए इसे बरकरार रखो। आपके आसपास क्या हो रहा है उसकी चिंता मत करो। आप जो हासिल करना चाहते हो उस पर अपना ध्यान केंद्रित रखो और अपने दिल की सुनो।’
संतोषी मत बनो
टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले तेंदुलकर चाहते हैं कि कोहली का अपने लक्ष्यों के प्रति जुनून बना रहे। उन्होंने कहा, ‘इस बीच कई तरह की बातें की जाएंगी और होंगी लेकिन आखिर में अगर आप उस चीज को लेकर जुनूनी हो जिसे आप जिंदगी में पाना चाहते हो तो परिणाम भी आपका अनुसरण करेंगे।’
कोहली ने एजबेस्टन में शतक जड़कर एक बल्लेबाज के तौर पर अंतिम किला भी फतह कर दिया लेकिन बल्लेबाजी के बादशाह तेंदुलकर ने कहा कि कोई कितने भी अधिक रन बना ले, उसकी रनों की भूख खत्म नहीं होनी चाहिए।
तेंदुलकर ने कहा, 'मैं आपको खुद के अनुभव के आधार पर कह सकता हूं, आप कितने भी रन बना लो वे कभी पर्याप्त नहीं होंगे। आप अधिक से अधिक रन बनाना चाहते हो और विराट के मामले में ऐसा है। वह कितने भी रन बना ले वे कभी उसके लिये पर्याप्त नहीं होंगे।'
उन्होंने कहा, 'जब आप संतोषी बन जाते (आपकी रनों की भूख कम हो जाती है) तो आपका पतन शुरू हो जाता है। खुश होना अच्छा है लेकिन एक बल्लेबाज को कभी संतोष नहीं होना चाहिए। गेंदबाज केवल दस विकेट ले सकता है लेकिन बल्लेबाज अधिक से अधिक रन बना सकता है, इसलिए संतोषी मत बनो, केवल खुश रहो।'