Childrens Day: बचपन में कार के टायरों की हवा निकालकर मजे करते थे सचिन तेंदुलकर, बाल दिवस पर बताई मजेदार घटना
बाल दिवस के मौके पर सचिन ने अपने बचपन से जुड़ी एक मस्ती भरी कहानी सुनाई है। उन्होंने बताया है कि कैसे वह अपने दोस्तों के साथ मिलकर कार के टायरों की हवा निकाल दिया करते थे और यह काम कितने मन से करते थे।
विस्तार
सचिन ने अपनी पोस्ट में लिखा "थोड़ी सी शरारत के बिना बचपन अधूरा है। जब मैं छोटा था, मैं और मेरे दोस्त साहित्य सहवास में खड़ी कारों के टायरों की हवा निकाल देते थे। हम इतने पेशेवर थे कि हमारा काम तब तक पूरा नहीं होता था जब तक कि चारों टायर चपटे न हो जाएं। समय के पन्ने पलटें और मुझे बताएं कि आपने बचपन में क्या सबसे शरारती चीज की थी, तब तर मैं अपनी कार के टायरों को जाकर देखता हूं। बाल दिवस की शुभकामनाएं।"
Childhood is incomplete without a bit of mischief.
When I was a kid, my friends and I would flatten the tyres of the cars parked in Sahitya Sahwas. The thorough professionals that we were, our job wasn’t done until ALL 4 tyres were flattened.विज्ञापन विज्ञापन
Rewind the time and tell me the…— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) November 14, 2023
क्या है बाल दिवस?
हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इस दिन देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म हुआ था। कहते हैं कि पंडित नेहरू को बच्चे बहुत प्रिय थे। बच्चे भी उन्हें प्रेम में चाचा नेहरू कहते थे। इस कारण जवाहर लाल नेहरू की जयंती को बच्चों के नाम समर्पित करते हुए इस दिन को बाल दिवस के तौर पर मनाने की शुरुआत हुई।
बाल दिवस के मौके पर हर बच्चे को खास महसूस कराया जाता है। इस दिन बच्चों के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होता है। स्कूलों में कई तरह के रंगारंग कार्यक्रम, खेल व अन्य एक्टिविटी होती हैं, जिसमें बच्चे उत्साह के साथ शामिल होते हैं। बच्चों के बाल दिवस उनके जन्मदिन जैसा होता है। हालांकि इस वर्ष बाल दिवस दीपोत्सव के बीच मनाया जा रहा है।