ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए तेंदुलकर ने दिया गुरुमंत्र, 'वॉर्नर-स्मिथ की गैरमौजूदगी का उठाना होगा फायदा'
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महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का मानना है कि दो अहम खिलाड़ियों स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर के ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा नहीं होने के कारण भारत के पास इस देश के दौरे पर कुछ विशेष करने का बेहतरीन मौका है।
आगामी दौरे में भारत की संभावनाओं केबारे में पूछे जाने पर तेंदुलकर ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारे पास बड़ा मौका है। ऑस्ट्रेलियाई टीम उस तरह की टीम नजर नहीं आती जैसी हुआ करती थी और स्मिथ तथा वार्नर भी नहीं हैं। यह वहां जाकर कुछ विशेष करने का बेहतरीन मौका है।'
भारत दौरे की शुरुआत तीन टी20 मैचों के साथ करेगा जिसके बाद छह दिसंबर से एडिलेड में चार मैचों की टेस्ट शृंखला खेली जाएगी। मार्च में दक्षिण अफ्रीका में गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण में भूमिका केकारण स्मिथ और वार्नर पर एक-एक साल जबकि कैमरन बेनक्राफ्ट पर नौ महीने का प्रतिबंध लगाया गया था।
सचिन सुबह यहां डीवाई पाटिल स्टेडियम में तेंदुलकर मिडिलसेक्स अकादमी का पहला भारतीय शिविर शुरू होने के बाद मीडिया से मुखातिब थे। तेंदुलकर के बचपन के दोस्त और पूर्व भारतीय बल्लेबाज विनोद कांबली भी बच्चों के मेंटर की भूमिका निभा रहे हैं। यह दोनों खिलाड़ी वर्षों बाद मैदान पर साथ आए हैं।
तेंदुलकर ने साथ ही कहा कि वह इस बहस में नहीं पड़ना चाहते कि स्मिथ और वार्नर पर लगा प्रतिबंध कम किया जाए या नहीं। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों के संघ ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की सांस्कृतिक समीक्षा से जुड़ी रिपोर्ट आने के बाद स्मिथ, वार्नर और बेनक्राफ्ट पर लगे प्रतिबंध हटाने की मांग की थी।
यह पूछने पर क्या वह इन दोनों खिलाड़ियों को खेलते हुए देखना चाहेंगे, तेंदुलकर ने कहा, 'निश्चित तौर पर मैं अच्छा क्रिकेट देखना चाहूंगा। वे दोनों (स्मिथ और वार्नर) विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं। इसलिए मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता कि प्रतिबंध हटाया जाए या नहीं।'