दुनिया का एकमात्र खिलाड़ी भारत के पास है, जिसके खाते में दर्ज है 100 शतक!
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इसमें तो कोई शक नहीं है कि मास्टर ब्लास्टर को सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में से एक माना जाता है। कई वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करने वाले तेंदुलकर का एकमात्र रिकॉर्ड सबसे अलग माना गया। कारण भी खास जो था, उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट में शतकों का सैकड़ा जमाया। इसे सबसे जुदा इसलिए माना गया क्योंकि लंबे समय तक कड़ी तपस्या के बाद तेंदुलकर इस उपलब्धि को हासिल करने में कामयाब हुए।
2011 वर्ल्ड कप में जब तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का 99वां शतक ठोंका तो क्रिकेट पंडितों और लोगों ने भविष्यवाणी कर दी कि बहुत जल्द मास्टर ब्लास्टर शतकों का शतक पूरा कर लेंगे। मगर सचिन की किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था। उन्हें अपने 100वें शतक के लिए एक साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। हम क्रिकेट पंडितों और लोगों की भविष्यवाणियों को गलत भी नहीं ठहरा सकता क्योंकि कई बार ये दिग्गज बल्लेबाज शतक के बेहद करीब पहुंचा, लेकिन उसे पूरा करने में सफल नहीं हुआ। 99वें शतक के बाद 100 शतक पूरा नहीं करने का दबाव भी सचिन तेंदुलकर के चेहरे पर दिखने लगा था। फैंस की निराशा का शोर भी गूंज रहा था। फिर 16 मार्च का दिन सचिन और देश के लिए ऐतिहासिक बन गया।
तेंदुलकर ने बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में अपने 100वें शतक को अंजाम दिया। इस एकदिवसीय मैच में 77।55 की स्ट्राइक रेट से कुल 114 रन बनाए थे। सचिन तेंदुलकर ने अपना 100वां शतक बनाने का कारनामा शाकिब अल हसन की गेंद पर किया। अपनी बल्लेबाजी से लोगों का भरपूर मनोरंजन करने वाले तेंदुलकर ने जब 100वां शतक पूरा किया तो उनका जश्न मनाने का अंदाज बेहद जुदा रहा। उन्होंने शतक पूरा करने का बेहद भावनात्मक संकेत दिया और फिर काफी रिलैक्स नजर आए।
सचिन विश्व के पहले बल्लेबाज हैं, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक पूरा करने का अद्भुत कारनामा किया है। वैसे आप उनके ये आंकडें जानकर भी हैरान हो जाएंगे कि वो 90-99 रन के बीच करीब 28 बार पवेलियन लौटे हैं। अब आप ही सोचिये कि अगर ये शतक उसमें जुड़ जाते तो रिकॉर्ड कैसे और कितने प्रभावी होते। भारत रत्न तेंदुलकर ने देश के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज कराया है, जिसे तोड़ना शायद किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा। बहरहाल, सचिन के इस शतक के बावजूद भारत को बांग्लादेश के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सचिन ने अपने 24 वर्ष के अंतरराष्ट्रीय कॅरियर में 51 टेस्ट और 49 वनडे शतक लगाए थे।