मिसाल: जूतों से रोहित शर्मा ने दिया प्लास्टिक मुक्त समंदर का संदेश, पहले गैंडा और अब दिखा कछुआ
- जन जागरुकता अभियान का हिस्सा बने रोहित शर्मा
- हर मैच में अपने खास जूतों से दे रहे अहम संदेश
- इस बार प्लास्टिक मुक्त समंदक का किया आह्वान
- जूतों में नीले पानी के बीच दिखा बड़ा कछुआ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रोहित शर्मा इस आईपीएल में मुंबई इंडियंस को लगातार तीसरा और कुल छठा खिताब दिलाना चाहते हैं। साथ ही साथ जब वह मैदान पर उतरते हैं तो एक खास मिशन भी अपने साथ लेकर चलते हैं। आरसीबी के खिलाफ उद्घाटन मैच में उन्होंने विलुप्त गैंडों की प्रजाति को बचाने की अपील की थी। अब अगले मैच में उन्होंने एक अलग संदेश दिया है।
चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम में केकेआर के खिलाफ रोहित ने अपने जूतों का इस्तेमाल जारी रखा। इस बार वह नीले रंग के पानी में टर्टल (बड़ा कछुआ) की तस्वीर वाले जूते पहने थे, जिससे वह समुद्रों को प्लास्टिक मुक्त करने का संदेश दे रहे थे। वन्यजीवों और पर्यावरण संबंधित मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने के लिए हिटमैन का यह प्रयोग स्वागत योग्य है।
Hey @adidas can we buy those #SavetheRhinos and #PlasticFreeOcean shoes of Rohit Sharma ? @ImRo45 @adidasrunning @adidasoriginals pic.twitter.com/kLFYDIv0bM
विज्ञापन विज्ञापन— 🌞 Krishna Kanth 🌎 🇮🇳 (@IamKK101) April 14, 2021
यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले मैच में वह किस तस्वीर वाले जूते पहनते हैं। वह पहले भी समुद्र में प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे को उठा चुके हैं। लगता है कि वह मिशन पर जुटे हुए हैं। रोहित ने आईपीएल के उद्घाटन मैच में 'एक सींग वाले गैंडे' की तस्वीर वाले जूते पहनकर विलुप्त गैंडों की प्रजाति को बचाने की अपील की थी।
Yesterday when I walked on to the field it was more than just a game for me. Playing cricket is my dream and helping make this world a better place is a cause we all need to work towards. (1/2) pic.twitter.com/fM22VolbYq
— Rohit Sharma (@ImRo45) April 10, 2021
मुंबई के इस 33 वर्षीय खिलाड़ी ने नौ अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ मैच के बाद अपने इंस्टाग्राम पर लिखा कि दुनिया को बेहतर बनाना सभी की जिम्मेदारी है और सभी को इसके लिए काम करने की जरूरत है।