'घायल' पुणे के सामने दिल्ली को रोकने की चुनौती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली डेयरडेविल्स के जांबाज नौजवान क्रिकेटर टीम के मेंटर राहुल द्रविड़ के भरोसे पर खरे पर उतर रहे हैं। द्रविड़ जैसे क्रिकेट के चतुर और माहिर उस्ताद के मार्गदर्शन में क्विंटन डी कॉक, संजू सैमसन, करुण नायर और ऋषभ पंत जैसे नौजवान क्रिकेटरों ने जोश के साथ आईपीएल 9 में जरूरी होश दिखाकर साबित किया है दमदार है दिल्ली की टीम।
केकेआर के हाथों हार के साथ आगाज और अपने घर में महज एक रन से गुजरात लायंस के हाथों हार का हिसाब शानदार अंदाज में चुकता कर दिल्ली ने यह दर्शाया है कि उसे भंवर से निकलना खूब आता है। अनुभवी तेज गेंदबाज जहीर खान के कुशल नेतृत्व में दिल्ली ने सात में पांच मैच जीत कर दर्शाया है कि उसने लय पा ली और उसकी टीम सबसे संतुलित टीम है।
दिल्ली बृहस्पतिवार को कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली जीत की पटरी पर लौटने को बेताब राइजिंग पुणे सुपरजाइंटस से भिड़ेगी। दिल्ली के कप्तान जहीर खान और पुणे के माहिर कप्तान माही की रणनीति का भी रोचक द्वंद्व इस मैच में देखने को मिलेगा। दनादन क्रिकेट में दो-तीन ओवर में कोई भी टीम कभी भी अर्श से फर्श पर आ सकती है। पुणे के सामने पूरे लय में खेल रही दिल्ली को उसके घर में जीतने से रोक पाने की मुश्किल चुनौती होगी।
मुंबई के खिलाफ जीत के साथ आगाज करने वाली इस संस्करण की नई टीम पुणे अपने चार विदेशी खिलाड़ियों के चोट के कारण बाहर हो जाने से बुरी ‘घायल ’होने के कारण आठ में महज दो जीत पाई है। पुणे टीम के तोप विदेशी खिलाड़ी केविन पीटरसन, फॉफ डू प्लेसिस, मिचेल मार्श और उसकी ओर से एकमात्र सेंचुरी जड़ने वाले स्टीव स्मिथ के चोट के कारण स्वदेश लौट जाने के कारण उसका पूरा संतुलन ही गड़बड़ा गया था।
धोनी की सबसे बड़ी मुश्किल अंतिम एकादश चुनना
पुणे के कप्तान धोनी के लिए सबसे मुश्किल होगा दिल्ली के खिलाफ बेहतरीन एकादश को चुनना। पुणे के लिए राहत की बात यह है कि उसके चार घायल विदेशी खिलाड़ियों की जगह बुलाए गए दो ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी -जॉर्ज बैली और उस्मान ख्वाजा टीम से जुड़ गए हैं। खासतौर पर रंग में चल रहे ख्वाजा के पुणे टीम से जुड़ने से उसका संतुलन जरूर कुछ बेहतर होगा लेकिन देखना यह होगा कि क्या उसके कप्तान धोनी इन दोनों को अंतिम एकादश में शामिल करने का जोखिम उठाएंगे। पुणे की पूरी कोशिश जीत की राह पर वापस लौटने की होगी।
दिल्ली की क्विंटन डी कॉक के सलामी जोड़ीदार की पहेली को अंडर-19 विश्व कप में द्रविड़ के शागिर्द रहे यंग ओपनर ऋषभ पंत ने गुजरात लायंस के खिलाफ शतकीय भागीदारी कर दिल्ली को एकतरफा जीत दिलाकर बहुत हद तक हल कर दिया। डी कॉक के साथ बतौर ओपनर ऋषभ पंत की शानदार जुगलबंदी के चलते पॉवरप्ले में अब दिल्ली पारी के तूफानी आगाज की आस कर सकती है। इन दोनों युवा ओपनरों के साथ ही दिल्ली के पास बतौर बल्लेबाज शीर्ष क्रम में यंग करुण नायर और संजू सैमसन और अनभुवी जेपी डुमिनी हैं।
मध्यक्रम में सैम बिलिंग के साथ ऑलराउंडर क्रिस मॉरिस उसे जरूरी संतुलन देते हैं। द्रविड़ किसी भी यंग बल्लेबाज की शैली बदले बिना मामूली जरूरी सलाह के साथ उसी के अंदाज में खेलने की छूट दे रहे हैं और इसी कारण ये सभी अपनी रंगत दिखा रहे हैं। दिल्ली के लिए इस सीजन में अब तक सबसे ज्यादा रन क्विंटन डी कॉक (7, मैच, 245 रन) ने बनाए है। पॉवरप्ले में कप्तान -मध्यम तेज गेंदबाज जहीर खान और आखिर यानी डेथ ओवर में क्रिस मॉरिस और मोहम्मद शमी की धारदार गेंदबाजी से दिल्ली का गेंदबाजी आक्रमण खासा संतुलित दिखाई देता है।
मिडलओवरों में लेग स्पिनर अमित मिश्रा (7 मैच, 9 विकेट) अभी भी दिल्ली के तुरुप के इक्के साबित हो रहे हैं। जहीर दरअसल मैच की जरूरत के हिसाब से आखिर के ओवर में गेंदबाजी कर रहे हैं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ स्पिनर जरूरी था तो ब्रैथवेट की जगह अमित मिश्रा के साथ बतौर लेग स्पिनर दिल्ली ने इमरान ताहिर को अंतिम एकादश में जगह दी थी । दिल्ली के कामयाब सफर की एक अहम कड़ी यह है कि मैच की जरूरत से हिसाब से बेहतरीन अंतिम एकादश का चयन और खिलाड़ियों का एक दूसरे से सहयोग। इसी का नतीजा है दिल्ली की हर जीत में एक नया हीरो उभर कर सामने आ रहा है। केकेआर के खिलाफ मैन ऑफ द’ मैच रहे कार्लोस ब्रैथवेट को गुजरात लायंस के खिलाफ एकादश से बाहर रख कर जरूरत के मुताबिक लेफ्ट आर्म स्पिनर शाहबाज नदीम को एकादश में शामिल करना जहीर और मेंटर द्रविड़ की तुरुप चाल साबित हुआ।
पुणे की बल्लेबाजी अजिंक्य रहाणे (8 मैच, 280 रन, चार अर्द्धशतक), कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (8 मैच, 146 रन), सौरभ तिवारी पर ही निर्भर करेगी। ऑस्ट्रेलिया के ओपनर उस्मान ख्वाजा को शामिल कर धोनी पुणे के शीर्ष क्रम को मजबूत कर सकते हैं। धोनी की पुणे टीम को यदि दिल्ली को हरा कर जीत की राह पर वापस लौटना चाहती है तो फिर उसके ऑलराउंडर तिषारा परेरा, एल्बी मॉर्केल और रजत भाटिया को गेंद के साथ बल्ले से भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
ऑलराउंडर जॉर्ज बैली को भी अंतिम एकादश में शामिल करने का बड़ा दांव खेलने का विकल्प पुणे के कप्तान धोनी के साथ है। दरअसल गेंद से ज्यादा कमाल कर परेरा ने आठ और भाटिया ने चार विकेट चटकाए हैं। तुरुप के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (8 मैच, 3 विकेट) और तेज गेंदबाज इशांत शर्मा (4 मैच, 3 विकेट) के न चल पाने से धोनी कीटीम की गेंदबाजी को लेकर परेशानी और बढ़ गई है। दिल्ली के खिलाफ विकेट चटकाने के लिए धोनी को मध्यम तेज गेंदबाज अशोक डिंडा (3 मैच, 6 विकेट) और अब तक इस सीजन के अपने दूसरे लेग स्पिनर मुरुगन अश्विन (8 मैच, 7 विकेट) पर निर्भर रहना होगा।