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Rishabh Pant Gabba Inning: ऋषभ पंत ने दर्द का इंजेक्शन लगवाकर खेली थी ऐतिहासिक पारी, टीम इंडिया ने रच दिया था इतिहास

Wed, 06 Apr 2022 07:24 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Wed, 06 Apr 2022 07:24 PM IST
सार

ऋषभ पंत ने अपने करियर की सबसे अहम पारी दर्द का इंजेक्शन लगवाकर खेली थी। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में 97 रन बनाए थे। उनकी इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर टेस्ट सीरीज जीती थी। 
 

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Rishabh Pant recalls his gabba inning when he played after taking pain killer against Australia
ऋषभ पंत - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत मौजूद समय में टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक हैं। वो तीनों फॉर्मेट में टीम इंडिया का हिस्सा हैं। उनके पास बीसीसीआई का ग्रेड ए का कॉन्ट्रैक्ट है। साल 2017 में भारत के लिए पहला मैच खेलने वाले पंत ने बहुत कम समय में भारतीय टीम में अहम जगह बना ली है। अब वो कप्तानी की रेस में भी शामिल हो चुके हैं और आने वाले समय में रोहित के जाने के बाद पंत को टीम इंडिया का कप्तान भी बनाया जा सकता है। हालांकि, पंत के लिए यह सब हासिल करना आसान नहीं रहा है। उनका करियर कई उतरा-चढ़ावों से भरा रहा है। 
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पंत को शुरुआत में धोनी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा गया था। इसके बाद वो कई मौकों पर गलत शॉट खेलकर आउट हुए और उनकी जमकर आलोचना हुई। अब पंत ने भारतीय महिला टीम की खिलाड़ी जेमिमाह रोड्रिग्स के साथ बातचीत में बताया है कि उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट क्या रहा। 
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97 रन की पारी ने बदला करियर 
ऋषभ पंत ने बताया कि साल 2020-21 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान उन्होंने 97 रन की बेहतरीन पारी खेली थी। इसके बाद उनका करियर बदल गया। भारत यह सीरीज 2-1 से जीता था। सीरीज का पहला टेस्ट भारत हार गया था। पंत इस मैच में टीम इंडिया का हिस्सा नहीं थे। वहीं दूसरे मैच में उन्हें टीम में शामिल किया गया और भारत ने यह मैच जीता। हालांकि, तीसरे मैच के दौरान वो चोटिल भी हो गए थे। 
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पंत ने कहा "मुझे पहला मौका दूसरे मैच में मिला था, जिसमें दोनों पारियों में 27 और 30 रन बनाए थे। मेरे लिए यह अच्छी शुरुआत थी, क्योंकि मैं वापसी करते हुए पहले से ही दबाव में था। हम यह मैच जीत गए। हमनें सीरीज में वापसी की। तीसरे मैच में भी हम दबाव में थे। उन्होंने हमारे सामने 400 के करीब का लक्ष्य रखा। पहली पारी में मुझे चोट लग गई। एक बाउंसर गेंद नीची रह गई और मेरी कुहनी में लगी। मैं पहली पारी में अपना हाथ नहीं हिला पा रहा था।"

पंत ने बताया "दूसरी पारी में ऋद्धि भाई ने मेरी जगह विकेटकीपिंग की। हमने स्कैन कराया और मुझे बड़ी चोट नहीं लगी थी, लेकिन दर्द काफी ज्यादा था। मुझे बल्लेबाजी करनी थी, इसलिए हम फिजियो से बात कर रहे थे। हमने दर्द का इंजेक्शन लगवाकर खेलने का फैसला किया। इसके बावजूद दर्द हो रहा था और मैं ठीक से बैट नहीं पकड़ पा रहा था। सामने पैट कमिंस, मिशेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाज थे, जो काफी तेज गति से गेंदबाजी करते हैं।" पंत ने इस मैच में 97 रन बनाए थे और यह मैच ड्रॉ कराने में अहम योगदान दिया था। उन्होंने पुजारा के साथ अहम साझेदारी की थी, इसके बाद अश्विन और हनुमा विहारी ने बेहतरीन साझेदारी कर भारत के लिए मैच बचा लिया था। 

इंजेक्शन लगवाने के बाद गोली भी खाई
पंत ने बताया कि दर्द के इंजेक्शन लगवाने के बावजूद उनका दर्द कम नहीं हो रहा था। वो खुद को समझा रहे थे कि उन्हें किसी भी सूरत में बल्लेबाजी करनी है। पहला उद्देश्य मैच को ड्रा कराना था, जीत का कोई इरादा नहीं था। क्योंकि यह मैच का आखिरी दिन था और हमें 400 रनों की जरूरत थी। इसके बाद पंत को पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी कराने के बारे में सोचा गया, क्योंकि वो चोटिल थे और उनके आउट होने पर बाद में आने वाले बल्लेबाज मैच बचा सकते हैं। 

लंच से पहले रहाणे आउट हो गए और पंत दबाव में थे। मैं मैदान के अंदर गया, मेरे ऊपर दबाव बढ़ता जा रहा था और मैं लय नहीं पकड़ रहा था। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी छींटाकशी कर रहे थे। वो मैच में आगे थे और इसे जीतना चाहते थे। लॉग ऑन अंदर था और पंत को ऑन साइड में गेंदबाजी की गई। उन्होंने चौका लगाया। कुछ ओवर बाद ऐसी ही गेंद पर उन्होंने छक्का लगाया और लॉग ऑन पीछे चला गया। अब पंत स्वाभाविक तरीके से खेल रहे थे। 


पुजारा और पंत की साझेदारी ने संभाला
पंत और पुजारा के बीच बेहतरीन साझेदारी हुई और मैच का रुख बदल गया। अब पंत का ध्यान मैच में जा चुका था और उनका दर्द कम हो गया। उन्होंने 97 रन बनाए। शतक से चूकने के लिए उन्हें बुरा लगा। उन्हें लगा कि वो भारत को यह मैच जिता सकते थे। इसके बाद अश्विन और विहारी ने यह मैच बचा लिया। दोनों के शरीर में काफी गेंदें लगी, लेकिन कोई भी आउट नहीं हुआ। अगले मैच में पंत ने 89 रन बनाए और अपनी टीम को जीत दिला दी। 
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