{"_id":"68e797d2b18e02d6ed0cca5c","slug":"ravichandran-ashwin-clarifies-no-one-forced-me-to-retire-it-was-my-personal-decision-2025-10-09","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Ashwin on Retirement: अश्विन ने किसी के दबाव में जबरदस्ती लिया संन्यास? 10 महीने बाद किया बड़ा खुलासा, जानें","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Ashwin on Retirement: अश्विन ने किसी के दबाव में जबरदस्ती लिया संन्यास? 10 महीने बाद किया बड़ा खुलासा, जानें
Thu, 09 Oct 2025 04:39 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 09 Oct 2025 04:39 PM IST
सार
अश्विन के इस बयान से यह साफ हो गया है कि टीम प्रबंधन या चयनकर्ताओं ने उन्हें संन्यास के लिए मजबूर नहीं किया था। उन्होंने कहा कि उनके फैसले के पीछे कोई बाहरी कारण नहीं था और न ही किसी ने उन पर दबाव बनाया।
विज्ञापन
रोहित और अश्विन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का उनका फैसला पूरी तरह निजी था और इसमें किसी ने उन पर कोई दबाव नहीं डाला। उन्होंने कहा कि किसी ने उनसे यह नहीं कहा कि टीम में तुम्हारे लिए जगह नहीं है। यहां तक कि दो-तीन लोगों ने उन्हें रिटायरमेंट टालने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने फैसला ले लिया था।
39 वर्षीय अश्विन ने पिछले साल दिसंबर में ब्रिस्बेन टेस्ट (बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25) के बाद अचानक संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने इस साल अगस्त में आईपीएल से भी संन्यास का एलान किया, जिससे वह अब विदेशी टी20 लीग में खेलने के लिए स्वतंत्र हो गए हैं। वह जल्द ही ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बनेंगे।
विज्ञापन
39 वर्षीय अश्विन ने पिछले साल दिसंबर में ब्रिस्बेन टेस्ट (बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25) के बाद अचानक संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया था। इसके बाद उन्होंने इस साल अगस्त में आईपीएल से भी संन्यास का एलान किया, जिससे वह अब विदेशी टी20 लीग में खेलने के लिए स्वतंत्र हो गए हैं। वह जल्द ही ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बनेंगे।
विज्ञापन
रोहित और गंभीर ने कही यह बात
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत में अश्विन ने बताया, 'रोहित शर्मा ने मुझसे कहा कि इस फैसले पर फिर से सोचो। गौती भाई (गौतम गंभीर) ने भी यही कहा। हालांकि, मैंने अजीत अगरकर (चयन समिति के अध्यक्ष) से इस बारे में ज्यादा बात नहीं की। जब कोई खिलाड़ी संन्यास लेता है तो यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय होता है, और मेरे लिए भी यह निजी फैसला था।'
अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत में अश्विन ने बताया, 'रोहित शर्मा ने मुझसे कहा कि इस फैसले पर फिर से सोचो। गौती भाई (गौतम गंभीर) ने भी यही कहा। हालांकि, मैंने अजीत अगरकर (चयन समिति के अध्यक्ष) से इस बारे में ज्यादा बात नहीं की। जब कोई खिलाड़ी संन्यास लेता है तो यह पूरी तरह व्यक्तिगत निर्णय होता है, और मेरे लिए भी यह निजी फैसला था।'
टीम मैनेजमेंट पर लगे आरोपों का खंडन
अश्विन के इस बयान से यह साफ हो गया है कि टीम प्रबंधन या चयनकर्ताओं ने उन्हें संन्यास के लिए मजबूर नहीं किया था। उन्होंने कहा कि उनके फैसले के पीछे कोई बाहरी कारण नहीं था और न ही किसी ने उन पर दबाव बनाया।
अश्विन के इस बयान से यह साफ हो गया है कि टीम प्रबंधन या चयनकर्ताओं ने उन्हें संन्यास के लिए मजबूर नहीं किया था। उन्होंने कहा कि उनके फैसले के पीछे कोई बाहरी कारण नहीं था और न ही किसी ने उन पर दबाव बनाया।
'स्पष्ट संवाद होना जरूरी'
अश्विन ने आगे कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के साथ टीम प्रबंधन को खुलकर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'विराट कोहली वनडे क्रिकेट के दिग्गज हैं। जिस तरह से उन्होंने और रोहित ने 2023 विश्व कप में बल्लेबाजी की, उन्हें खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है। मुझे उम्मीद है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने उनसे संवाद किया होगा।' अश्विन ने यह भी कहा, 'विराट और रोहित दोनों में अभी काफी क्रिकेट बाकी है। उनके अनुभव को कोई खरीद नहीं सकता। कोई भी कोच या चयनकर्ता यह नहीं कह सकता कि उनकी सेवाओं की अब जरूरत नहीं है।'
अश्विन ने आगे कहा कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों के साथ टीम प्रबंधन को खुलकर बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'विराट कोहली वनडे क्रिकेट के दिग्गज हैं। जिस तरह से उन्होंने और रोहित ने 2023 विश्व कप में बल्लेबाजी की, उन्हें खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है। मुझे उम्मीद है कि चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन ने उनसे संवाद किया होगा।' अश्विन ने यह भी कहा, 'विराट और रोहित दोनों में अभी काफी क्रिकेट बाकी है। उनके अनुभव को कोई खरीद नहीं सकता। कोई भी कोच या चयनकर्ता यह नहीं कह सकता कि उनकी सेवाओं की अब जरूरत नहीं है।'