कोरोना के चलते अश्विन का काउंटी करार रद्द, टीम से बाहर होने के बाद वाला अनुभव भी किया साझा
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कोरोना वायरस की वजह से भारत के अनुभवी ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और यॉर्कशायर क्रिकेट क्लब के बीच हुआ करार रद्द कर दिया गया। इंग्लैंड की काउंटी टीम यॉर्कशायर ने सोमवार को बताया कि आपसी सहमति से इस करार को रद्द कर दिया गया। अश्विन के अलावा दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर केशव महाराज और वेस्टइंडीज के बल्लेबाज निकोलस पूरन का भी अनुबंध रद्द किया गया। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने कोरोना वायरस महामारी के कारण हाल में सभी तरह के पेशेवर क्रिकेट को एक जुलाई तक रद्द कर दिया था।
इससे पहले सोमवार की सुबह अश्विन ने अपने आईपीएल के संघर्ष के दिनों की दास्तां सुनाई थी। बकौल अश्विन दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें पता चल गया था कि T-20 में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता। क्रिकेटर से कॉमेंटेटर बने संजय मांजरेकर के साथ ईएसपीएनक्रिकइन्फो के लिए पोडकास्ट में अश्विन ने बताया कि चेन्नई सुपरकिंग्स की तरफ से खेलते हुए आईपीएल 2010 ने प्रभावित किया।
अश्विन ने आईपीएल 2010 को याद किया जब दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें सीएसके की टीम से बाहर कर दिया गया। तब RCB के खिलाफ मैच में रॉबिन उथप्पा और मार्क बाउचर ने उनकी जमकर धुनाई की थी। रवि ने 14वां, 16वां, 18वां और 20वां ओवर किया था। वह युवा थे और महसूस कर रहे थे कि यह विकेट हासिल करने का अच्छा मौका है। तब उन्हें विकेट तो मिला नहीं, लेकिन 40-45 रन लुटाकर उन्होंने अपनी टीम को परेशानी में डाल दिया। अगला मैच सुपर ओवर तक खिंचा और अश्विन को टीम से बाहर कर दिया गया, तब उन्हें ऐसा लगा जैसे किसी ने करारा तमाचा जड़ा हो।
ये वे दिन थे जब आईपीएल फ्रैंचाइजी घरेलू मैचों के दौरान होटल की लागत बचाने के लिए केवल शीर्ष 18 खिलाड़ियों को ही टीम में रखते थे। अश्विन को भी घर में बैठकर सीएसके के मैच देखने पड़े थे। उन्होंने कहा, 'मुझे बाहर कर दिया गया। मुझे होटल छोड़ना पड़ा और मैं घर में बैठ गया। मुझे लगा कि मैं इससे बेहतर का हकदार था क्योंकि मैं वेस्ट इंडीज में होने वाले विश्व टी20 के 30 संभावित खिलाड़ियों (अश्विन तब भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाए थे) में शामिल था।
अश्विन ने स्वीकार किया कि फ्लेमिंग उनसे नाराज थे और इसलिए सीएसके के टीम प्रबंधन ने उनका पक्ष नहीं लिया। उन्होंने कहा, 'मैंने पहले तीन मैचों में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया था। केवल दो मैचों में मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। असल में मेरे स्टीफन फ्लेमिंग से बहुत अच्छे संबंध नहीं थे और उन्होंने मुझसे बात तक नहीं की। इसलिए मैं घर में बैठकर सीएसके के मैच देख रहा था और वादा कर रहा था कि एक दिन मैं परिदृश्य बदल कर रहूंगा।'
इसके बाद अश्विन ने लंबा सफर तय कर लिया है। इस 33 वर्षीय गेंदबाज ने अब 71 टेस्ट मैचों में 365 विकेट लिए हैं लेकिन साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में उनका रेकॉर्ड प्रभावशाली नहीं है। अश्विन ने कहा, 'मैंने इंग्लैंड में जितने मैच खेले उनसे मुझे यह अहसास हो गया कि एक स्पिनर के लिए विपरीत परिस्थितियों में गेंदबाजी करते हुए (घरेलू परिस्थितियों जैसा) रेकॉर्ड बरकरार रखने के लिए सही समय पर गेंदबाजी करने की जरूरत होती है। दूसरी बात आपको थोड़ा भाग्य की भी जरूरत पड़ती है।'
अश्विन ने इसके साथ ही कहा कि उनके साथी स्पिनर जडेजा नैसर्गिक तौर पर फिट खिलाड़ी हैं, जिन्हें फिट रहने के लिए उनकी तरह अतिरिक्त प्रयास नहीं करने पड़ते हैं। उन्होंने कहा, 'अगर मैं दिन में दो बार भी अभ्यास करता हूं और फिर अच्छी कैलोरी वाला भोजन करता हूं तो मेरी फिटनेस गड़बड़ा जाएगी। कुछ लोगों को ईश्वर का आशीर्वाद होता है। मुझे इस मामले में रवींद्र जडेजा से तुलना करना पसंद है। उन्हें ईश्वर का आशीर्वाद है, वह शारीरिक तौर पर बेहद फिट खिलाड़ी हैं। जडेजा नैसर्गिक क्रिकेटर, नैसर्गिक गेंदबाज, नैसर्गिक बल्लेबाज हैं।'