रणजी ट्रॉफी: शिखर धवन ने ठोका नाबाद शतक, टीम में वापसी के सवाल पर कहा- दिमाग में नहीं रखते
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शिखर धवन ने बुधवार को कोटला में एक साथ कई भूमिकाओं को अंजाम दिया। नाबाद शतक ठोकने के साथ वह दिल्ली के लिए संकटमोचक की भूमिका में तो थे ही साथ ही उन्होंने कप्तान, मेंटर और वरिष्ठ सदस्य होने के नाते टीम में ऊर्जा भरने वाले बड़े भाई के रोल को बखूबी अदा किया। धवन ने भी स्वीकारा कि जूनियर साथी क्रिकेटरों के साथ वह पूरी तरह घुलने-मिलने की कोशिश करते हैं। उन्होंने टीम की पूरी बल्लेबाजी यूनिट से न सिर्फ बात की बल्कि इशांत शर्मा को गेंदबाजों से बात करने को कहा। उन्होंने अपना अनुभव साथियों के साथ शेयर किया और उनमें ऊर्जा भरी।
आ गया है अपने को अनुशासित रखना
धवन के मुताबिक इस रणजी मैच से पहले वह बंगलूरू में अभ्यास कर रहे थे। जब यहां बल्लेबाजी करने उतरे तो सुबह गेंद स्विंग कर रही थी, लेकिन उन्होंने अपने अनुभव से काम लिया। पहले वह जब 20-25 रन बना लेते थे तो अपना प्रिय ड्राइव शॉट खेलने लगते थे, जिससे विकेट जाने का खतरा रहता था।
यहां उन्होंने पिच के हालत से सामंजस्य बिठाते हुए ड्राइव बिलकुल नहीं खेला। एक बार 67 के स्कोर पर ड्राइव खेला तो कैच हो गया। हालांकि यह नो बॉल निकली। ज्यादा ड्राइव नहीं खेली 20-25 रन बना लेता था तो खेलता था कंडीशन के अनुसार अपने को ढाला। हालांकि धवन ने यह भी साफ किया कि वह टीम में वापस आने या नहीं रहने की बात दिमाग में नहीं रखते हैं।