शिवाजी पार्क में बनेगी रमाकांत आचरेकर की मूर्ति: महाराष्ट्र सरकार ने किया बड़ा एलान, सचिन ने की फैसले की तारीफ
बुधवार को महाराष्ट्र सरकार ने आचरेकर की याद में मूर्ति बनाने का एलान किया। इसकी ऊंचाई छह फीट होगी और इसे शिवाजी पार्क के गेट नंबर 5 के पास स्थापित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग ने मंजूरी दे दी है।
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आचरेकर तेंदुलकर के बचपन के कोच थे। उन्होंने दिग्गज के क्रिकेट करियर की शुरुआत से लेकर अंत तक अहम भूमिका निभाई। उन्होंने तेंदुलकर के बचपन के दौरान उन्हें कोचिंग दी, साथ ही कई अन्य मुंबई के खिलाड़ियों को भी प्रशिक्षित किया जिन्होंने आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व किया। अब महाराष्ट्र सरकार ने आचरेकर के सम्मान में शिवाजी पार्क में उनकी मूर्ति बनाने का एलान किया है।
सचिन ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा- आचरेकर सर का मेरे और कई अन्य लोगों के जीवन पर बहुत प्रभाव रहा है। मैं उनके सभी छात्रों की ओर से बोल रहा हूं। उनका जीवन शिवाजी पार्क में क्रिकेट के इर्द-गिर्द घूमता था। शिवाजी पार्क में हमेशा रहना ही उनकी इच्छा रही होगी। मैं आचरेकर सर की कर्मभूमि पर उनकी प्रतिमा बनाने के सरकार के फैसले से बहुत खुश हूं।
Achrekar Sir has had an immense impact on my life and several other lives. I am speaking on behalf of all his students.
— Sachin Tendulkar (@sachin_rt) August 29, 2024
His life revolved around cricket in Shivaji Park. Being at Shivaji Park forever is what he would have wished for.
I am very happy with the government’s… pic.twitter.com/NIyVeYOy56
बुधवार को महाराष्ट्र सरकार ने आचरेकर की याद में मूर्ति बनाने का एलान किया। इसकी ऊंचाई छह फीट होगी और इसे शिवाजी पार्क के गेट नंबर 5 के पास स्थापित किया जाएगा। इस प्रस्ताव को महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग ने मंजूरी दे दी है। प्रस्ताव के अनुसार मूर्ति का रखरखाव वी कामथ मेमोरियल क्रिकेट क्लब द्वारा किया जाएगा जिसमें राज्य की ओर से कोई वित्तीय सहायता नहीं ली जाएगी।
सचिन के गुरु रमाकांत आचरेकर अब इस दुनिया में नहीं है। दो जनवरी 2019 को मुंबई में निधन हो गया था। सचिन को मास्टर-ब्लास्टर बनाने में आचरेकर का अहम योगदान रहा। उन्होंने सचिन को ही नहीं बल्कि विनोद कांबली, अजित अगरकर, चंद्रकांत पंडित और प्रवीण आमरे जैसे कई दिग्गज क्रिकेटरों को निखारा है। भारतीय क्रिकेट में इस अहम योगदान के लिए उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से नवाजा गया था।