R Ashwin Retired: भारतीय टीम में हो रहा था अश्विन का अपमान? स्पिनर ने तोड़ी चुप्पी, पिता के बयान पर दी सफाई
इस मुद्दे पर जब अश्विन के पिता से सवाल किया गया तो उन्होंने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा कि उन्हें परेशान किया जा रहा था। उनके इस बयान ने भारतीय टीम मैनेजमेंट को कटघरे में खड़ा कर दिया। अब भारतीय स्पिनर ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अश्विन ने एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा- मेरे पिता मीडिया प्रशिक्षित नहीं हैं, उन्हें नहीं पता क्या मामला है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि आप पिता के बयानों की इस समृद्ध परंपरा का पालन करेंगे। आप सभी से अनुरोध है कि उन्हें माफ कर दें और उन्हें अकेला छोड़ दें।
My dad isn’t media trained, dey father enna da ithelaam 😂😂.
— Ashwin 🇮🇳 (@ashwinravi99) December 19, 2024
I never thought you would follow this rich tradition of “dad statements” .🤣
Request you all to forgive him and leave him alone 🙏 https://t.co/Y1GFEwJsVc
दरअसल, अश्विन के पिता रविचंद्रन ने सीएनएन न्यूज 18 को दिए एक खास इंटरव्यू में बेटे के संन्यास पर खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें भी आखिरी समय में ही बेटे के संन्यास के विषय में पता चला। उन्होंने कहा- मुझे भी आखिरी मिनट में पता चला। उनके दिमाग में क्या चल रहा था, मुझे नहीं पता। उन्होंने बस घोषणा कर दी। मैंने भी इसे पूरी खुशी के साथ स्वीकार कर लिया। लेकिन जिस तरह से उन्होंने संन्यास की घोषणा की, उससे एक तरफ मैं बहुत खुश था, दूसरी तरफ खुश नहीं था क्योंकि उन्हें खेलना जारी रखना चाहिए था।
इस दौरान वह कोई पुख्ता कारण नहीं बता सके जिसकी वजह से दुनिया के सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट चटकाने वालों की लिस्ट में शुमार अश्विन ने संन्यास का निर्णय लिया। हालांकि, रविचंद्रन ने इशारों-इशारों में बताया कि शानदार रिकॉर्ड के बावजूद प्लेइंग इलेवन में नियमित जगह नहीं मिलना उनके लिए अपमानजनक रहा होगा। उन्होंने कहा, (संन्यास लेना) उनकी (अश्विन की) इच्छा और चाहत है, मैं इसमें दखल नहीं दे सकता। लेकिन जिस तरह से उन्होंने यह फैसला लिया, उसके कई कारण हो सकते हैं। केवल अश्विन ही जानते हैं, शायद अपमान के कारण ऐसा हुआ हो।
उनके पिता ने आगे कहा- निश्चित रूप से, इसमें कोई संदेह नहीं है (परिवार के लिए भावुक होना), क्योंकि वह 14-15 साल तक मैदान पर था। अचानक हुए बदलाव - रिटायरमेंट - ने हमें वाकई चौंका दिया। साथ ही, हम इसकी उम्मीद भी कर रहे थे क्योंकि अपमान हो रहा था। वह कब तक उन सभी चीजों को बर्दाश्त कर सकता है? शायद, उसने खुद ही फैसला किया होगा।