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पृथ्वी शॉ के फेल होने के बाद, बीसीसीआई की एंटी डोपिंग कार्यक्रम की खुली पोल
Wed, 31 Jul 2019 08:33 AM IST
Rohit Ojha
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rohit Ojha
Updated Wed, 31 Jul 2019 08:33 AM IST
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बीसीसीआई
पृथ्वी शॉ के मामले ने बीसीसीआई की एंटी डोपिंग टेस्ट की पोल खोल दी है। रिपोर्ट में खुद बताया गया है कि शॉ ने एंटी डोपिंग कार्यक्रम की दो से तीन वर्कशाप ली है। जबकि बोर्ड नाडा के संरक्षण में नहीं आने के लिए दावा करता है कि उसका एंटी डोपिंग कार्यक्रम काफी बेहतर है।
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शॉ ने नादानी भरी हरकत करते हुए एक मेडिकल स्टोर से दवा खरीद ली। उन्हें थेराप्यूटिक यूजएक्जंप्शन (टीयूई) के बारे में भी नहीं मालूम था। डोप कंट्रोल फॉर्म पर उन्होंने दवा का नाम लिखा सिर्फ एंटीबॉयोटिक्स का सेवन लिखा दिया।
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अगर वह दवा का नाम लिखते तो हो सकता था कि उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता। तीन जूनियर क्रिकेटरों के डोप में फंसने से यह साबित हो गया है कि बोर्ड का एंटी डोप जागरूकता कार्यक्रम कारगर साबित नहीं हुआ है।
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