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भारत-श्रीलंका दूसरा टेस्ट: पुजारा ने 50 वां टेस्ट बनाया स्पेशल, अपने 'गुरु' की बराबरी की
presented by शरद मिश्र
Updated Thu, 03 Aug 2017 05:24 PM IST
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पुजारा
- फोटो : india today
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टीम इंडिया के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने गुरुवार को 50 वां टेस्ट खेलते हुए कैरियर के 4000 रन पूरे कर लिए। पुजारा ने 84 पारी में यह आंकड़ा पार किया है। पुजारा ऐसा करके भारत की तरफ से टेस्ट में पारी के आधार पर सबसे तेज 4000 रन बनाने के मामले में राहुल द्रविड़ के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर आ गए हैं। उनसे और द्रविड़ से इस मामले में सिर्फ वीरेंद्र सहवाग (79 पारी) और सुनील गावस्कर (81 पारी) आगे हैं। द्रविड़ ने भी 84 पारी में इतने रन बनाए थे। पुजारा इस पारी में रनों के मामले में सहवाग और द्रविड़ को पीछे छोड़ सकते हैं। द्रविड़ ने 50 टेस्टों की 88 पारियों में 4135 रन बनाए हैं। सहवाग ने इतने ही टेस्ट में 83 पारियों में 4103 रन बनाए हैं।
टेस्ट मैचों की गिनती की बात करें तो 4000 रन सुनील गावस्कर ने 43 मैचों में पूरे किए थे। इसके बाद वीरेंद्र सहवाग और द्रविड़ ने 48 मैचों में यह आंकड़ा पार किया है।
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टेस्ट मैचों की गिनती की बात करें तो 4000 रन सुनील गावस्कर ने 43 मैचों में पूरे किए थे। इसके बाद वीरेंद्र सहवाग और द्रविड़ ने 48 मैचों में यह आंकड़ा पार किया है।
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पुजारा का सर्वोच्च स्कोर 206* रन है
पुजारा
- फोटो : The indian express
पुजारा ने अब तक टेस्ट में 12 शतक और 15 अर्धशतक लगाए हैं। पुजारा का सर्वोच्च स्कोर 206* रन रहा है। पुजारा को बड़ी पारी खेलने के लिए जाना जाता है और इसका सबूत इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 12 में 6 बार 150 या इससे बड़ी पारी खेली है। पुजारा ने कहा कि अभी तक का टेस्ट सफर शानदार रहा है। देश के लिये 50 वें टेस्ट मैच में खेलना मेरे लिये गर्व का क्षण है। गौरतलब है कि पुजारा के लिये उनका सात साल का अंतरराष्ट्रीय कैरियर 2015 तक मुश्किलों से भरा रहा। शुरूआती चरण में उन्हें घुटने की चोट का सामना करना पड़ा।
कामयाबी का सारा श्रेय पिता को देते हैं
पुजारा
- फोटो : The indian express
अपनी कामयाबी में पिता के योगदान को याद करते हुए पुजारा कहते हैं कि मेरे पिता ने हमेशा मेरे क्रिकेट को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई। वह मेरे सर्वश्रेष्ठ आलोचक रहे हैं। पुजारा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2010 में अपना पहला टेस्ट खेला था।