मुकाबला जिम्बाब्वे से, टीम इंडिया की नजर 3 रिकॉर्ड पर
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टीम इंडिया इस वर्ल्ड कप में अपने सभी पांचों मैच जीत चुकी है और खिताब बचाने के लिए नॉकआउट दौर में चुनौती पेश करने से पहले उसे अपना अंतिम लीग मैच भी खेलना है। भारत का अंतिम लीग मैच जिम्बाब्वे से है और यह मुकाबला न्यूजीलैंड के ऑकलैंड शहर में शनिवार सुबह भारतीय समयानुसार साढ़े 6 बजे से खेला जाएगा।
धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया वर्ल्ड कप इतिहास में लगातार 9 मैच जीतने का कारनामा कर चुकी है। पिछली बार टीम इंडिया वर्ल्ड कप में लगातार 4 मैच जीतकर जीत के अपने अजेय रथ को इस वर्ल्ड कप तक ले आए और अब तक लगातार 5 मैच जीत चुके हैं। धोनी अगर यह मैच जीत जाते हैं तो वह रिकी पोंटिंग के बाद वर्ल्ड कप में दुनिया के दूसरे सफल कप्तान बन जाएंगे। पोंटिंग ने 3 वर्ल्ड कप में मिलाकर लगातार 24 जीत हासिल करने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद वेस्टइंडीज के विवियन रिचर्ड्स का नंबर था जिन्होंने लगातार 9 मैच जीतने का रिकॉर्ड 1975 और 79 के वर्ल्ड कप में बनाया था। धोनी ने इस रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और एक जीत के साथ ही वह दूसरे सबसे सफल कप्तान बन जाएंगे।
धोनी के विजयी रथ का एक खास पहलू यह भी है कि आईसीसी की ओर से आयोजित वनडे टूर्नामेंट्स में वह लगातार 14 मैचों से अजेय है। वर्ल्ड कप के अलावा भारत ने 2013 में अजेय रहते हुए चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। भारतीय खिलाड़ी जिस अंदाज से खेल रहे हैं उससे यही लगता है कि उन्हें रोक पाना अफ्रीकी टीम के लिए आसान नहीं होगा।
टीम में बदलाव के मूड में नहीं कप्तान धोनी
टीम इंडिया बेशक पूल-बी में शीर्ष पर रहते क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है। लेकिन शनिवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ होने वाले मैच के नतीजे का भारतीय टीम की स्थिति पर फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन कप्तान धोनी का कहना है कि यदि किसी खिलाड़ी को चोट या फिटनेस की कोई समस्या हुई तभी अंतिम एकादश में कोई बदलाव किया जाएगा।
इसका मतलब यह है कि अंबाती रायडू, अक्षर पटेल, स्टुअर्ट बिन्नी या भुवनेश्वर कुमार को आगामी मैच में भी मौका शायद ही मिले। हालांकि भुवनेश्वर को शमी की अनुपस्थिति में एक मैच खेलने का मौका मिला है लेकिन फिलहाल उमेश यादव, शमी और मोहित शर्मा के आगे उनका पलड़ा हल्का पड़ गया है।
वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के बाद ही धोनी ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि ‘बेंच स्ट्रेंथ’ आजमाने का इरादा नहीं है और वह नियमित खिलाड़ी को आराम देकर नए खिलाड़ी को उतारने के पक्ष में नहीं हैं।
आयरलैंड के खिलाफ मैच के बाद हैमिल्टन में धोनी ने कहा था कि इस मामले में हम फिजियो की सलाह मानेंगे। यदि फिजियो समझते हैं कि खास खिलाड़ी को आराम की जरूरत है तब ही हम ऐसा करेंगे। यदि खिलाड़ी फिट है और चयन के लिए उपलब्ध है तो हम श्रेष्ठ एकादश उतारेंगे। वैसे भी दो मैचों के बीच इतना अंतराल है कि खिलाड़ियों को जरूरी आराम मिल रहा है।
लगातार छठी बार विपक्षी टीम को ऑलआउट करने पर नजर
अगर धोनी इस मैच के लिए अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं करते हैं तो भी उन्हें मैच के लिए ज्यादा माथापच्ची नहीं करनी होगी। भारतीय खिलाड़ियों को बस अपने पिछले प्रदर्शन को ही इस मैच में भी जारी रखना होगा। वर्ल्ड चैंपियन टीम के आगे जिम्बाब्वे कहीं नहीं ठहरती है लेकिन उन्हें कमजोर मानना भारत को महंगा पड़ सकता है। जिम्बाब्वे ने लीग चरण में दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए काफी परेशान किया था। यह टीम भी उलटफेर करने में माहिर है।
उछाल भरी पिच पर भारतीय बल्लेबाजों को सजग होकर बल्लेबाजी करनी होगी। शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे और सुरेश रैना को क्वार्टर फाइनल से पहले इस मैच के जरिए खुद का परखने का बेहतरीन मौका होगा। मैच फिनिशर के रूप में माहिर हो चुके धोनी भी एक बार फिर जरूरत पड़ने पर मैच जीताऊ पारी खेलना चाहेंगे। टीम का गेंदबाजी विभाग अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है और वह एक बार फिर विपक्षी टीम को 50 ओवर में ऑलआउट करना चाहेगी। अगर वे ऐसा करने में कामयाब होते हैं तो भारत पहली बार लगातार 6 मैचों में विपक्षी टीम को 50 ओवर में ऑलआउट करने का कारनामा करेगा।
मैच भले ही जिम्बाब्वे से हो रहा हो लेकिन टीम इंडिया रिकॉर्ड के लिए यह मैच बेहद खास होगा क्योंकि इस मैच से उसके 3 रिकॉर्ड (वर्ल्ड कप में लगातार जीत, आईसीसी के वनडे टूर्नामेंट में लगातार जीत के अलावा विपक्षी टीम को लगातार छठी बार ऑलआउट करने का रिकॉर्ड) दांव पर लगे हैं।