वनडे मैच के साथ मैदान पर वापसी करेंगे धोनी
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भले ही टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया से 4 मैचों की टेस्ट सीरीज 0-2 से हार गई हो लेकिन उसने इस सीरीज में दमदार खेल दिखाया। खासकर भारत के शीर्ष क्रम बल्लेबाजों ने। टेस्ट सीरीज खत्म होने के बाद अब त्रिकोणीय सीरीज शुरू हो गई है। भारत के अलावा इस सीरीज में मेजबान ऑस्ट्रेलिया के अलावा इंग्लैंड भी हिस्सा ले रही है।
वर्ल्ड कप से पहले तैयारियों के लिहाज से खासा महत्वपूर्ण माने जा रहे इस वनडे टूर्नामेंट का पहला मैच ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड से बोनस अंक के साथ जीत चुकी है। टूर्नामेंट का दूसरा मैच मेलबर्न में मेजबान टीम और भारत के बीच रविवार को भारतीय समयानुसार 8:50 से शुरू होगा।
भारत की टीम में ज्यादातर खिलाड़ी युवा हैं और पहली बार ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर भी हैं। वहीं कप्तान धोनी के लिए भी यह खास मौका होगा क्योंकि अब उनके पास वनडे और टी-20 की कप्तानी ही बची है। पिछले साल के अंत में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था।
टेस्ट की कप्तानी छोड़ने के 19 दिन वह कप्तानी की कुर्सी पर फिर बैठे और उनके पास वर्ल्ड कप से पहले अपने खिलाड़ियों को परखने के लिए यही आखिरी मौका है। उन्होंने इस दौरान टेस्ट से संन्यास लेने पर कुछ नहीं कहा लेकिन उन्होंने यह जरूर बताया कि उनकी नजर त्रिकोणीय सीरीज और वर्ल्ड कप पर है।
धोनी के सामने ओपनिंग की बड़ी समस्या
टेस्ट सीरीज के बाद बृहस्पतिवार को महज फील्डिंग का अभ्यास करने वाली टीम इंडिया ने शुक्रवार को बिल्कुल अलग रंग में नजर आई और खिलाड़ियों ने अपने पहले मुकाबले से पूर्व जमकर पसीना बहाया।
इस दौरान सभी निगाहें खासतौर पर टेस्ट सीरीज के बीच से संन्यास लेने वाले भारतीय कप्तान धोनी पर रहीं। अभ्यास के दौरान उन्होंने पहले कोच डंकन फ्लेचर के साथ खिलाड़ियों पर नजर रखी और फिर गेंदबाजी में भी हाथ आजमाया। इसके बाद भारतीय कप्तान बल्लेबाजी के लिए उतरे। उन्होंने स्पिनरों और तेज गेंदबाजों पर बड़े शॉट लगाए और शॉर्ट पिच गेंदों को खेलने का अभ्यास किया।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ त्रिकोणीय सीरीज के पहले मैच में टीम इंडिया की ओपनिंग की समस्या अब भी कायम है। अभ्यास में शिखर धवन के साथ रोहित शर्मा सबसे पहले बल्लेबाजी के लिए उतरे। जबकि विराट कोहली तीसरे और अजिंक्य रहाणे चौथे नंबर पर बल्लेबाजी अभ्यास के लिए आए। हालांकि अभ्यास सत्र किसी बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं करते, लेकिन इस भारतीय टीम के बारे में कहा जा सकता है कि अभ्यास सत्र के आधार पर ही टीम की अंतिम एकादश और उसका क्रम तय होता है।
देखना होगा कि रविवार को टीम किस बल्लेबाजी क्रम के साथ उतरती है। वह इसलिए क्योंकि रोहित ने ओपनिंग करते हुए 41 पारियों में 48.24 की औसत से रन बनाए हैं। अगर इनमें से उनके दो दोहरे शतक निकाल दिए जाएं तो 39 पारियों में यह औसत महज 37.48 की रह जाती है। जबकि चौथे से सातवें नंबर पर खेलते हुए उन्होंने 70 पारियों में 34.20 की औसत से रन किए हैं।
ऐसे में रोहित की तुलना में अजिंक्य रहाणे ने ओपनिंग करते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने 11 पारियों में 39.54 की औसत से रन बनाए। यह प्रदर्शन इसलिए भी बढ़िया कहा जा सकता है क्योंकि उनकी करियर औसत 29.28 है।
दबाव में रहेंगे टीम इंडिया के तेज गेंदबाज
टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने खूब रन खर्च किए थे जिस कारण टीम पर लगातार दबाव बना रहा। इस सीरीज के बाद अब बारी वनडे सीरीज की है। 50-50 ओवर के इस फॉरमेट में गेंदबाजों को ज्यादा से ज्यादा 10 ओवर ही फेंकने को मिलेंगे लेकिन इस 10 ओवरों में वे बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहते हैं तो टीम फिर से दबाव में होगी।
गेंदबाजी का दारोमदार अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा के अलावा भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी पर कंधों पर होगा। जबकि फिरकी गेंदबाजों आर अश्विन या अक्षर पटेल में से जिसे भी मैच में उतरने का मौका मिलता है उन्हें अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
हालांकि टेस्ट सीरीज के बाद भारतीय गेंदबाजी आक्रमण भले ही आलोचकों के निशाने पर हो, लेकिन टीम के कोच डंकन फ्लेचर खुलकर उनका बचाव कर रहे हैं। फ्लेचर ने कहा कि निश्चित रूप से वह इस बात से सहमत हैं कि गेंदबाजों के साथ काफी काम किया जाना बाकी है और उन्हें अपनी टेस्ट स्तर पर अपनी जिम्मेदारियां समझनी होंगी। मगर बेवजह उनकी आलोचना करना सही नहीं है। इन लोगों के पास ऐसे हालात में गेंदबाजी करने का अधिक अनुभव नहीं है। जल्द ही वे इससे अभ्यस्त हो जाएंगे।
फ्लेचर ने बीसीसीआई टीवी को दिए साक्षात्कार में मोहम्मद शमी का बचाव करते हुए कहा कि अगर आप सीरीज में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों को देखें तो पाएंगे कि शमी ने मिचेल जॉनसन से ज्यादा विकेट लिए हैं और दोनों की औसत भी लगभग समान है। शमी ने 15 जबकि जॉनसन ने 13 विकेट लिए। यहां खास बात यह है कि शमी का यह पहला ऑस्ट्रेलिया दौरा है। वहीं उमेश यादव (11) ने भी जोस हेजलवुड (12) से महज एक ही विकेट कम लिया है।