इंडियन टी-20 का 12वां सीजन खेला जा रहा है, जिसमें विराट कोहली की बैंगलोर ने अपने पिछले सभी 6 मुकाबलों में हार देखी है। इस टीम के ओपनर बल्लेबाज पार्थिव पटेल को छोड़ दें तो लगभग पूरी टीम के खिलाड़ियों ने निराश किया है। कई मैचों में पार्थिव अकेले अंत तक लड़े हैं, लेकिन टीम की नाकामयाबी ने हमेशा उनके योगदान को ढके रखा।
वहीं दूसरी ओर क्या आपको मालूम है कि पार्थिव इंडियन टी-20 लीग का कोई भी मुकाबला खेलने के बाद सीधे अस्पताल की तरफ रुख कर लेते हैं। इसकी वजह यह है कि पार्थिव के पिता काफी बीमार हैं और वो हैदराबाद के किसी अस्पताल में दाखिल हैं।
बैंगलोर के विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल इन दिनों दोहरी जिम्मदारियों का सामना कर रहे हैं। वह मैच के बाद बीमार पिता की देखभाल के अस्पताल जाते हैं। उनके पिता ब्रेन हैमरेज की वजह से अहमदाबाद में हैं। इसके अलावा पार्थिव को मैच खेलने के लिए लगातार दूसरे राज्यों में जाना पड़ रहा है।
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पार्थिव के पिता फरवरी से अस्पताल में भर्ती हैं। इसके चलते हर वक्त उनका ध्यान अपने फोन पर रहता है। फोन के जरिए ही उन्हें पिता की सेहत के बारे में पता चलता है। हालांकि मैच के दौरान पार्थिव का परिवार उन्हें फोन नहीं करता। पार्थिव ने बताया कि मैच के बाद जब भी वे फोन उठाते हैं तो उन्हें डर लग रहा होता है।
पार्थिव ने खुद एक अंग्रेजी अखबार को बताया, 'जब मैं खेल रहा होता हूं तब मेरे दिमाग में कुछ नहीं होता है लेकिन जैसे ही मैच पूरा होता है मेरा दिल घर को सोचने लगता है। सुबह उठते ही पापा की सेहत के बारे में पूछता हूं, डॉक्टरों से बात करता हूं। कभी कभी कुछ कड़े फैसले लेने होते हैं। मेरी मां और बीवी घर पर हैं लेकिन आखिरी फैसला लेने से पहले मुझसे ही पूछा जाता है। शुरुआती दिन काफी अहम थे- क्या कुछ दिन के लिए वेंटिलेटर बंद कर दें या कितना ऑक्सीजन दिया जाना चाहिए। ऐसे फैसले लेना काफी कठिन होता है।'