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Paris Olympics: जर्मनी के खिलाफ जीत भारतीय टीम को दिलाएगी फाइनल का टिकट, श्रीजेश और हरमनप्रीत पर रहेंगी नजरें
Tue, 06 Aug 2024 12:30 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: Mayank Tripathi
Updated Tue, 06 Aug 2024 12:30 PM IST
सार
रोहिदास की गैर मौजूदगी भारत को पेनाल्टी कॉर्नर में भी खलेगी क्योंकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह के बाद वह भारत के ड्रैग फ्लिक विशेषज्ञ हैं। उनकी गैर मौजूदगी में अब हरमनप्रीत पर अतिरिक्त दबाव रहेगा जो शानदार फॉर्म में हैं और अब तक सात गोल कर चुके हैं।
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भारतीय हॉकी टीम
- फोटो : @TheHockeyIndia
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विस्तार
ओलंपिक में 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने की राह पर भारतीय हॉकी टीम के सामने मंगलवार को सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन जर्मनी की चुनौती होगी और इस बाधा को पार करके टीम संकटमोचक पी आर श्रीजेश को शानदार विदाई देने के अपने मिशन की अगला कदम रखेगी। ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में 10 खिलाड़ियों तक सिमटने के बावजूद भारतीय टीम ने जिस साहस और कौशल का प्रदर्शन करके मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट तक खिंचा था। टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक मैच में जर्मनी की पेनाल्टी बचाकर भारत को 41 साल बाद पदक दिलाने वाले नायक श्रीजेश एक बार फिर जीत के सूत्रधार बने।
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भारतीय हॉकी टीम
- फोटो : twitter
उन्होंने शूटआउट में ब्रिटेन के दो शॉट बचाए और इससे पहले निर्धारित समय के भीतर भी ब्रिटेन ने 28 बार भारतीय गोल पर हमला बोला और दस पेनाल्टी कॉर्नर बनाए, लेकिन महज एक सफलता मिली। 36 वर्ष के श्रीजेश का यह आखिरी टूर्नामेंट है और उन्हें स्वर्ण पदक के साथ विदा करने का मिशन भारतीय टीम के लिए अतिरिक्त प्रेरणा बना है। भारत ने आठ ओलंपिक स्वर्ण में से आखिरी 1980 में मॉस्को में जीता था और अब पेरिस में उसके पास 44 साल बाद इतिहास रचने का मौका है। सेमीफाइनल जीतने पर भारत का रजत तो पक्का हो जाएगा जो आखिरी बार उसने 1960 में रोम में जीता था।
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भारतीय हॉकी टीम
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रोहिदास की गैर मौजूदगी भारत को पेनाल्टी कॉर्नर में भी खलेगी क्योंकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह के बाद वह भारत के ड्रैग फ्लिक विशेषज्ञ हैं। उनकी गैर मौजूदगी में अब हरमनप्रीत पर अतिरिक्त दबाव रहेगा जो शानदार फॉर्म में हैं और अब तक सात गोल कर चुके हैं। आधुनिक हॉकी में भारतीय डिफेंस का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था और जैसा कि कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा कि यह जीत नहीं एक स्टेटमेंट था।
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क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना को हराने वाली जर्मनी का सामना भारत से टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक के मैच में हुआ था जिसमें भारत ने 5-4 से जीत दर्ज की थी। श्रीजेश ने आखिरी सेकंड में पेनाल्टी कॉर्नर बचाया था। ओलंपिक से पहले भारत ने जर्मनी से अभ्यास मैच खेले थे और छह में से पांच जीते। इस साल जून में एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण में भारत ने जर्मनी को 3-0 से हराया, लेकिन रिटर्न मैच में 2-3 से हार गए।
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भारतीय हॉकी टीम के प्रमुख डिफेंडर अमित रोहिदास जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में नहीं खेल पाएंगे क्योंकि उन पर लगाए गए एक मैच के निलंबन के खिलाफ दायर की गई हॉकी इंडिया की अपील को इस खेल की विश्व संस्था एफआईएच ने खारिज कर दिया। रोहिदास को ब्रिटेन के खिलाफ रविवार को क्वार्टर फाइनल मैच के दौरान रेड कार्ड मिला था जिसके कारण एफआईएच ने उन्हें एक मैच के लिए निलंबित कर दिया था। इसका मतलब है कि इस महत्वपूर्ण मैच के लिए भारत के केवल 15 खिलाड़ी ही उपलब्ध रहेंगे जो आठ बार के ओलंपिक चैंपियन के लिए करारा झटका है।