12 साल पहले आज ही के दिन T-20 का बादशाह बना था भारत, मुंह की खाया था पाकिस्तान
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2007 में पहले टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया और पाकिस्तान आमने-सामने थी। सेमीफाइनल में मजबूत ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारतीय टीम सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी थी। सिर्फ मैच का रिजल्ट ही नहीं टॉस भी टीम इंडिया के नाम रहा। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और दिग्गज सौरव गांग़ुली के बिना टीम इंडिया यंग ब्रिगेड के सहारे फाइनल तक पहुंची थी।
टीम इंडिया की बल्लेबाजी में गौतम गंभीर सबसे ज्यादा स्कोरर रहे। उन्होंने 75 रन ठोके। इसके बाद रोहित शर्मा टीम के दूसरे बड़े स्कोरर रहे। उन्होंने 30 रन का योगदान दिया। अगर आज के टी-20 मैचों से तुलना की जाए तो भारत का 20 ओवरों में 157 का स्कोर उतना बड़ा नहीं था। लेकिन टीम इंडिया के जाबांजो ने हार नहीं मानी।
जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम इंडिया के शेर आरपी सिंह ने पहले ही ओवर में पाक ओपनर मोहम्मद हफीज को आउट कर टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत में पहला कदम बढ़ाया।पाक टीम 20 ओवर से पहले ही ऑलआउट हुई। पाक टीम के खतरनाक ऑलराउंडर यासिर अराफत को आउट करने के बाद इरफान पठान ने कुछ अंदाज में अपनी खुशी जाहिर की थी।
आखिरी पलों में टीम इंडिया में उन दो वक्त हलचल मच गई थी जब सोहेल तनवीर ने तेज गेंदबाज एस श्रीसंत पर लगातार दो छक्के जड़े थे। लेकिन श्रीसंत ने जल्दी ही उन्हें चलता किया। यही नहीं टीम इंडिया के लिए दूसरी बड़ी मुश्किल रहे पाक बल्लेबाज मिसबाह उल हक। मिसबाह भारतीय गेंदबाजों पर लगातार हावी हो रहे थे।