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ODI: लोकप्रियता कायम रखने के लिए वनडे प्रारूप को 40 ओवरों का चाहते हैं अकरम, घट रही है मैचों की संख्या
Tue, 21 Nov 2023 11:20 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 21 Nov 2023 11:20 PM IST
सार
इसमें कोई शक नहीं कि भारत विश्व क्रिकेट की धड़कन है और 45 दिनों तक चले विश्वकप के अधिकांश मैचों के दौरान स्टेडियम खचाखच भरे रहे। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि भारत ने अब तक के सबसे अधिक दर्शकों वाले वनडे विश्वकप का आयोजन किया है।
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वनडे विश्व कप के दौरान फैंस का हुजूम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
विश्वकप विजेता कप्तान पैट कमिंस ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें फिर से 50 ओवर के क्रिकेट से प्यार हो गया है, लेकिन मौजूदा समय में एकदिवसीय प्रारूप की भविष्य में प्रासंगिकता को लेकर बहस जारी है। वनडे मैचों की भारतीय टीम अगले साल सिर्फ छह एकदिवसीय मैच खेलेगी जबकि पाकिस्तान का अगला एकदिवसीय मुकाबला नवंबर 2024 में है। यह हाल तब है जबकि यह देश 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी (2025) की मेजबानी करेगा।ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या वनडे मैच केवल विश्वकप वर्ष में ही खेले जाने चाहिए? अगर नहीं, तो क्या वसीम अकरम और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों की सलाह पर प्रारूप में बदलाव किया जाना चाहिए। विश्वकप के दौरान अकरम ने इस प्रारूप को 50 के बजाय 40 ओवरों का करने की वकालत की तो वही तेंदुलकर काफी समय से इसमें ‘रोमांच’ बढ़ाने के लिए मैचों को 25-25 ओवरों की चार पारियों में बदलना चाहते हैं।
इसमें कोई शक नहीं कि भारत विश्व क्रिकेट की धड़कन है और 45 दिनों तक चले विश्वकप के अधिकांश मैचों के दौरान स्टेडियम खचाखच भरे रहे। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि भारत ने अब तक के सबसे अधिक दर्शकों वाले वनडे विश्वकप का आयोजन किया है।
भारत में हाल में संपन्न हुए वनडे विश्वकप के मैचों को 12 लाख 50 हजार दर्शकों ने स्टेडियम में जाकर देखा जो हर चार साल में होने वाली इस प्रतियोगिता का नया रिकॉर्ड है। दर्शकों का यह उत्साह हालांकि द्विपक्षीय शृंखला में शायद ही बरकरार रहे। खिलाड़ी और इस खेल को दिल से चाहने वाले टेस्ट क्रिकेट को पसंद करते हैं लेकिन टी-20 प्रारूप से दर्शक ज्यादा प्रेरित और रोमांचित होते हैं। इस प्रारूप का इस्तेमाल खेल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। डिजिटल युग में एकाग्र होकर क्रिकेट देखने का दायरा पहले से कहीं कम हो गया है। इसके साथ ही सभी के पास एक वनडे मैच के लिए आठ घंटे बिताने का समय और उत्साह नहीं है।
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भारत में आईसीसी वनडे विश्वकप यह साबित करने में सफल रहा कि इस खेल की वैश्विक स्पर्धा को देखने के लिए लोग तैयार हैं लेकिन द्विपक्षीय एकदिवसीय शृंखला को लेकर यह विश्वास नहीं जगता है।
वसीम अकरम ने कहा ‘मुझे अभी वनडे क्रिकेट से थोड़ी समस्या है। आजकल एक दिवसीय क्रिकेट में आप बहुत कम देखते हैं कि बीच के ओवरों (लगभग 30वें ओवर के आस पास) में कुछ दिलचस्प होता है। अगर 40 ओवर का प्रारूप होगा तो उस समय अधिक रोमांच होगा।’वहीं, वकार यूनुस ने कहा "एकदिवसीय क्रिकेट बहुत हद तक बल्लेबाजों के अनुकूल है। आईसीसी को मेरा सुझाव होगा कि 30 ओवर के बाद दो में से एक गेंद वापस ले ली जाए। इससे गेंद पूरे खेल के दौरान 35 ओवर पुरानी होगी और गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग करने का मौका मिलेगा। रिवर्स स्विंग की कला को बचाने के लिए यह जरूरी है।"
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इसमें कोई शक नहीं कि भारत विश्व क्रिकेट की धड़कन है और 45 दिनों तक चले विश्वकप के अधिकांश मैचों के दौरान स्टेडियम खचाखच भरे रहे। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि भारत ने अब तक के सबसे अधिक दर्शकों वाले वनडे विश्वकप का आयोजन किया है।
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भारत में हाल में संपन्न हुए वनडे विश्वकप के मैचों को 12 लाख 50 हजार दर्शकों ने स्टेडियम में जाकर देखा जो हर चार साल में होने वाली इस प्रतियोगिता का नया रिकॉर्ड है। दर्शकों का यह उत्साह हालांकि द्विपक्षीय शृंखला में शायद ही बरकरार रहे। खिलाड़ी और इस खेल को दिल से चाहने वाले टेस्ट क्रिकेट को पसंद करते हैं लेकिन टी-20 प्रारूप से दर्शक ज्यादा प्रेरित और रोमांचित होते हैं। इस प्रारूप का इस्तेमाल खेल को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। डिजिटल युग में एकाग्र होकर क्रिकेट देखने का दायरा पहले से कहीं कम हो गया है। इसके साथ ही सभी के पास एक वनडे मैच के लिए आठ घंटे बिताने का समय और उत्साह नहीं है।
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भारत में आईसीसी वनडे विश्वकप यह साबित करने में सफल रहा कि इस खेल की वैश्विक स्पर्धा को देखने के लिए लोग तैयार हैं लेकिन द्विपक्षीय एकदिवसीय शृंखला को लेकर यह विश्वास नहीं जगता है।
वसीम अकरम ने कहा ‘मुझे अभी वनडे क्रिकेट से थोड़ी समस्या है। आजकल एक दिवसीय क्रिकेट में आप बहुत कम देखते हैं कि बीच के ओवरों (लगभग 30वें ओवर के आस पास) में कुछ दिलचस्प होता है। अगर 40 ओवर का प्रारूप होगा तो उस समय अधिक रोमांच होगा।’वहीं, वकार यूनुस ने कहा "एकदिवसीय क्रिकेट बहुत हद तक बल्लेबाजों के अनुकूल है। आईसीसी को मेरा सुझाव होगा कि 30 ओवर के बाद दो में से एक गेंद वापस ले ली जाए। इससे गेंद पूरे खेल के दौरान 35 ओवर पुरानी होगी और गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग करने का मौका मिलेगा। रिवर्स स्विंग की कला को बचाने के लिए यह जरूरी है।"