श्रीलंकाई बल्लेबाज ने खोला राज, भारतीय खिलाड़ियों से उलझने की क्या थी असली वजह
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टीम इंडिया और श्रीलंका के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर पांचवें व अंतिम दिन का अंतिम सेशन पूरी तरह एंटरटेनिंग रहा। टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और श्रीलंकाई बल्लेबाज निरोशन डिकवेला के बीच झड़प ने मैच के रोमांच को दोगुना कर दिया। दर्शकों को दोनों खिलाड़ियों के बीच की झड़प बहुत रास आई।
श्रीलंकाई बल्लेबाज डिकवेला ने हालांकि स्वीकार किया है कि समय बर्बाद करने के इरादे से उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों से झड़प करना शुरू की। उनका मकसद भारतीय खिलाड़ियों से उलझकर उन्हें परेशान करने का था। टीम इंडिया जीत के बेहद करीब थी, लेकिन खराब रोशनी के कारण वो मैच नहीं जीत सकी। मेजबान टीम को जीत के लिए तीन विकेटों की जरुरत थी। मगर यह मैच ड्रॉ रहा।
श्रीलंकाई विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला ने खुलासा किया है कि इन सबकी शुरुआत पारी के 15वें ओवर से हुई थी। डिकवेला ने स्क्वायर लेग की दिशा में एक जबर्दस्त छक्का जड़ा था और स्क्वायर लेग के अंपायर को इशारा करके बताया था कि टीम इंडिया के तीन फील्डर स्क्वायर लेग के पीछे खड़े है, जो नए नियम के मुताबिक गलत है। अंपायर ने इसे नो बॉल करार दिया था।
कोहली पहले हुए नाराज, फिर समझ गए चाल
डिकवेला की इस हरकत से टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली खुश नहीं थे। उन्होंने बाएं हाथ के बल्लेबाज को अपना काम करने की सलाह दी। डिकवेला के हवाले से क्रिकबज ने कहा, 'मैंने स्क्वायर लेग के ऊपर से जो छक्का जड़ा, बस यही से इसकी शुरुआत हुई। तीन फील्डर स्क्वायर लेग के पीछे थे और अंपायर नाइजेल लांग का इस पर मैंने ध्यान दिलाया। नो बॉल द्दी और फिर कप्तान विराट कोहली मेरी तरफ आए और बोलने लगे कि वो अंपायर की जिम्मेदारी है, तुम्हें चिंता करने की कोई जरुरत नहीं है। यही से सब कुछ शुरू हुआ।'
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उन्होंने आगे कहा कि कोहली को एहसास था कि वो क्या कर रहे हैं, लेकिन शमी को पता नहीं था। विकेटकीपर बल्लेबाज ने कहा, 'मैंने सोचा, ये खिलाड़ियों से उलझकर समय बर्बाद करने का शानदार समय है। कोहली ने तुरंत मेरे भाव पहचान लिए और पीछे जाने लगे। फिर मोहम्मद शमी वाला वाकया हुआ। वो मजेदार था। मुझे लगने लगा कि मैंने लड़ाई जीत ली है।'
उन्होंने आगे कहा, 'शमी मेरे पास आए और बोले, देखो इधर, मैं यही का हूं। कोलकाता का हूं। फिर मैंने कहा, मुझे फर्क नहीं पड़ता।' कुछ सेकंड्स के बाद मैंने कहा, 'आप अच्छी गति और उछाल से गेंदबाजी कर रहे हो। वो इससे खुश हुए और वापस अपने रनअप पर चले गए।'
टीम इंडिया के खिलाड़ियों को निराश देख ऐसा महसूस कर रहे थे डिकवेला
24 वर्षीय डिकवेला ने स्वीकार किया कि वो भारतीयों को परेशान करने के लिए समय बर्बाद की तकनीक पहचान गया था, जो काम आ रही थी। डिकवेला ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि कप्तान दिनेश चंडीमल ने उन्हें शांत रहने के लिए कहा था।
उन्होंने कहा, 'जब बल्लेबाजी कर रहा था तब अपना समय ले रहा था। शमी गेंद डालने आए तो भारतीयों के साथ अच्छा नहीं हो रहा था। मैं इस परिस्थिति में बहुत खुश था। मेरे कप्तान दूसरी तरफ से मुझे शांत रहने के लिए बोल रहे थे और अपना नैसर्गिक खेल खेलने की सलाह दे रहे थे। टीम इंडिया के खिलाड़ी निराश हो रहे थे।'
डिकवेला की इस झड़प का अंत मोहम्मद शमी ने धमाकेदार अंदाज में किया। उन्होंने कप्तान दिनेश चंडीमल को पवेलियन भेजा। थोड़ी ही देर बाद भुवनेश्वर कुमार ने डिकवेला को LBW आउट करके मैच में जान लौटा दी।