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Nari Contractor: 60 साल बाद नारी कॉन्ट्रैक्टर के सिर से निकाली गई यह चीज, विंडीज के गेंदबाज के बाउंसर पर फटा था सिर
Thu, 07 Apr 2022 05:31 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Thu, 07 Apr 2022 05:31 PM IST
सार
चार्ली ग्रिफिथ की गेंद लगने के बाद कॉन्ट्रैक्टर छह दिनों तक बेहोश रहे थे। उनकी जिंदगी को बचाने के लिए पांच लोगों ने खून दिए थे। खून देने वालों में वेस्टइंडीज के फ्रैंक वॉरेल, बापू नादकर्णी, चंदू बोर्डे, पॉली उमरीगर और पत्रकार केएन प्रभु शामिल थे।
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नारी कॉन्ट्रैक्टर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट टीम 60 साल पहले वेस्टइंडीज के दौरे पर गई थी। टीम इंडिया तब 16 फरवरी 1962 से पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली थी। उस सीरीज के दूसरे टेस्ट के बाद भारतीय टीम बारबाडोस के खिलाफ एक वॉर्म-अप मैच खेली थी। उसी मुकाबले में भारत के नारी कॉन्ट्रैक्टर के सिर में चोट लगी थी। कैरेबियाई गेंदबाज चार्ली ग्रिफिथ ने वह गेंद फेंकी थी। उनकी गेंद पर नारी कॉन्ट्रैक्टर का सिर फट गया था।
नारी कॉन्ट्रैक्टर के सिर में मेटल प्लेट लगाया था। 60 साल बाद अब उस प्लेट को उनके सिर से सफलतापूर्वक निकाल दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से नारी कॉन्ट्रैक्टर को सिर में दर्द हो रहा था। डॉक्टरों ने उन्हें प्लेट निकलवा लेने की सलाह दी। सर्जरी के बारे में नारी कॉन्ट्रैक्टर के बेटे होशेदार ने कहा है कि उनके पिता अब पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें जल्द ही छुट्टी मिल जाएगी।
छह दिन तक रहे थे बेहोश
चार्ली ग्रिफिथ की गेंद लगने के बाद कॉन्ट्रैक्टर छह दिनों तक बेहोश रहे थे। उनकी जिंदगी को बचाने के लिए पांच लोगों ने खून दिए थे। खून देने वालों में वेस्टइंडीज के फ्रैंक वॉरेल, बापू नादकर्णी, चंदू बोर्डे, पॉली उमरीगर और पत्रकार केएन प्रभु शामिल थे। उस दौरान किसी तरह उनकी जान तो जरूर बच गई थी, लेकिन बाद में कई ऑपरेशन हुए। तमिलनाडु के एक अस्पताल में उनके सिर में मेटल प्लेट लगाई गई थी।
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'सिर की त्वचा हट रही थी'
होशेदार ने कहा कि पिता के सिर का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। हम एक साथ कोई कदम नहीं उठाएंगे। दरअसल, मेटल प्लेट के कारण सिर के उस हिस्से की त्वचा हट रही थी। इसे देखकर मेटल प्लेट को हटाने की सलाह डॉक्टरों ने दी। इससे हम चिंतित हो गए थे, लेकिन सबकुछ ठीक से हो गया।
चोट के बाद समाप्त हो गया था अंतरराष्ट्रीय करियर
भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेलने वाले 88 साल के नारी कॉन्ट्रैक्टर ने 138 प्रथम श्रेणी मैच भी खेले हैं। 1962 में लगी उस चोट के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया। बाद में उन्होंने कुछ प्रथम श्रेणी मैचों जरूर हिस्सा लिया, लेकिन टीम इंडिया में वापस नहीं आ सके। कॉन्ट्रैक्टर ने 1959 में इंग्लैंड के खिलाफ टूटी पसलियों के बावजूद लॉर्ड्स के मैदान पर 81 रन बनाए थे।
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नारी कॉन्ट्रैक्टर के सिर में मेटल प्लेट लगाया था। 60 साल बाद अब उस प्लेट को उनके सिर से सफलतापूर्वक निकाल दिया गया है। पिछले कुछ दिनों से नारी कॉन्ट्रैक्टर को सिर में दर्द हो रहा था। डॉक्टरों ने उन्हें प्लेट निकलवा लेने की सलाह दी। सर्जरी के बारे में नारी कॉन्ट्रैक्टर के बेटे होशेदार ने कहा है कि उनके पिता अब पूरी तरह ठीक हैं और उन्हें जल्द ही छुट्टी मिल जाएगी।
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छह दिन तक रहे थे बेहोश
चार्ली ग्रिफिथ की गेंद लगने के बाद कॉन्ट्रैक्टर छह दिनों तक बेहोश रहे थे। उनकी जिंदगी को बचाने के लिए पांच लोगों ने खून दिए थे। खून देने वालों में वेस्टइंडीज के फ्रैंक वॉरेल, बापू नादकर्णी, चंदू बोर्डे, पॉली उमरीगर और पत्रकार केएन प्रभु शामिल थे। उस दौरान किसी तरह उनकी जान तो जरूर बच गई थी, लेकिन बाद में कई ऑपरेशन हुए। तमिलनाडु के एक अस्पताल में उनके सिर में मेटल प्लेट लगाई गई थी।
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'सिर की त्वचा हट रही थी'
होशेदार ने कहा कि पिता के सिर का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। हम एक साथ कोई कदम नहीं उठाएंगे। दरअसल, मेटल प्लेट के कारण सिर के उस हिस्से की त्वचा हट रही थी। इसे देखकर मेटल प्लेट को हटाने की सलाह डॉक्टरों ने दी। इससे हम चिंतित हो गए थे, लेकिन सबकुछ ठीक से हो गया।
चोट के बाद समाप्त हो गया था अंतरराष्ट्रीय करियर
भारत के लिए 31 टेस्ट मैच खेलने वाले 88 साल के नारी कॉन्ट्रैक्टर ने 138 प्रथम श्रेणी मैच भी खेले हैं। 1962 में लगी उस चोट के बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर समाप्त हो गया। बाद में उन्होंने कुछ प्रथम श्रेणी मैचों जरूर हिस्सा लिया, लेकिन टीम इंडिया में वापस नहीं आ सके। कॉन्ट्रैक्टर ने 1959 में इंग्लैंड के खिलाफ टूटी पसलियों के बावजूद लॉर्ड्स के मैदान पर 81 रन बनाए थे।