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सौराष्ट्र को रौंदकर मुंबई बना रणजी चैंपियन
मुंबई/एजेंसी
Updated Mon, 28 Jan 2013 09:34 PM IST
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मेजबान मुंबई ने सौराष्ट्र को पारी और 125 रन से शिकस्त देकर रिकॉर्ड 40वीं बार रणजी चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। मुंबई कुल 44वीं बार फाइनल खेलने उतरी थी। पिछले दो सीजन खराब रहने के बाद आखिरकार मुंबई एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम करने में सफल रही।
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सौराष्ट्र को खली पुजारा, जडेजा की कमी
स्टार खिलाड़ियों से भरी मुंबई इस खिताबी मुकाबले में पहले दिन से ही सौराष्ट्र पर भारी रही। यहां के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल में सौराष्ट्र को अपने स्टार बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और आलराउंडर रविंद्र जडेजा की काफी कमी खली। नतीजतन, पहली बार फाइनल खेलने वाली सौराष्ट्र को मैच के तीसरे दिन ही करारी हार का सामना करना पड़ा।
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दूसरी पारी में 82 पर ढेर हुआ सौराष्ट्र
मैच के तीसरे दिन सुबह मुंबई ने पहली पारी छह विकेट पर 287 रन से आगे शुरू की जो 355 रन पर सिमटी। पहली पारी के आधार पर मुंबई को 207 रन की विशाल बढ़त हासिल हुई। जवाब में, मीडियम पेसर अजीत अगरकर और धवल कुलकर्णी की घातक गेंदबाजी के आगे सौराष्ट्र ने दूसरी पारी में सिर्फ 82 रन पर घुटने टेक दिए। पहली पारी में भी सौराष्ट्र की टीम 148 रन बनाकर पवेलियन लौट गई थी।
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अगरकर, कुलकर्णी ने बरपाया कहर
अगरकर और कुलकर्णी ने सटीक लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी की। दोनों गेंदबाजों ने अच्छी पेस, बाउंस और स्विंग के साथ सौराष्ट्र के बल्लेबाजों का बोरिया-बिस्तर बांध दिया। सौराष्ट्र के पांच बल्लेबाज 11 और सात बल्लेबाज 34 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। शुरुआती सात बल्लेबाजों में से कोई भी दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सका। दसवें नंबर के बल्लेबाज धर्मेंद्र जडेजा ने सर्वाधिक 22 रन बनाए।
मुंबई के लिए कप्तान अगरकर ने 15 रन देकर चार जबकि कुलकर्णी ने 32 रन देकर पांच विकेट चटकाए। कुलकर्णी ने मैच में कुल नौ विकेट हासिल किए। पहली पारी में 132 रन की शानदार पारी खेलने वाले मुंबई के ओपनर वसीम जाफर ‘मैन ऑफ द मैच’ बने। इस जीत से मुंबई ने खिताब कब्जाने के साथ ही ईरानी ट्रॉफी में शेष भारत के साथ खेलने का अधिकार भी पा लिया। यह मुकाबला मुंबई में ही छह से 10 फरवरी तक खेला जाएगा।
पैसों की बरसात
रणजी ट्रॉफी चैंपियन बनने के बाद मुंबई टीम मालामाल भी हो गई। चैंपियन बनने के बाद मुंबई को बीसीसीआई की ओर से विजेता राशि के तौर पर दो करोड़ रुपये मिले। मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने जीत पर खुश होकर टीम को तीन करोड़ रुपये बतौर इनाम दिया। वहीं उपविजेता रही सौराष्ट्र की टीम को एक करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली।
‘मुझे अपने लड़कों पर गर्व है। हमारे नए खिलाड़ियों ने जल्दी तालमेल बिठा लिया जो हमारी ताकत है। यह हमेशा अह है कि आप आगे बढ़कर टीम का नेतृत्व करे और अपनी जगह सुरक्षित न समझे। हम सभी मुंबई का इतिहास जानते हैं और हमेशा उसे बनाए रखने की कोशिश करते हैं। ’ -अजीत अगरकर, कप्तान, मुंबई
‘यह बेहद दिल तोड़ने वाली हार है। मुंबई ने हमें खेल के हर विभाग में पछाड़ दिया। हमें उनसे सीखने की जरूरत है और अगले साल हम और मजबूत होकर वापसी करेंगे।’ -जयदेव शाह, कप्तान, सौराष्ट्र