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संन्यास के बाद धोनी क्या करेंगे? सवाल का मिला जवाब, इस खास व्यापार में दिखाई रुचि
Thu, 12 Nov 2020 08:58 AM IST
अनवर अंसारी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 12 Nov 2020 08:58 AM IST
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एमएस धोनी
- फोटो : social media
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने खेल के तीनों प्रारूपों से संन्यास ले लिया है। संन्यास के बाद धोनी ने एक खास व्यापार में अपनी रुचि दिखाई है। मिली जानकारी के अनुसार, धोनी ने रांची में झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गों का व्यापार करने का मन बनाया है। धोनी ने इसके लिए बुकिंग भी करा दी है। दरअसल, धोनी ने मध्यप्रदेश में झाबुआ के कड़कनाथ के दो हजार चूजों के लिए अग्रिम भुगतान के साथ ऑर्डर दे दिया है।
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क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से धोनी ने जैविक खेती में हाथ आजमाया है। अब खेती के साथ वह मुर्गों की फार्मिंग में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। मुर्गों की बुकिंग के लिए धोनी ने अपने पुराने दोस्त और वेटेनरी डॉक्टर कुल्डु की मदद ली है। मुर्गों की बुकिंग के लिए झाबुआ के रहने वाले आदिवासी किसान विनोद मैडा को अग्रिम भुगतान कर दिया गया है। मैडा को 15 दिसंबर तक दो हजार चूजों की डिलीवरी करनी है।
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आदिवासी किसान विनोद मैडा ने बताया कि धोनी से यह ऑर्डर मिलने के बाद वह काफी खुश हैं। उन्होंने बताया कि वह चूजों की डिलीवरी देने के लिए खुद रांची जाएंगे, ताकि धोनी से उनकी मुलाकात हो सके। बताया गया है कि धोनी ने पहले चूजों के लिए झाबुआ के कड़कनाथ मुर्गा अनुसंधान केंद्र से संपर्क किया, लेकिन केंद्र में इनकी अनुपलब्धता के चलते उन्हें आदिवासी किसान को इसका ऑर्डर देना पड़ा।
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क्या है कड़कनाथ मुर्गा
आदिवासियों की क्षेत्रीय भाषा में कड़कनाथ प्रजाति के मुर्गा-मुर्गीयों को कालीमासी कहा जाता है। इसका मांस, चोंच, कलंगी, जुबान, टांगे, नाखून चमड़ी सभी काले होते है। इसमें प्रोटिन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है। वहीं वसा बहुत कम होता है। मुर्गे की यह प्रजाति धार और झाबुआ, मध्यप्रदेश, बस्तर (छत्तीसगढ़), गुजरात और राजस्थान के आसपास के जिलों सहित लगभग 800 वर्ग मील (2,100 किमी) को कवर करती है। कड़कनाथ मुर्गे की प्रजाति के तीन रूप होते है। पहला जेड ब्लैक, इसके पंख पूरी तरह से काले होते हैं। पेंसिल्ड, इस मुर्गे का आकार पेंसिल की तरह होता है।गोल्डन कड़कनाथ, इस मुर्गे के पंख पर गोल्डन छींटे दिखाई देते हैं।