धोनी के संन्यास के 6 दिन बाद बोले विराट कोहली
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महेंद्र सिंह धोनी ने पिछले साल के अंत में मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच को ड्रॉ कराने के तुरंत बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया था। धोनी के इस फैसले की किसी को उम्मीद भी नहीं थी और वह भी विदेशी धरती पर टेस्ट सीरीज के बीच में। धोनी ने संन्यास का फैसला उस समय लिया जब 4 मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया 0-2 से पीछे थी।
हालांकि धोनी के अचानक संन्यास लेने के पीछे उपकप्तान विराट कोहली और टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री के बीच बढ़ती जुगलबंदी को इसका अहम कारण माना जा रहा है। ऐसी बात सामने आने पर शास्त्री ने यह सफाई जरूर दी धोनी के संन्यास के पीछे कोहली कारण नहीं हैं।
धोनी ने 30 दिसंबर को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया और उनके संन्यास लेने के लगभग 6 दिन इस प्रकरण पर चुप्पी साधने वाले नवनियुक्त टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने पहली बार अपनी जुबान खोली है। पूर्णकालिक टेस्ट टीम के कप्तान बनने पर कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया मंगलवार से सिडनी में सीरीज का चौथा टेस्ट मैच खेलने जा रही है।
'हमें धोनी से अभी और सीखना था'
महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के 6 दिन बाद पहली बार कप्तान विराट कोहली ने अपनी जुबान खोली है।
कोहली ने सिडनी टेस्ट की पूर्वसंध्या पर कहा कि धोनी के संन्यास लेने का फैसला चौंकाने वाला था और टीम के सदस्यों के लिए यह बड़ा झटका था। उन्होंने कहा, "हम सभी इस फैसले से चकित थे क्योंकि यह अचानक ही हो गया। हमें इसको लेकर कोई आइडिया नहीं था।"
कोहली ने कहा, "हमें कभी नहीं लगा कि यह दिन आने वाला है इसलिए सभी इससे शॉक्ड रह गए। उनसे अभी और काफी कुछ सीखना था, खासकर कठिन परिस्थितियों के बारे में (संयम और नाजुक मोड़ पर फैसले लेने के बारे में)।" उन्होंने कहा, "इन सब चीजों की कोई कीमत नहीं है। मुझे उम्मीद है कि मैं भी उनकी तरह शांत रहूंगा, लेकिन हर किसी का अपना अंदाज होता है।"
सिडनी टेस्ट के बारे में कोहली ने कहा कि वह अपनी टीम को सकारात्मक खेल खेलने के लिए प्रेरित करेंगे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार चुनौती पेश करने को प्रोत्साहित करेंगे।
कोहली बोले, हम अपनी सीमाएं पार नहीं करेंगे
महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद भारत की टेस्ट टीम के लिए पहले बार पूर्णकालिक कप्तान बने विराट कोहली सिडनी में अपनी टीम की अगुवाई उस समय करने उतरेंगे जब टीम इंडिया पहले ही 4 मैचों की सीरीज 0-2 से गंवा चुकी है।
कोहली ने कहा, "खिलाड़ियों के लिए यह महत्वपूर्ण होगा कि हम सकारात्मक ढंग से मैदान पर उतरें और हमें अपनी सीमाएं पार नहीं करनी चाहिए। लेकिन हम यहां किसी तरह से विवाद को बढ़ाने के लिए नहीं हैं। आप अभी भी सकारात्मक क्रिकेट देखेंगे और कुछ आक्रामकता भी होगी।"
सिडनी टेस्ट से पहले कोहली ने भारत के लिए पहली बार इसी सीरीज के पहले टेस्ट में कप्तानी की थी। धोनी अंगूठे में चोट के कारण एडिलेड में होने के बावजूद मैच खेलने नहीं उतरे थे। हालांकि सीरीज गंवाने के बावजूद कोहली के लिए यह सीरीज अब तब बेहद शानदार रहा है और 83.16 की औसत से 3 शतकों की मदद से 499 रन चुके हैं।
बल्ले से रन बनाने के अलावा कोहली ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से उलझ चुके हैं। उनकी मैदान पर डेविड वॉर्नर, मिचेल जॉनसन और ब्रैड हैडिन के साथ गर्मागर्मी हो चुकी है।