फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   MS Dhoni real arrival in international cricket, when he scored 148 runs in Vizag ODI against Pakistan

आज ही के दिन धोनी ने पाकिस्तान को धो डाला था, दुनिया ने देखी थी ताकत की पहली धमक

Sun, 05 Apr 2020 01:29 PM IST
Anshul Talmale अंशुल तलमले
Updated Sun, 05 Apr 2020 01:29 PM IST
विज्ञापन
MS Dhoni real arrival in international cricket, when he scored 148 runs in Vizag ODI against Pakistan
महेंद्र सिंह धोनी विशाखापट्टनम - फोटो : ट्विटर

रांची की गलियों से निकले एक खिलाड़ी ने नीली जर्सी पहनने का ख्वाब देखा था। परिवार मूलत: उत्तराखंड का रहने वाला था, लेकिन माही का जन्म झारखंड (तब के बिहार) के रांची में हुआ। लंबे बालों वाला क्रिकेट का यह सितारा कभी विकेटकीपर नहीं गोलकीपर बनना चाहता था। स्कूल मैच में एक दिन टीम का विकेटकीपर नहीं आया तो फुटबॉल टीम के गोलकीपर महेंद्र को कोच केशव रंजन बनर्जी ने स्टंप्स के पीछे खड़ा करा दिया। बारी बल्लेबाजी की आई तो सभी को लगा कि माही 3-4 रन भी बना ले तो बहुत है, लेकिन उन्होंने तो कमाल करते हुए 23 रन बना डाले। कक्षा सातवीं क्लास के उस मैच के बाद ही धोनी की मंजिल बदल गई। छोटे शहरों से निकले खिलाड़ियों के लिए भारतीय टीम में जगह बनाना उस दौर में माउंट एवरेस्ट फतह करने से कम मुश्किल नहीं होता था। महेंद्र सिंह धोनी भी इन्हीं चुनौतियों को पार करने में लगे थे। खेल के दम पर सरकारी नौकरी मिल गई। रेलवे में टिकट कलेक्टर बने तो परिवार ने भी सोचा कि चलो अब बेटे का भविष्य संवर गया, लेकिन आंखों में बसे बड़े सपनों ने उस योद्धा को रूकने नहीं दिया।

विज्ञापन

ऐसे मिली टीम इंडिया में एंट्री

MS Dhoni real arrival in international cricket, when he scored 148 runs in Vizag ODI against Pakistan
डेब्यू मैच में रन आउट होते धोनी - फोटो : ट्विटर

2003 विश्व कप में आपने देखा होगा कि राहुल द्रविड़ बतौर विकेटकीपर टीम में खेला करते थे, ये वो दौर था जब भारतीय क्रिकेट टीम के पास कोई विशेषज्ञ विकेटकीपर बल्लेबाज नहीं था। तब मुख्य चयनकर्ता किरण मोरे हुआ करते थे। विश्व कप हारने के बाद सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम पुनर्गठित हो रही थी। 2004 में मोहाली में नॉर्थ और ईस्ट जोन के बीच मुकाबला हुआ, खबर आई कि दीपदास गुप्ता (जो मौजूदा दौर में कमेंट्री करते हैं) चोटिल हैं और उनकी जगह नए खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी विकेटकीपिंग करेंगे। इस सुनहरे मौके को लंबे बालों वाले इस महत्वकांक्षी खिलाड़ी ने दोनों हाथों से भुनाया। पांच कैच लपके और 47 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के की मदद से 60 रन बनाए। अपने करियर के शीर्ष पर चल रहे भारतीय टीम के पेसर आशीष नेहरा को मारे गए गगनचुंबी सिक्सर्स ने चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया, इसके बाद उन्हें पहली बार इंडिया-ए टीम में जगह मिली।

कुछ ही महीनों में इंडिया ए टीम जिम्बाब्वे और केन्या दौरे पर गई। यह टूर धोनी के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। केन्या दौरे पर केन्या, भारत A और पाकिस्तान A के बीच खेली गई त्रिकोणीय सीरीज में धोनी ने छह पारियों में 72.40 की औसत से दो शतक समेत कुल 362 रन ठोके। दोनों शतक पाकिस्तान A के खिलाफ थे, शायद यही से उनका पाकिस्तान प्रेम जाग उठा। भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने उन्हें टीम इंडिया में जगह दी। भले ही बाद में माही दुनिया के बेहतरीन फिनिशर बने, लेकिन डेब्यू मैच में वे खाता तक नहीं खोल पाए थे। 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ 7वें नंबर पर उतरे और बिना खाता खोले रन आउट हो गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

फिर निकली वन-डे क्रिकेट इतिहास की बेहतरीन पारी

MS Dhoni real arrival in international cricket, when he scored 148 runs in Vizag ODI against Pakistan
महेंद्र सिंह धोनी विशाखापट्टनम - फोटो : ट्विटर

पांच अप्रैल 2005 का दिन। विशाखापट्टनम का मैदान। सामने पाकिस्तानी टीम।

रणजी के रण से निखरकर रांची का यह लड़का टीम इंडिया तक तो पहुंच चुका था, लेकिन अभी खुद को साबित करना शेष था। बांग्लादेश के खिलाफ अपनी पहली सीरीज में बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए थे। शुरुआती चार मैच में सिर्फ 22 रन ही बल्ले से निकले थे। मगर कप्तान गांगुली ने विश्वास बनाए रखा। पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज के दूसरे मैच में नंबर तीन पर बल्लेबाजी के लिए प्रमोट किया। करियर का 5वां ही मैच सामने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तानी टीम और नंबर तीन की अहम पोजिशन। अपने गैर परंपरागत बल्लेबाजी तकनीक से खेलते हुए धोनी ने इस पाटा विकेट पर रनों की आंधी ला दी। 123 गेंदों पर ताबड़तोड़ 148 रन पीट दिए। 15 चौके और छह छक्के से सजी यह पारी आज भी पाकिस्तानी गेंदबाजों को नींद से जगा देती है। ये स्कोर किसी भी भारतीय विकेटकीपर का बनाया सबसे बड़ा स्कोर था। भारत ने इस मैच में निर्धारित 50 ओवर्स में 9 विकेट के नुकसान पर 356 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तानी टीम 298 रन पर सिमट गई और 58 रन से मैच गंवा बैठी। इस पारी के बाद धोनी ने क्रिकेट में अपना नया मुकाम बना लिया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो बार 1486 रन  रन की पारी खेली है। विशाखापट्टनम के बाद धोनी ने 2005-06 में फैसलाबाद, पाकिस्तान में भी 148 रन बनाए। धोनी के रूप में देश को तेंदुलकर, गांगुली और द्रविड़ के बाद नया हीरो मिल चुका था। बाद में इसी खिलाड़ी ने 2007 वर्ल्ड टी-20 और 2011 का विश्वकप जिताया। अब साल 2020 आ चुका है। माही क्रिकेट से दूर हैं। विश्व कप के बाद भारतीय टीम की ओर से खेले भी नहीं। शायद आईपीएल 2020 से संन्यास की घोषणा करना चाहते थे, लेकिन अब तो कोरोना वायरस की वजह से वो भी रद्द होते दिख रहा है।

इस वक्त मेरे जेहन में वसीम बरेलवी का एक मशहूर शेर आ रहा है, जो धोेनी पर बिलकुल फिट बैठता है।

जहां रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा

किसी चराग का अपना मकां नहीं होता.

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed