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ब्रिटेन में अश्वेतों के साथ होता है अधिक नस्लवाद, इसे योजना के साथ खत्म करने की जरुरत: पनेसर
Wed, 15 Jul 2020 12:26 AM IST
Rajeev Rai
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: Rajeev Rai
Updated Wed, 15 Jul 2020 12:26 AM IST
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मोंटी पनेसर
- फोटो : file photo
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अमेरिका से शुरू हुआ अश्वेत आंदोलन अब पूरी दुनिया में फैल चुका है और इसे लेकर अब हर तरफ लोग मुखर हो रहे हैं। इसी कड़ी में भारतीय मूल के इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने कहा कि ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई प्रवासियों को यदा कदा ही नस्लवाद का सामना करना पड़ता है लेकिन इसकी तुलना अश्वेत समुदाय के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में हो रहे बर्ताव से नहीं की जा सकती।
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पनेसर ने कहा कि उनके देश में अश्वेत समुदाय के साथ नस्लवाद खत्म होना चाहिए और अधिकारियों को पांच साल की योजना बनाकर इसे खत्म करना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘यदि कोई यहां काला रंग चढी खिड़कियों वाली कार चलाता है और वह अश्वेत है तो पुलिस उसकी कार जरूर रोकेगी। यहां अश्वेत लोग रोज पुलिस के खौफ के साये में जीते हैं।’
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इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट में 167 विकेट ले चुके पनेसर ने कहा, ‘यह मेरे अश्वेत दोस्त बताते हैं। वे सुपरमार्केट जाते हैं तो लोगों को उन पर चोरी का शक होता है। यदि मैं जेब में कुछ रख लूं तो कोई ध्यान नहीं देगा लेकिन वे कुछ नहीं करते हैं तो भी उन पर शक रहता है।’
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समूचे क्रिकेट जगत की तरह उन्हें भी वेस्टइंडीज के महान क्रिकेटर माइकल होल्डिंग के नस्लवाद पर दिए गए भाषण ने झकझोर दिया है। उन्होंने कहा, 'भाषणों के बाद भी कुछ किया नहीं जाता तो फिर क्या फायदा। मैने माइकल होल्डिंग जैसा दमदार भाषण किसी का नहीं देखा और क्रिकेट के जरिए ही नस्लवाद को खत्म करने से बेहतर क्या हो सकता है।’
पनेसर ने कहा, ‘दक्षिण एशियाई समुदाय को यदा कदा ही सुनना पड़ता है लेकिन अश्वेतों को नियमित आधार पर यह सब सहना पड़ता है। सिख समुदाय दशकों से समाज सेवा कर रहा है और प्यार का संदेश फैला रहा है। लोग उसकी सराहना करके हमें वह प्यार लौटाते हैं।’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन अश्वेत समुदाय की कोई गलती नहीं होने पर भी पुलिस उन्हें दंडित करती है। अब उन पर से यह कलंक हटाना होगा। उन्हें शिक्षित करके दूसरों की तरह सफेदपोश नौकरियां दी जानी चाहिए।’