राहुल जौहरी-सबा करीम से अलग-अलग मिली हरमनप्रीत कौर और मिताली राज
भारतीय महिला टी-20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और वन-डे टीम की कप्तान मिताली राज ने सोमवार को बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करके चयन मामले में अपनी बात कही।
भारत के महिला विश्व टी20 सेमीफाइनल में इंग्लैंड के हाथों मिली हार के बाद टीम चयन को लेकर विवाद पैदा हो गया था। मिताली को फिट होने के बावजूद भी टीम से बाहर रखा गया था और कप्तान हरमनप्रीत ने रविवार को आठ विकेट से शर्मनाक हार के बावजूद भी इस फैसले को जायज ठहराया था।
ये दोनों सीनियर खिलाड़ी और मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य ने बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी और महाप्रबंधक सबा करीम से मुलाकात की। जौहरी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'हां, हम और करीम दोनों मिताली, हरमन और मैनेजर तृप्ति भट्टाचार्य से मिले। इन सभी ने हमसे अलग-अलग मुलाकात की और अपनी राय रखी। हमने सब कुछ नोट किया है।'
यह नहीं पूछें कि बैठक के दौरान क्या चर्चा हुई थी-जौहरी
हालांकि, उन्होंने बैठक के बारे में विस्तार से जानकारी देने से इनकार कर दिया। जौहरी ने कहा, 'कृपया मुझसे यह नहीं पूछें कि बैठक के दौरान क्या चर्चा हुई थी।' उम्मीद के मुताबिक जौहरी और करीम प्रशासकों की समिति (सीओए) के सामने विस्तृत रिपोर्ट रखेंगे जो इसका आकलन करेंगे और जरूरत पड़ी तो संबंधित व्यक्तियों से बात करेंगे। अटकल लगाई जा रही है कि सीओए के एक सदस्य ने मिताली से बात की लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
महिला टीम के कोच रमेश पोवार बुधवार को जौहरी और करीम से मुलाकात कर सकते हैं। इसको भले ही एंटीगा में चयन मसले से नहीं जोड़ा जाना चाहिए लेकिन पोवार के अनुबंध का नवीनीकरण होने की संभावना नहीं है। उनका अंतरिम अनुबंध 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
बीसीसीआई कोच पद के लिए नए आवेदन जारी करने की अपनी रणनीति पर कायम रहेगा और पोवार भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसकी भी पूरी संभावना है कि मिताली फिर से भारत की तरफ से सबसे छोटे प्रारूप में नहीं खेले और झूलन गोस्वामी की तरह केवल 50 ओवर की क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करें।
टीम पर सवाल नहीं, दिन खराब था : डायना
सदस्य डायना इडुल्जी ने कहा कि मिताली राज को सेमीफाइनल से बाहर रखने के विवादित फैसले पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। ग्रुप चरण में अजेय रहने वाली भारतीय टीम के लिए वह खराब दिन था। भारत की पूर्व कप्तान इडुल्जी ने कहा कि मुझे लगता है कि तिल का ताड़ बनाया जा रहा है।
टीम प्रबंधन (कप्तान, कोच, उपकप्तान और चयनकर्ता सुधा शाह) ने विजयी संयोजन को नहीं छेड़ने का फैसला लिया जो गलत साबित हुआ। भारत जीत जाता तो इस पर कोई सवाल नहीं उठता। हम टीम एकादश पर सवाल नहीं उठा सकते। क्रुणाल पंड्या का उदाहरण देखो जिसकी पहले टी20 में काफी धुनाई हुई थी लेकिन उसने अंतिम मैच में शानदार वापसी की। खेल में यह सब होता है।