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Mayak Agarwal: भारतीय टीम में वापसी के लिए जमकर मेहनत कर रहे हैं मयंक, बोले- मैं हार मानने वालों में से नहीं

Wed, 24 Aug 2022 02:31 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Wed, 24 Aug 2022 02:31 PM IST
सार

भारतीय टीम में वापसी को लेकर मयंक अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें जो कुछ भी हासिल होगा, उसे स्वीकार करेंगे, लेकिन वह उन लोगों में हैं, जो कभी भी हार नहीं मानते। 
 

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Mayank Agarwal keen on indian team comeback says I'm Somebody Who Isn't Going To Give Up
मयंक अग्रवाल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल खराब दौर से गुजर रहे हैं। आईपीएल 2022 में पंजाब किंग्स की कप्तानी मिलने के बाद मयंक का प्रदर्शन बहुत ही साधारण रहा था। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम से भी बाहर कर दिया गया है। उन्होंने साल 2018-19 में भारत को ऑस्ट्रेलिया में जाकर टेस्ट सीरीज जिताने में अहम योगदान दिया था। यह पहला मौका था, जब टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज जीती थी। इसके बाद उन्हें भारत के लिए वनडे मैच खेलने का भी मौका मिला, लेकिन अब तक वो देश के लिए कोई टी20 मैच नहीं खेल पाए हैं। 
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आईपीएल 2022 के बाद टीम इंडिया से भी उनकी छुट्टी हो चुकी है, लेकिन 31 साल के मयंक का कहना है कि वह उन लोगों में शामिल हैं, जो कभी हार नहीं मानते। 

मैं लगातार खुद में सुधार करूंगा
मयंक अग्रवाल ने एक स्पोर्टेस वेबसाइट से बातचीत में कहा "मैं उन लोगों में हुं, जो कभी हार नहीं मानते। मैं लगातार मेहनत करता रहूंगा और हर दिन अपना खेल सुधारने की कोशिश करूंगा। मुझे जो भी मिलेगा मैं उसमें खुश रहूंगा, लेकिन सपने और उम्मीदें कभी खत्म नहीं होंगी। यह वहां जाकर खुद में सुधार करने और सब कुछ सही करने से जुड़ा है।"

मयंक के लिए खराब रहा आईपीएल 2022
आईपीएल 2022 में मयंक अग्रवाल ने 12 पारियों में सिर्फ 196 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने अपने खेल में सुधार किया और महाराजा ट्रॉफी में इसका नतीजा भी दिखा। कर्नाटक के इस स्थानीय टी20 टूर्नामेंट में मयंक ने 11 पारियों में 167.24 के स्ट्राइक रेट के सात 480 रन बनाए। बेंगलुरु ब्लास्टर्स की कप्तानी करते हुए उन्होंने दो शतक लगाए और उनका औसत 53.33 का रहा। 
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स्वीप और रिवर्स स्वीप भी शुरू किया
मयंक ने कहा "पिछले चार महीनों में मैंने अपनी बल्लेबाजी में काफी मेहनत की है। आप देख सकते हैं कि अब मैं स्वीप और रिवर्स स्वीप शॉट खेल रहा हूं। तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी ये शॉट खेल रहा हूं। मैंने अपने खेल में चार-पांच नई चीजें जोड़ी हैं, जिसका फायदा मुझे मिल रहा है। मैं बहुत खुश हूं कि मेरी मेहनत अब रंग ला रही है। महाराजा ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में दो शतक लगाने के बाद अच्छा महसूस हो रहा है। मुझे बहुत अच्छा लगता है, जब खिलाड़ी उस तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं, जैसे आप चाहते हैं। निश्चित रूप से रन बनाने के बाद मुझे बेहतर महसूस हो रहा है और मैं बेहतर तरीके से कप्तानी कर सकता हूं।"

मयंक की शानदार बल्लेबाजी के चलते उनकी टीम बेंगलुरू ब्लास्टर्स टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुकी है, जहां उनका सामना गुलबर्ग मिस्टिक्स या मैसुरू वॉरियर्स के साथ होगा।
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