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आठ रन पर आउट होकर लखनऊ ने बनाया रिकॉर्ड
इलाहाबाद/ब्यूरो
Updated Wed, 17 Oct 2012 12:32 AM IST
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उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में लंबे समय के बाद आयोजित राष्ट्रीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता पहले दिन ही अजूबा रिकॉर्ड बन गया। एनसीआर की अनुभवी टीम के आगे लखनऊ महज आठ रन पर आउट हो गई। क्रिकेट विश्लेषकों का कहना है कि शायद ही इतने कम रन पर कभी कोई टीम आउट हुई हो।
वहीं राष्ट्रीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता पहले दिन ही विवादों में आ गई। आयोजकों की तैयारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाली लखनऊ टीम के पास पूरे खिलाड़ी तक नहीं थे। इलाहाबाद की खिलाड़ियों को किसी तरह टीम में शामिल कर टूर्नामेंट की शुरुआत कराई गई। खिलाड़ियों में भी ज्यादातर 12-14 साल की लड़कियां थीं।
ऑल इंडिया प्रेम कुमारी भट्नागर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता की शुरुआत मंगलवार को मदनमोहन मालवीय स्टेडियम पर हुई। प्रतियोगिता में दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित छह टीमों को प्रवेश दिया गया है। आयोजकों को उम्मीद थी कि इस प्रतियोगिता से शहर में महिला क्रिकेटरों को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन उद्घाटन मैच में उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
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मैदान पर पहुंची लखनऊ टीम के पास पूरे खिलाड़ी तक नहीं थे। खिलाड़ियों में ज्यादातर 12-14 साल की लड़कियां थी, जो मूलरूप से क्रिकेटर भी नहीं हैं। यह देख आयोजकों के हाथ-पैर फूल गए। उन्होंने स्टेडियम पर ही प्रैक्टिस करने पहुंची इलाहाबाद की तीन लड़कियों को लखनऊ टीम से खिला दिया। इसके बाद मैच किसी तरह शुरू तो हुआ, लेकिन ज्यादा देर तक नहीं चला।
एनसीआर की अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नीतू डेविड, चित्रा सिंह की मारक गेंदबाजी की वजह से लखनऊ की टीम महज आठ रन पर ही ढेर हो गई। लखनऊ की पल्लवी सिंह ने सबसे ज्यादा दो रन बनाए। जवाब में एनसीआर ने बिना कोई विकेट खोए 1.4 ओवर में निर्धारित लक्ष्य का पीछा कर लिया। इससे पहले प्रतियोगिता का उद्घाटन मंडलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने किया। आरपी भट्नागर ने मेहमानों का स्वागत किया।
यूपीसीए को ठहराया जिम्मेदार
प्रतियोगिता के आयोजक और लखनऊ टीम के कोच जसबीर सिंह इस शर्मनाक प्रदर्शन का ठीकरा यूपीसीए पर फोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता के लिए यूपीसीए को ऑफर दिया गया था। उन्होंने प्रतियोगिता में टीम भेजने की हामी भी भर ली थी, लेकिन ऐन वक्त पर इससे इंकार कर दिया। जिला महिला क्रिकेट संघ की सचिव जूली ओझा कहती हैं कि अगर यूपीसीए ने पहले बताया दिया होता तो आगरा की टीम को बुला लिया जाता, जिसमें कई अच्छे खिलाड़ी हैं।
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वहीं राष्ट्रीय महिला क्रिकेट प्रतियोगिता पहले दिन ही विवादों में आ गई। आयोजकों की तैयारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाली लखनऊ टीम के पास पूरे खिलाड़ी तक नहीं थे। इलाहाबाद की खिलाड़ियों को किसी तरह टीम में शामिल कर टूर्नामेंट की शुरुआत कराई गई। खिलाड़ियों में भी ज्यादातर 12-14 साल की लड़कियां थीं।
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ऑल इंडिया प्रेम कुमारी भट्नागर महिला क्रिकेट प्रतियोगिता की शुरुआत मंगलवार को मदनमोहन मालवीय स्टेडियम पर हुई। प्रतियोगिता में दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित छह टीमों को प्रवेश दिया गया है। आयोजकों को उम्मीद थी कि इस प्रतियोगिता से शहर में महिला क्रिकेटरों को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन उद्घाटन मैच में उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।
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मैदान पर पहुंची लखनऊ टीम के पास पूरे खिलाड़ी तक नहीं थे। खिलाड़ियों में ज्यादातर 12-14 साल की लड़कियां थी, जो मूलरूप से क्रिकेटर भी नहीं हैं। यह देख आयोजकों के हाथ-पैर फूल गए। उन्होंने स्टेडियम पर ही प्रैक्टिस करने पहुंची इलाहाबाद की तीन लड़कियों को लखनऊ टीम से खिला दिया। इसके बाद मैच किसी तरह शुरू तो हुआ, लेकिन ज्यादा देर तक नहीं चला।
एनसीआर की अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नीतू डेविड, चित्रा सिंह की मारक गेंदबाजी की वजह से लखनऊ की टीम महज आठ रन पर ही ढेर हो गई। लखनऊ की पल्लवी सिंह ने सबसे ज्यादा दो रन बनाए। जवाब में एनसीआर ने बिना कोई विकेट खोए 1.4 ओवर में निर्धारित लक्ष्य का पीछा कर लिया। इससे पहले प्रतियोगिता का उद्घाटन मंडलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने किया। आरपी भट्नागर ने मेहमानों का स्वागत किया।
यूपीसीए को ठहराया जिम्मेदार
प्रतियोगिता के आयोजक और लखनऊ टीम के कोच जसबीर सिंह इस शर्मनाक प्रदर्शन का ठीकरा यूपीसीए पर फोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता के लिए यूपीसीए को ऑफर दिया गया था। उन्होंने प्रतियोगिता में टीम भेजने की हामी भी भर ली थी, लेकिन ऐन वक्त पर इससे इंकार कर दिया। जिला महिला क्रिकेट संघ की सचिव जूली ओझा कहती हैं कि अगर यूपीसीए ने पहले बताया दिया होता तो आगरा की टीम को बुला लिया जाता, जिसमें कई अच्छे खिलाड़ी हैं।