अश्विन ने लगाया 'छक्का', धवन ने जमाई फिफ्टी
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गाले में खेले जा रहे पहले टेस्ट के पहले दिन श्रीलंका के कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने टीम इंडिया के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला लिया लेकिन उसके लिए यह निर्णय गलत साबित हो गया। अश्विन के 6 विकेटों के आगे श्रीलंकाई टीम 50 ओवर भी नहीं खेल सकी और आउट हो गई।
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गेंदबाजों के कमाल के प्रदर्शन के बाद भारत ने चायकाल के बाद अपनी पारी शुरू की और पहले दिन का खेल खत्म होने तक 2 विकेट के नुकसान पर 128 रन बना लिए हैं। क्रीज पर शिखर धवन (53) और कप्तान विराट कोहली (45) खेल रहे थे। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 100 रनों की साझेदारी हो चुकी है। हालांकि भारत की शुरुआत खराब रही और उसे लोकेश राहुल (7) के रूप में पहला झटका लगा। इसके बाद जीवनदान पाने के बाद भी रोहित शर्मा (9) अपना विकेट नहीं बचाए रख सके।
इससे पहले तेज हवाओं के कारण खेल शुरू होने में देरी हुई। फिलहाल जब खेल शुरू हुआ तो भारतीय गेंदबाज खेल के पहले सत्र में हावी रहे और आधी टीम को पवेलियन भेज दिया। फिर लंच के बाद खेल शुरू होने पर भारत ने चायकाल तक श्रीलंका की पूरी पारी 183 रन पर समेट दी। अश्विन ने 46 रन देकर 6 विकेट झटके। अश्विन ने 11वीं बार टेस्ट में 5 विकेट लेने का कारनामा किया है।
महज 60 रन के स्कोर पर 5 विकेट खोने पर श्रीलंका टीम गहरे संकट में थी लेकिन इसके बाद कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (64) और दिनेश चंडीमल (39) ने छठे विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी कर टीम को 130 के पार पहुंचा दिया। लेकिन अश्विन ने मैथ्यूज की साहसिक पारी का अंत कर ही दिया।
भारतीय कप्तान कोहली ने इस मैच के लिए अंतिम एकादश में तीन फिरकी गेंदबाज रखे हैं जबकि इशांत शर्मा और वरुण आरोन टीम में शामिल दो तेज गेंदबाज हैं। अमित मिश्रा, आर अश्विन और हरभजन सिंह फिरकी गेंदबाज के रुप में टीम में हैं।
अश्विन के 6 झटकों से लड़खड़ा गई श्रीलंकाई पारी
श्रीलंका का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला भारत के लिए बेहद शानदार रहा क्योंकि उसे सफलता के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। हालांकि पारी के चौथे ओवर में ही वरुण आरोन की गेंद पर शिखर धवन के हाथों कौशल सिल्वा को सि्लप में आसान जीवनदान मिला था लेकिन टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी।
सातवें ओवर में तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने दिमुथ करुणारत्ने (9) को अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट करा कर भारत को पहली सफलता दिला दी। इसके एक गेंद बाद अगले ओवर की पहली ही गेंद पर वरुण आरोन ने दूसरे ओपनर कौशल सिल्वा (5) को अपना शिकार बना ही लिया।
दोहरे झटके के बाद क्रीज पर मेजबान टीम के सुपर स्टार बल्लेबाज कुमार संगकारा (5) आए। उनके लिए यह मैच बेहद खास है क्योंकि इस मैदान पर उनका आखिरी टेस्ट मैच है। तीन मैचों की सीरीज के दूसरे मैच के बाद वह संन्यास ले लेंगे। लेकिन आज वह कमाल नहीं दिखा पाए और महज 12 खेल सके। उनकी छोटी सी पारी का अंत आर अश्विन ने किया। अश्विन ने उन्हें लोकेश राहुल के कैच आउट कराया। महज 27 रन पर 3 विकेट गंवाने के बाद श्रीलंका टीम संकट में दिख रही थी, इसके बाद लाहिरू थिरिमने और कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने कुछ देर विकेट पर टिककर विकेटों के पतन को रोकने की कोशिश की लेकिन यह जोड़ी भी 27 रनों की साझेदारी कर टूट गई।
फिरकी गेंदबाज अश्विन ने मैच में अपनी दूसरी और टीम को चौथी सफलता दिलाते हुए थिरिमने को 13 रन के निजी स्कोर पर कैच आउट कराया। लंच से पहले अश्विन ने जेहान मुबारक को खाता खोलने का मौका ही नहीं दिया और लोकेश राहुल के हाथों कैच आउट कराकर मेजबान की आधी टीम को पवेलियन में पहुंचा दिया। टीम के 5 विकेट 60 रन पर गिर गए थे।
टीम इंडिया को भी लगे जोर झटके
लंच के बाद श्रीलंका की टीम ने अपनी पारी 5 विकेट से आगे खेलना शुरू किया। उस समय क्रीज पर कप्तान एंजेलो मैथ्यूज और दिनेश चंडीमल खेल रहे थे। दोनों ने अपने-अपने अर्धशतक लगाते हुए 79 रनों की साझेदारी कर टीम को 135 के पार पहुंचा दिया।
भारतीय गेंदबाजों को यह साझेदारी तोड़ने में काफी पसीना बहाना पड़ा। हालांकि आर अश्विन ने मैथ्यूज को 64 रन के निजी स्कोर पर कैच आउट करा दिया। फिर धमि्मका प्रसाद को उन्होंने शून्य पर पगबाधा कराकर चलता किया। इस सफलता के साथ ही अश्विन ने लगातार दूसरे टेस्ट मैच में 5 विकेट लेने का कारनामा कर दिखाया। उनके बाद करीब चार साल बाद टीम में लौटे अमित मिश्रा ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट झटककर अपनी वापसी को सही साबित कर दिया। अश्विन ने रंगना हेराथ (23) के रूप में श्रीलंकाई पारी का छठा विकेट झटकने के साथ ही मेजबान की पारी समेट दी। अश्विन ने 46 रन देकर 6 विकेट झटके, जबकि अमित को 2 विकेट और इशांत शर्मा तथा वरुण आरोन को एक-एक सफलता मिली।
टी-ब्रेक से पहले श्रीलंकाई पारी समेटने के बाद भारत ने ब्रेक के बाद अपनी पारी शुरू की। भारतीय पारी की शुरुआत शिखर धवन और लोकेश राहुल (7) ने की और दोनों ने सधी अंदाज में पारी को आगे बढ़ाया। लेकिन तीसरे ओवर में ही तेज गेंदबाज धमि्मका प्रसाद ने लोकेश को पगबाधा कराकर भारत को पहला झटका दे दिया। लोकेश के बाद रोहित शर्मा (9) धवन का साथ देने आए पर यह जोड़ी भी जल्द टूट गई। कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने रोहित को पगबाधा करा दिया। आउट होने के एक ओवर पहले ही रोहित कैच आउट हो गए थे लेकिन यह गेंद नो-बॉल निकल गई। हालांकि वह इस जीवनदान का फायदा नहीं उठा सके।
भारत ने 28 रन पर दो विकेट गंवा दिए। धवन (53) का साथ देने कप्तान विराट कोहली (45) क्रीज पर आए और टीम को 100 के पार पहुंचा दिया। धवन जब 4 रन के निजी स्कोर पर थे तब उन्होंने अपने करियर में एक हजार रन (15वां टेस्ट और 13वीं पारी) पूरे कर लिए। बाद में धवन ने फिफ्टी भी जमाई। कोहली अपनी फिफ्टी से 5 रन दूर हैं।