रोहित शर्मा का संघर्ष बेकार, जीत के करीब पहुंच हारी टीम इंडिया
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कानपुर के ग्रीन पार्क में खेले गए 5 मैचों की सीरीज के पहले वनडे में रोहित शर्मा ने 150 रनों की साहसिक पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत के करीब पहुंचा दिया था लेकिन अंतिम ओवरों में धोनी (31) टीम को जीत दिला नहीं पाए।
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दक्षिण अफ्रीका से मिले 304 रनों के लक्ष्य के जवाब में टीम इंडिया 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 298 रन ही बना सकी। ओपनर रोहित शर्मा (150 रन, 133 गेंद, 13 चौके और 6 छक्के) ने बेहद शानदार पारी खेलते हुए अपने करियर का आठवां शतक ठोंका। साथ ही उन्होंने अजिंक्य रहाणे (60) के साथ दूसरे विकेट के लिए 149 रनों की साझेदारी भी निभाई। लेकिन भारत अंतिम ओवरों में सुस्त पड़ गया और जल्दी-जल्दी 4 विकेट गंवा दिए जिससे टीम लक्ष्य से 5 रन से दूर रह गया।
इससे पहले कप्तान एबी डीविलियर्स (नाबाद 104) के शानदार शतक की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 303 रन बनाए। शुरू में धीमी बल्लेबाजी करने वाले डीविलियर्स ने पारी की अंतिम गेंद पर छक्का जमाकर अपना शानदार 21वां शतक पूरा किया। वह 73 गेंदों में 5 चौके और 6 छक्के के साथ 104 रन बनाकर नाबाद रहे।
भारत की ओर से अमित मिश्रा और उमेश यादव ने 2-2 विकेट निकाले। जबकि अपना सौंवां वनडे खेल रहे आर अश्विन ने अपने पहले ही ओवर में भारत को पहली सफलता दिलाई थी लेकिन वह विकेटों की संख्या नहीं बढ़ा सके।
इससे पहले कप्तान धोनी ने एक बार फिर टॉस गंवा दिया। अफ्रीकी टीम के खिलाफ शुरुआती टी-20 सीरीज में भी धोनी एक बार भी टॉस नहीं जीत सके थे और अब वह पहले वनडे में भी टॉस हार गए। धोनी की कप्तानी में भारत टी-20 सीरीज भी 2-0 से हारा था।
रोहित के साथ-साथ रहाणे ने भी बल्ले से किया कमाल
दक्षिण अफ्रीका से मिले 304 रन के लक्ष्य के जवाब में उतरी टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी रही। दोनों ओपनर शिखर धवन (23) और रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए 42 रन जोड़े। भारतीय पारी के 8वें ओवर में धवन के रूप में भारत को पहला झटका लग गया। वह मोर्ने मोर्कल की गेंद पर पगबाधा आउट हुए। हालांकि टीवी रिप्ले में गेंद विकेट से दूर जाती दिख रही थी।
पहला विकेट खोने के बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का तीसरे नंबर पर विराट कोहली की जगह अजिंक्य रहाणे को बल्लेबाजी के लिए भेजना फायदेमंद रहा। टी-20 सीरीज से बाहर रहे रहाणे ने मैच में शानदार खेल दिखाते हुए वापसी की और फिफ्टी ठोंक दिया। उन्होंने रोहित का अच्छा साथ दिया और दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 149 रनों की शतकीय साझेदारी कर डाली।
इससे पहले 18वें ओवर में रोहित ने चौका लगाकर करियर की शानदार 27वीं फिफ्टी जमा दी। यह उनकी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरी वनडे फिफ्टी भी है। दोनों ने 28वें ओवर में टीम को 150 के पार पहुंचा दिया। वहीं 30वें ओवर में रहाणे ने अपनी 11वीं फिफ्टी ठोंक दी। इस साझेदारी को फरहान बेहरदीन ने रहाणे को कैच आउट कराकर तोड़ दिया। रहाणे 82 गेंदों में 60 रन बनाकर आउट हुए।
रोहित का साथ देने विराट कोहली क्रीज पर आए। इस बीच रोहित ने चौका जमाकर अपना आठवां शतक ठोंक दिया। लेकिन कोहली लंबी पारी नहीं खेल सके और 11 रन के निजी स्कोर पर आउट हो गए। कप्तान धोनी सुरेश रैना की जगह ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करने आए और पारी को आगे बढ़ाया।
लेकिन रैना (3) जिस तरह आए उसी तरह पवेलियन की ओर चले भी गए। उनके आने ओर जाने का टीम इंडिया के स्कोर को कोई फायदा नहीं हुआ। कप्तान धोनी (31) की धीमी गति की बल्लेबाजी टीम इंडिया पर भारी पड़ी। इसका खामियाजा टीम को आखिर में हार के रुप में भुगतना पड़ा।
आखिरी ओवर में भारत को एक ओवर में जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। लेकिन धोनी और स्टुअर्ट बिन्नी (2) को आउट कर अफ्रीकी गेंदबाज केगिसो रबाडा ने टीम इंडिया से जीत छीन ली।
अश्विन ने पहले ही ओवर में दिया SA को पहला झटका
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लेने के बाद क्विंटन डी कॉक और हाशिम अमला ने अफ्रीकी पारी की शुरुआत की। दोनों ने संयम के साथ पारी का आगाज किया। पहले 5 ओवर मे दोनों 23 रन ही जोड़ सके। इस बीच भारत को चौथे ओवर की पहली गेंद पर पहली सफलता हासिल करने का मौका मिला था। कॉक ने हल्के हाथ से मिड ऑफ की दिशा में खेलकर एक रन के लिए दौड़ गए और इस बीच विराट कोहली ने शानदार प्रयास करते हुए गेंद को सीधे स्टंप पर मार दिया। लेकिन कॉक लकी रहे और अपना विकेट बचाने में कामयाब रहे।
कॉक (29) हालांकि लंबे समय तक क्रीज पर बने नहीं रह सके। अफ्रीकी पारी के नौंवें में वह कैच आउट हो गए। उन्हें अश्विन ने अपने पहले ही ओवर की चौथी गेंद पर कॉक को सुरेश रैना के हाथों कैच कराया। कॉक ने पहले विकेट के लिए अमला के साथ 45 रन जोड़े थे। हाशिम ने फैफ डु प्लेसिस के साथ दूसरे विकेट के लिए 59 रनों की साझेदारी कर टीम को सौ के पार पहुंचा दिया। इस जोड़ी को अमित मिश्रा ने अमला (37) को बोल्ड करके तोड़ा।
अमला के जाने के बाद प्लेसिस ने कप्तान एबी डीविलियर्स के साथ पारी को आगे बढ़ाया और स्कोर डेढ़ सौ के पार ले गए। टीम का स्कोर 34वें ओवर में 152 हुआ था कि तेज गेंदबाज उमेश यादव ने 62 पर खेल रहे प्लेसिस को पगबाधा करा दिया।
छक्के के साथ डीविलियर्स ने जमाया शतक, SA ने बनाया रिकॉर्ड
अफ्रीकी पारी के 34वें ओवर की पहली ही गेंद पर उमेश यादव ने फैफ डु प्लेसिस (62) को पगबाधा करा दिया। कप्तान एबी डीविलियर्स ने आतिशी पारी का नजारा पेश किया। उन्होंने डेविड मिलर के साथ चौथे विकेट के लिए तेजी से 45 रन जोड़ लिए। हालांकि मिलर (13) ज्यादा देर तक क्रीज पर डटे नहीं रह सके और अमित की गेंद पर धोनी ने स्टंप करा दिया।
इसके बाद उमेश यादव ने मैच में अपनी दूसरी सफलता हासिल करते हुए जेपी डुमिनी को 15 रन के निजी स्कोर पर चलता कर दिया। लेकिन अंतिम 10 ओवरों में डीविलियर्स ने विस्फोटक पारी खेली और शानदार शतक ठोका। वह एक समय 60 गेंदों पर 60 रन बनाकर खेल रहे थे लेकिन इसके बाद अगले 13 गेंदों पर 44 रन बनाकर शतक जमा दिया। डीविलियर्स ने अंतिम गेंद पर छक्का मारकर अपना शतक पूरा किया। छक्के के साथ शतक पूरा करने के अलावा दक्षिण अफ्रीका कानपुर में 300 का स्कोर पार करने वाली पहली वनडे टीम भी बन गई।
अफ्रीकी कप्तान ने फरहान बेहरदीन के साथ अंतिम 5 ओवरों में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की। दोनों ने 4.5 ओवर में 65 रन जोड़े। इससे पहले उन्होंने जेपी डुमिनी के साथ 4.4 ओवर में 41 रनों की साझेदारी की। बेहरदीन ने 19 गेंदों में नाबाद 35 रन (5 चौका और 1 छक्का) बनाए।