गेंदबाजों के नाम रहा पहला दिन, झटके 12 विकेट
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नागपुर के जामथा स्टेडियम में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन ही खेल फिरकी गेंदबाजों के पक्ष में मुड़ता दिख रहा है। पहले दिन गेंदबाजों ने कुल 12 विकेट झटके जिसमें 8 विकेट फिरकी गेंदबाजों के खाते में गए।
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शुरुआती दिन का खेल खत्म होने तक दक्षिण अफ्रीका ने 2 विकेट पर 11 रन बना लिए थे और क्रीज पर कप्तान हाशिम अमला (0) और ओपनर डीन एल्गर (7) खेल रहे थे। आर अश्विन ने स्टेन वान जेल (0) को और रविंद्र जडेजा ने इमरान ताहिर (4) को अपना शिकार बनाया।
इससे पहले भारत की पहली पारी 215 रनों पर आउट हो गई। मेजबान टीम ने 125 रन पर अपने 6 विकेट गंवा दिए थे लेकिन सातवें विकेट के लिए रिदिमान साहा (32) और रविंद्र जडेजा (34) ने 48 रनों की साहसिक साझेदारी कर स्कोर को दो सौ के करीब पहुंचा दिया। अफ्रीकी टीम की ओर से फिरकी गेंदबाज सिमोन हॉर्मर ने 4 विकेट झटके जबकि तेज गेंदबाजों के खाते में 4 विकेट गए। तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल ने भारत में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 35 रन दोकर 3 विकेट झटके।
सीरीज के तीसरे मैच में कप्तान विराट कोहली ने टीम एकादश में 2 बदलाव किए। बल्लेबाज रोहित शर्मा और फिरकी गेंदबाज अमित मिश्रा को टीम में रखा गया है जबकि तेज गेंदबाज वरुण आरोन और स्टुअर्ट बिन्नी को बाहर कर दिया गया। वहीं तेज गेंदबाज डेल स्टेन अभी भी फिट नहीं हो सके हैं और उन्हें इस मैच के लिए अफ्रीकी टीम में शामिल नहीं किया गया।
अच्छी साझेदारी के बाद लंच से पहले दोनों ओपनर्स आउट
टॉस जीतकर कप्तान विराट कोहली के पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को मुरली विजय और शिखर धवन की ओपनिंग जोड़ी ने सही साबित करते हुए पहले विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी कर डाली।
इस जोड़ी ने चेन्नई टेस्ट के पहले दिन अर्धशतकीय साझेदारी की थी लेकिन इसके बाद बारिश ने आगे का खेल होने नहीं दिया जिससे यह जोड़ी मैदान पर अपनी साझेदारी को आगे बढ़ा नहीं सकी। इस तरह से नागपुर टेस्ट में मुरली-धवन की जोड़ी क्रीज पर आई और संयम के साथ खेलते हुए 50 रन जोड़ लिए। पिच पर जल्दी ही गेंद स्विंग लेने लगी। अफ्रीकी टीम ने फिरकी गेंदबाजों को मोर्चे पर लगा दिया। एक-दो मौके गंवाने के बाद अफ्रीकी टीम को पहली सफलता 14वें ओवर में मिली जब धवन एक खराब शॉट खेलकर डीन एल्गर की गेंद पर कॉटएंडबोल्ड हो गए।
धवन ने आगे बढ़कर शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन वह ठीक से नहीं खेल सके और गेंदबाज को ही कैच थमा बैठे। इससे एक ओवर पहले ही मुरली आगे बढ़कर खेलने के चक्कर में स्टंप आउट होने से बच गए। धवन 12 रन बनाकर आउट हुए। उनके जाने के बाद मुरली का साथ देने चेतेश्वर पुजारा क्रीज पर आए लेकिन जल्द ही यह जोड़ी टूट गई।
तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल ने मुरली को पगबाधा कराया। वह 40 रन बनाकर आउट हुए। लंच तक भारत ने 2 विकेट ही गंवाए थे।
लंच के बाद लड़खड़ाई भारतीय पारी, पुछल्लों ने संभाला
लंच पर जाने के समय टीम इंडिया का स्कोर 2 विकेट पर 85 रन था और क्रीज पर चेतेश्वर पुजारा तथा कप्तान विराट कोहली खेल रहे थे। किसी भी सूरत में भारत बुरी स्थिति में नहीं दिख रहा था। लेकिन दूसरे सत्र के खेल के चौथे ओवर में ही पुजारा स्टीवन हॉर्मर की गेंद पर पगबाधा हो गए। इस सफलता के बाद अफ्रीकी गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर खासा दबाव बना दिया।
इसके बाद तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल ने अपने लगातार 2 ओवर में अजिंक्य रहाणे (13) और कप्तान विराट कोहली (22) को पवेलियन की रहा दिखाकर मेजबान टीम को संकट में डाल दिया। भारत की आधी टीम 116 रन पर वापस लौट चुकी थी। पिच पर तेजी से टर्न लेती गेंद के बावजूद तेज गेंदबाजों ने बल्लेबाजों को खूब परेशान किया।
टीम में वापसी करने वाले रोहित शर्मा भी संकट में दिख रही टीम इंडिया को कोई आधार नहीं दे सके और संघर्ष करते हुए 2 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि उन्होंने 28 गेंदें जरूर खेली। भारत के 6 विकेट 125 पर गिर गए। मध्य क्रम में भारत के 5 विकेट 56 रन के अंदर गिर गए। एक समय ऐसा लग रहा था कि भारत 200 के पार नहीं पहुंच सकेगा लेकिन सातवें विकेट के लिए रिदिमान साहा (32) और रविंद्र जडेजा (34) ने 48 रनों की साझेदारी कर टीम को दो सौ के करीब पहुंचा दिया।
भारत के शीर्ष क्रम के 5 बल्लेबाजों ने जहां टीम के लिए 116 रन जोड़े तो अंतिम 5 बल्लेबाजों ने 99 रन जोड़े। आर अश्विन ने 15 रन बनाए।