टेस्ट में सबसे बड़ी जीत से नंबर टू हो गई टीम इंडिया
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मैच बचाने के लिए कप्तान हाशिम अमला और एबी डीविलियर्स की बेहद धीमी बल्लेबाजी करने की योजना ने भारतीय गेंदबाजों को खूब छकाया तो जरूर लेकिन खेल के अंतिम सत्र में टी-ब्रेक के बाद लौटने पर 14 गेंदों के अंदर 3 विकेट निकालकर भारत ने ड्रॉ की ओर जाते दिख रहे मैच को 337 रनों से जीत लिया। इसके साथ ही 4 मैचों की सीरीज भारत ने 3-0 से अपने नाम कर लिया।
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फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में सीरीज के चौथे और अंतिम टेस्ट के पांचवें दिन टी-ब्रेक के तुरंत बाद ही टीम इंडिया के गेंदबाजों ने 5.1 ओवर के अंदर ही शेष 5 विकेट झटक लिए। भारत से जीत के लिए मिले 481 रनों का लक्ष्य के जवाब में बेहद धीमी बल्लेबाजी करने वाली अफ्रीकी टीम 143.1 ओवर में 143 रन ही बना सकी। उसकी ओर से एबी डीविलियर्स (43 रन, 297 गेंद) ने सबसे बड़ी पारी खेली और उनकी मैराथन पारी का अंत आर अश्विन ने किया।
अश्विन ने दूसरी पारी में 61 रन देकर 5 विकेट झटके जबकि उमेश यादव ने 3 विकेट झटककर ड्रॉ की ओर जाते मैच को भारत की झोली में डाल दिया। इसके साथ ही चौथी बार मैन ऑफ द सीरीज बने अश्विन ने किसी एक साल में एक पारी में सातवीं बार 5 या उससे ज्यादा विकेट लेने का भारतीय रिकॉर्ड बना दिया।
टीम इंडिया की यह जीत कई मायनों में बेहद खास रही। सीरीज में 3-0 से जीत हासिल करने के बाद टीम इंडिया टेस्ट रैंकिंग में दूसरे पायदान पर पहुंच गई है। साथ ही रनों के लिहाज से भारत की यह सबसे बड़ी टेस्ट जीत है। इससे पहले उसने 2008 में मोहाली टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 320 रनों से हराया था।
कोटला में बेहद धीमी बल्लेबाजी के बावजूद हारा SA
दिल्ली टेस्ट के चौथे दिन रविवार को भारत से मिले जीत के लिए 481 रनों के लक्ष्य के जवाब में दक्षिण अफ्रीका ने रक्षात्मक अंदाज में बल्लेबाजी की। चौथे दिन स्टंप्स तक मेहमान टीम ने एक रन प्रति ओवर की औसत से 72 ओवर में 72 रन बनाए। अपने इसी रक्षात्मक अंदाज को अफ्रीकी बल्लेबाजों ने पांचवें दिन भी जारी रखा।
रविवार के नाबाद बल्लेबाज कप्तान हाशिम अमला और एबी डीविलियर्स ने तीसरे विकेट के लिए 29.2 ओवरों में महज 23 रनों की साझेदारी की थी और इसी धीमी साझेदारी को आज भी आगे बढ़ाया। दोनों ने रन बनाने के लिए कोई उत्साह नहीं दिखाया जिस कारण भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। कप्तान विराट कोहली ने इस साझेदारी को तोड़ने के लिए 8 गेंदबाजों का प्रयोग किया लेकिन जल्द कामयाबी नहीं मिली।
हालांकि रविंद्र जडेजा ने एक बेहद शानदार गेंद पर अमला को बोल्ड कर इस साझेदारी को तोड़ दिया। दोनों ने कुल 42.1 ओवर यानी 252 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 27 रन ही जोड़े। अमला 244 गेंदों में 25 रन बनाकर आउट हुए। दूसरे छोर पर डटे डीविलियर्स ने आतिशी बल्लेबाजी के बजाए काफी धीमी बल्लेबाजी की और 193 गेंदों में 26 रन बना लिए हैं। अमला की जगह आए फैफ डु प्लेसिस तो अमला से भी धीमे निकले और अपनी 52वीं गेंद पर खाता खोला। अमला ने 46वीं गेंद पर पहला रन बनाया था।
प्लेसिस ने डीविलियर्स के साथ 211 गेंदों में 35 रनों की साझेदारी की। 120वें ओवर की आखिरी गेंद पर रविंद्र जडेजा ने प्लेसिस को पगबाधा आउट कर टीम इंडिया को चौथी सफलता दिलाई। भारत के लिए पांचवीं राहत की खबर अगले 5वें ओवर में ही आ गई। आर अश्विन ने जेपी डुमिनी को बिना खाता खोले ही पवेलियन भेजा। डुमिनी ने 12 गेंद खेली।
टी ब्रेक के तुरंत बाद ही उमेश यादव को धारदार गेंदबाजी का फल मिला। डेन विलास (13 रन, 50 गेंद) को बोल्ड किया। अगले ओवर में अश्विन ने टीम को दिन की सबसे बड़ी सफलता दिलाई। एबी (43 रन, 297 गेंद) के धैर्य ने जवाब दिया, गेंद उनके ग्लब्स को छूकर रविंद्र जडेजा के हाथो में चिपक गई। इस तरह भारत को एबी के रुप में सातवीं सफलता मिली।
खेल के अंतिम सत्र यानी टी-ब्रेक के तुरंत बाद ही टीम इंडिया के गेंदबाजों ने 5.1 ओवर के अंदर ही शेष 5 विकेट झटकते हुए लिए अफ्रीका टीम की दूसरी पारी 143 रनों पर समेट दिया।
दोनों ही पारियों में रहाणे ने लगाया था शतक
इससे पहले, पहली पारी में 334 रन बनाने वाली भारतीय टीम ने अजिंक्य रहाणे के नाबाद 100 रन और कप्तान विराट कोहली के 88 रनों की बदौलत अपनी दूसरी पारी पांच विकेट पर 267 रन पर घोषित की। रहाणे ने पहली पारी में भी शतक लगाया था।
भारत ने चौथे दिन कोहली का विकेट खोया जिन्हें पेसर काइल एबोट ने एल्बीडब्ल्यू आउट किया। कोहली और रहाणे ने पांचवें विकेट के लिए 154 रन जोड़े। विकेटकीपर रिदिमान साहा 23 रन पर नाबाद लौटे। पहली पारी में 121 रन पर सिमटने वाली दक्षिण अफ्रीका की दूसरी पारी में शुरुआत खराब रही।
दूसरी पारी में पांच रन के स्कोर पर ही उसने ओपनर डीन एल्गर का विकेट गंवा दिया। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने चार रन के निजी योग पर उन्हें रहाणे के हाथों कैच कराया। इसके बाद टेंबा बावूमा (34) ने अमला के साथ मिलकर पारी को संभालने के भरसक प्रयास किए लेकिन वह अश्विन की एक अंदर आती गेंद को नहीं समझ सके और बोल्ड होकर चलते बने। बावूना ने अमला के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 44 रन जोड़े। भारत की ओर से दूसरी पारी में अश्विन ने दो विकेट झटके।