क्षेत्ररक्षकों ने हराया RCB को, छठी बार फाइनल में CSK
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आईपीएल-8 के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में उम्मीद थी कि पहले बल्लेबाजी करने का न्योता मिलने के बाद धाकड़ बल्लेबाजों से सजी रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर (आरसीबी) टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में कामयाब होगी लेकिन चेन्नई सुपरकिंग्स के गेंदबाजों के आगे वे ऐसा नहीं कर सके। बाद में आरसीबी की ओर से कई कैच टपकाए गए जिसने उसे जीत से दूर कर दिया।
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रांची में खेले गए मुकाबले में 140 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स ने 19.5 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर एक गेंद शेष रहते 140 रन बनाकर मैच जीत लिया। उसकी ओर से माइकल हसी ने 56 रनों की पारी खेली। कप्तान धोनी 26 रन बनाकर आउट हुए।
इससे पहले रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 139 रन ही बना सकी। आरसीबी के लिए ओपनर क्रिस गेल ने सर्वाधिक 41 रन बनाए। जबकि अंतिम ओवर में युवा बल्लेबाज सरफराज खान ने तेजी से खेलते हुए 31 रनों की पारी खेली। चेन्नई के लिए तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने मैच में शानदार गेंदबाजी की और 28 रन देकर 3 विकेट झटके।
इस मैच में 3 विकेट से मिली रोमांचक जीत के साथ चेन्नई की टीम छठी बार फाइनल में पहुंच गई है जो रविवार को मुंबई इंडियंस के साथ खिताबी जंग में दो-दो हाथ करेगी। दो बार की चैंपियन चेन्नई की टीम इससे पहले 2008, 2010, 2011, 2012 और 2013 में टूर्नामेंट के फाइनल पहुंची थी।
चेन्नई पहले प्लेऑफ में मुंबई से हार गई थी जबकि तीसरे प्लेऑफ में आरसीबी ने राजस्थान रॉयल्स को हराकर दूसरे क्वालीफायर में जगह बनाई थी।
नेहरा के 'डबल ब्लास्ट' से सहम गए RCB के बल्लेबाज
आईपीएल के दूसरे क्वालीफायर मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया। शुरू में धोनी का यह फैसला गलत साबित होता नजर आया जब 4 ओवर में कप्तान विराट कोहली और क्रिस गेल ने बिना किसी झटके के 23 रन बना लिए थे।
लेकिन तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने पांचवें ओवर की पहली गेंद पर कोहली को कैच आउट कराकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। कोहली 12 रन बनाकर वापस लौटे। इसके बाद इसी ओवर की अंतिम गेंद पर विस्फोटक बल्लेबाज एबी डीविलियर्स एक रन के निजी स्कोर पर पगबाधा हो गए।
3 रन के अंदर 2 विकेट गंवाने के बाद बंगलोर की टीम जबर्दस्त दबाव में आ गई। हालांकि एक छोर पर क्रिस गेल अपना विकेट बचाए हुए थे, लेकिन टीम को उसका फायदा नहीं मिला और 11वें ओवर में टीम के 50 रन बने।
इस बीच मंदीप सिंह (4) और दिनेश कार्तिक (28) भी टीम के लिए कुछ खास नहीं कर सके। बेहद सुस्त दिख रहे गेल ने अभी अपने हाथ खोलने शुरू किए थे कि वह सुरेश रैना की गेंद पर कॉटएंडबोल्ड हो गए। हालांकि उन्होंने रैना के ओवर में आउट होने से पहले 2 करारे छक्के जड़े थे। उन्होंने 43 गेंदों में 2 चौके और 3 छक्के की मदद से 41 रन बनाए।
अंतिम ओवरों में युवा बल्लेबाज सरफराज खान (21 गेंदों में 31 रन, 4 चौका ) ने कुछ बड़े शॉट खेले और टीम सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।
जीवनदान पाने के बाद हसी की फिफ्टी ने CSK को दी राहत
फाइनल में पहुंचने के लिए चेन्नई सुपर किंग्स को रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर (आरसीबी) ने जीत के लिए 140 रनों का लक्ष्य रखा था। टी-20 क्रिकेट में इसे छोटा ही लक्ष्य कहा जाएगा और इस स्तर पर मैच जीतने के लिए आरसीबी को बेहतरीन गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण कर चेन्न्ई पर दबाव बनाना था। लेकिन गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन तो किया जरूर हालांकि गेंदबाजों को क्षेत्ररक्षकों की ओर से कोई सहयोग नहीं मिला।
चौथे ओवर की पहली गेंद पर तेज गेंदबाज श्रीनाथ अरविंद ने ड्वेन स्मिथ (17) को आउट कर चेन्नई को पहला झटका दिया। इसके बाद इसी ओवर में उन्होंने दो और मौके बनाए लेकिन एक क्रिस गेल और एक मंदीप सिंह ने कैच टपकाकर उसे गंवा दिया। इसके बाद भी अन्य क्षेत्ररक्षकों ने कैच करने के मौके गंवाए साथ ही कुछ रन आउट भी छोड़े।
लचर फील्डिंग का फायदा उठाते हुए माइक हसी ने फैफ डु प्लेसिस के साथ पारी को आगे बढ़ाया और दूसरे विकेट के लिए 40 रनों की साझेदारी कर डाली। फिरकी गेंदबाज यजुवेंद्र चहल ने 10वें ओवर में 3 गेंदों के अंदर प्लेसिस (21) और सुरेश रैना (0) को पवेलियन की राह दिखाकर अपनी टीम को मैच में वापस ले आए।
लेकिन जीवनदान पाने वाले 'मिस्टर क्रिकेट' हसी ने एक छोर संभाले रखा और अर्धशतकीय पारी खेल डाली। उन्होंने कप्तान धोनी के साथ पारी को आगे बढ़ाते हुए टीम को 16वें ओवर में सौ के पार पहुंचा दिया। हालांकि डेविड वेस ने हसी को 56 रन के निजी स्कोर पर आउट करा दिया।
बाद का सारा काम कप्तान धोनी (26) और अन्य बल्लेबाजों ने कर दिया। हालांकि अंतिम ओवरों ने गेंदबाजों ने जल्दी-जल्दी 4 विकेट झटककर मैच में रोमांच ला दिया था लेकिन एक गेंद शेष रहते चेन्नई ने मैच अपने नाम कर लिया और फाइनल का टिकट कटा लिया। बंगलोर का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया।