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IND vs ENG: ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर होगा फारुख इंजीनियर और क्लाइव लॉयड के नाम का स्टैंड, लंकाशायर ने लिया फैसला

Mon, 21 Jul 2025 06:10 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मैनचेस्टर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मैनचेस्टर Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Mon, 21 Jul 2025 06:10 PM IST
सार

इंजीनियर लगभग एक दशक तक लंकाशायर की ओर से खेले, जबकि वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान लॉयड लगभग दो दशक तक क्लब के साथ रहे और क्लब के इतिहास में बहुमूल्य योगदान दिया।

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Lancashire to honour Farokh Engineer and Clive Lloyd with stands at Old Trafford during IND-ENG match
क्लाइव लॉयड - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर और वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी क्लाइव लॉयड के नाम पर मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर स्टैंड होंगे। भारत और इंग्लैंड के बीच 23 जुलाई से होने वाले चौथे टेस्ट मैच के दौरान इन स्टैंड्स के नाम इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के नाम पर होंगे। काउंटी टीम लंकाशायर ने इंजीनियर और लॉयड के नाम पर स्टैंड रखने का फैसला किया है। मालूम हो कि यह दोनों खिलाड़ी लंकाशायर टीम के लिए खेल चुके हैं।
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लंबे समय तक क्लब के साथ रहे इंजीनियर-लॉयड
इंजीनियर लगभग एक दशक तक लंकाशायर की ओर से खेले, जबकि वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान लॉयड लगभग दो दशक तक क्लब के साथ रहे और क्लब के इतिहास में बहुमूल्य योगदान दिया। सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि स्टेडियम के नामकरण का समारोह 23 जुलाई के शुरू हो रहे टेस्ट मैच के पहले दिन होगा। सूत्र ने कहा, यह क्लब के दोनों दिग्गजों के लिए उचित सम्मान है।
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वर्ष 1968 से 1976 के बीच 87 वर्षीय इंजीनियर ने 175 मैचों में लंकाशायर के लिए 5942 रन बनाए, 429 कैच लिए और 35 स्टंपिंग की। दूसरी ओर दो बार विश्व कप जीतने वाली वेस्टइंडीज की टीम के कप्तान लॉयड ने 1970 के दशक की शुरुआत में एक विदेशी खिलाड़ी के रूप में आने के बाद क्लब की किस्मत बदल दी। जब मुंबई में जन्मे इंजीनियर ने लंकाशायर के लिए पदार्पण किया तो क्लब ने 15 साल से अधिक समय तक कोई बड़ा खिताब नहीं जीता था, लेकिन उन्होंने 1970 से 1975 के बीच चार बार जिलेट कप जीतने में टीम की मदद की। दिलचस्प बात यह है कि इंजीनियर ने अपना अधिकतर क्रिकेट ब्रेबोर्न स्टेडियम में खेला लेकिन वहां उनके नाम पर कोई स्टैंड नहीं है।
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संन्यास लेने के बाद इंजीनियर ने मैनचेस्टर को अपना घर बना लिया और आज तक यहीं रहते हैं। यहां निजी दौरे पर आए पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर के भी क्लब के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समारोह में शामिल होने की उम्मीद है।
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