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Kapil dev: अर्जुन तेंदुलकर को कपिल देव की सलाह- अगर आप अपने पिता का आधा भी हासिल कर पाए तो आप महान होंगे
Sat, 04 Jun 2022 09:27 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 04 Jun 2022 09:27 AM IST
सार
कपिल देव ने अर्जुन तेंदुलकर से कहा है कि आपके पिता ने जो हासिल किया है, अगर आप उसका 50 फीसदी भी हासिल कर पाते हैं तो आप महान होंगे। अर्जुन को लेकर मुंबई के गेंदबाजी कोच ने कहा था कि उन्हें अभी सीखने की जरूरत है।
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अर्जुन तेंदुलकर और कपिलदेव
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
आईपीएल 2022 में मुंबई प्लेऑफ की रेस से बाहर होने वाली पहली टीम बनी थी। इसके बाद मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा ने टीम में कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया। इस बीच कुमार कार्तिकेय और डेवाल्ड ब्रेविस जैसे खिलाड़ियों ने दिखाया कि अगले सीजन में वो मुंबई के लिए कमाल कर सकते हैं। इसके बावजूद मुंबई की टीम ने अर्जुन तेंदुलकर को एक मैच खेलने का मौका नहीं दिया। अर्जुन दो सालों से मुंबई की टीम का हिस्सा हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला है। अर्जुन को मौका न दिए जाने से कई फैंस नाराज थे। उनका कहना था कि मुंबई के प्लेऑफ की रेस से बाहर होने के बाद अर्जुन को मौका दिया जा सकता था।
अर्जुन को कोई मैच न खिलाने पर मुंबई के गेंदबाजी कोच शेन बॉन्ड ने कहा कि उन्हें अभी और सीखने की जरूरत है। 22 साल के अर्जुन को मुंबई ने मेगा ऑक्शन में 30 लाख की कीमत पर खरीदा था, लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला।
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अर्जुन को कोई मैच न खिलाने पर मुंबई के गेंदबाजी कोच शेन बॉन्ड ने कहा कि उन्हें अभी और सीखने की जरूरत है। 22 साल के अर्जुन को मुंबई ने मेगा ऑक्शन में 30 लाख की कीमत पर खरीदा था, लेकिन उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला।
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अर्जुन पर हमेशा अतिरिक्त दबाव होगा
पूर्व भारतीय कप्तान कपिलदेव का इस मामले पर कहना है कि अर्जुन तेंदुलकर पर हमेशा अतिरिक्त दबाव होगा। उनके साथ तेंदुलकर सरनेम जुड़ा हुआ है। इस वजह से उनसे उम्मीदें ज्यादा रहेंगी। सचिन ने जो मानक स्थापित किए हैं, वो उनके बेटे तो दूर, किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए आसान नहीं हैं। कपिल के अनुसार अर्जुन की तुलना उनके पिता के साथ नहीं की जानी चाहिए और उन्हें फिलहाल अपने खेल का मजा लेने देना चाहिए।
कपिलदेव ने कहा "सब उनके बारे में क्यों बात कर रहे हैं। क्योंकि वो सचिन के बेटे हैं। उन्हें अपना क्रिकेट खेलने दीजिए और सचिन के साथ उनकी तुलना मत करिए। तेंदुलकर सरनेम के फायदे के साथ-साथ कई नुकसान भी हैं। डॉन ब्रैडमैन के बेटे ने अपना सरनेम बदल दिया था, क्योंकि वह वो दबाव नहीं झेल पा रहा था। सब उससे उम्मीद कर रहे थे कि वह अपने पिता की तरह बने। इससे बचने के लिए उसने अपना सरनेम बदल दिया था।"
अर्जुन अपने पिता के आधे भी बने तो महान होंगे
अर्जुन ने अब तक कई मौकों पर भारतीय टीम में नेट गेंदबाज के रूप में शामिल हुए हैं और विराट, रोहित और धोनी जैसे दिग्गजों को गेंदबाजी कर चुके हैं। उन्हें लेकर कपिल ने कहा "अर्जुन पर दबाव न बनाएं। वह युवा लड़का है। हम उनसे कुछ भी कहने वाले कौन होते हैं, जब उनके पास महान सचिन तेंदुलकर पिता के रूप में हैं। इसके बावजूद मैं उनसे एक चीज कहना चाहूंगा। आप अपने खेल का मजा लीजिए। आपको कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपने पिता का आधा भी हासिल कर पाते हैं तो उससे बेहतर कुछ नहीं होगा। जब भी तेंदुलकर सरनेम दिखता है तो हमारी उम्मीदें बढ़ जाती हैं, क्योंकि सचिन इतने बेहतरीन खिलाड़ी थे।"
पूर्व भारतीय कप्तान कपिलदेव का इस मामले पर कहना है कि अर्जुन तेंदुलकर पर हमेशा अतिरिक्त दबाव होगा। उनके साथ तेंदुलकर सरनेम जुड़ा हुआ है। इस वजह से उनसे उम्मीदें ज्यादा रहेंगी। सचिन ने जो मानक स्थापित किए हैं, वो उनके बेटे तो दूर, किसी भी युवा क्रिकेटर के लिए आसान नहीं हैं। कपिल के अनुसार अर्जुन की तुलना उनके पिता के साथ नहीं की जानी चाहिए और उन्हें फिलहाल अपने खेल का मजा लेने देना चाहिए।
कपिलदेव ने कहा "सब उनके बारे में क्यों बात कर रहे हैं। क्योंकि वो सचिन के बेटे हैं। उन्हें अपना क्रिकेट खेलने दीजिए और सचिन के साथ उनकी तुलना मत करिए। तेंदुलकर सरनेम के फायदे के साथ-साथ कई नुकसान भी हैं। डॉन ब्रैडमैन के बेटे ने अपना सरनेम बदल दिया था, क्योंकि वह वो दबाव नहीं झेल पा रहा था। सब उससे उम्मीद कर रहे थे कि वह अपने पिता की तरह बने। इससे बचने के लिए उसने अपना सरनेम बदल दिया था।"
अर्जुन अपने पिता के आधे भी बने तो महान होंगे
अर्जुन ने अब तक कई मौकों पर भारतीय टीम में नेट गेंदबाज के रूप में शामिल हुए हैं और विराट, रोहित और धोनी जैसे दिग्गजों को गेंदबाजी कर चुके हैं। उन्हें लेकर कपिल ने कहा "अर्जुन पर दबाव न बनाएं। वह युवा लड़का है। हम उनसे कुछ भी कहने वाले कौन होते हैं, जब उनके पास महान सचिन तेंदुलकर पिता के रूप में हैं। इसके बावजूद मैं उनसे एक चीज कहना चाहूंगा। आप अपने खेल का मजा लीजिए। आपको कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपने पिता का आधा भी हासिल कर पाते हैं तो उससे बेहतर कुछ नहीं होगा। जब भी तेंदुलकर सरनेम दिखता है तो हमारी उम्मीदें बढ़ जाती हैं, क्योंकि सचिन इतने बेहतरीन खिलाड़ी थे।"