ऑस्ट्रेलिया: जस्टिन लैंगर का पद छोड़ने का कोई इरादा नहीं, कहा- मुझे अपने काम से प्यार है
लैंगर ने कहा, अगर बोर्ड और सीईओ और हाई परफॉर्मेंस मैनेजर को लगता है कि मैं कोच के रूप में सही हूं तो मेरा पद छोड़ने का कोई इरादा नहीं। मुझे अपने काम से प्यार है।
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तमाम आलोचनाओं के बाद भी जस्टिन लैंगर ऑस्ट्रेलिया के कोच बने रहना चाहते हैं। लैंगर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 श्रृंखला से पहले कहा, 'कुछ बातें बड़ी कन्फ्यूज करने वाली थी। सच कहूं तो मैं काफी आहत भी हुआ। पिछले तीन साल से मुझे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही थी।' उन्होंने कहा, 'अगर बोर्ड और सीईओ और हाई परफॉर्मेंस मैनेजर को लगता है कि मैं कोच के रूप में सही हूं तो मेरा पद छोड़ने का कोई इरादा नहीं। मुझे अपने काम से प्यार है।'
उन्होंने कहा, 'मैं भारत से वह श्रृंखला हारना नहीं चाहता था। कोई भी हारना नहीं चाहता। मैं अपने काम के प्रति समर्पित हूं। मुझे अपना काम पसंद है। मुझे आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम से प्यार है। मुझे खिलाड़ियों से प्यार है। मुझे उम्मीद है कि पिछले तीन साल से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया आगे भी जारी रहेगी।' गौरतलब है कि इस साल जनवरी में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में भारतीय टीम ने आस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर टेस्ट श्रृंखला जीती थी। भारतीय टीम में नियमित कप्तान विराट कोहली नहीं थे और चोट के कारण कई अन्य खिलाड़ी भी बाहर थे।
लैंगर की तारीफ में फिंच ने पढ़ें थे कसीदे
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की सीमित ओवरों की क्रिकेट टीम के कप्तान आरोन फिंच ने कहा था कि कोच लैंगर और खिलाड़ियों के बीच चल रहा विवाद खत्म हो चुका है। फिंच ने कहा था, ' हम सब जस्टिन लैंगर के पीछे डट कर खड़े हैं। गोल्ड कोस्ट पर कुछ दिनों तक हमारे पास एक अच्छा शिविर था। टिम फोर्ड के साथ समीक्षा में सामने आए कुछ मुद्दों को हल करने की जस्टिन लैंगर की क्षमता ही उन्हें अच्छा व्यक्तित्व बनाती है। उन्होंने एक अलग पक्ष रखा, जो उनकी गुणवत्ता को दशार्ता है कि वह किस तरह के व्यक्ति हैं। वह इन चीजों पर काम कर रहे हैं।'
कंगारू कप्तान ने कहा था, 'जिस तरह से उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया को कोचिंग दी है वह शानदार है। मुझे लगता है कि हमें कुछ अच्छी सफलता मिली है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि भारतीय दौरे के समय उनके लिए काफी संघर्ष था, लेकिन उन्होंने अपने ऊपर लिया और यह बहुत अच्छा था। हमारे नजरिए से यह बहुत सकारात्मक है। यहां बात कुछ चीजों के संयोजन की थी। मुझे लगता है कि वह अपने सहायकों को थोड़ा बेहतर इस्तेमाल कर सकते थे और उस संबंध में किसी को अधिकृत कर सकते थे, लेकिन कुछ भी महत्वपूर्ण नहीं था।'