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Jay Shah: आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर जय शाह के सामने चैंपियंस ट्रॉफी का समाधान खोजने की चुनौती, कैसा रहा है सफर?
Sun, 01 Dec 2024 02:21 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 01 Dec 2024 02:21 PM IST
सार
जय शाह इस वैश्विक संस्था का नेतृत्व करने वाले पांचवें भारतीय हैं। शाह से पहले व्यवसायी दिवंगत जगमोहन डालमिया, राजनेता शरद पवार, वकील शशांक मनोहर और उद्योगपति एन श्रीनिवासन विश्व क्रिकेट संस्था का नेतृत्व करने वाले भारतीयों में शामिल रहे हैं।
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जय शाह-मोहसिन नकवी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव के तौर पर पिछले पांच साल से काम कर रहे जय शाह ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया है। शाह ग्रेग बार्कले की जगह अध्यक्ष बने हैं जो नवंबर 2020 से यह पद संभाले हुए थे। शाह के सामने आगे बड़ी चुनौती है क्योंकि अगले साल चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन होना है और अब तक इसका कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।
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जय शाह
- फोटो : अमर उजाला
आईसीसी अध्यक्ष बनने वाले पांचवें भारतीय
जय शाह इस वैश्विक संस्था का नेतृत्व करने वाले पांचवें भारतीय हैं। शाह से पहले व्यवसायी दिवंगत जगमोहन डालमिया, राजनेता शरद पवार, वकील शशांक मनोहर और उद्योगपति एन श्रीनिवासन विश्व क्रिकेट संस्था का नेतृत्व करने वाले भारतीयों में शामिल रहे हैं। 36 साल के शाह पिछले पांच वर्षों से बीसीसीआई सचिव के तौर पर काम कर रहे थे।
जय शाह इस वैश्विक संस्था का नेतृत्व करने वाले पांचवें भारतीय हैं। शाह से पहले व्यवसायी दिवंगत जगमोहन डालमिया, राजनेता शरद पवार, वकील शशांक मनोहर और उद्योगपति एन श्रीनिवासन विश्व क्रिकेट संस्था का नेतृत्व करने वाले भारतीयों में शामिल रहे हैं। 36 साल के शाह पिछले पांच वर्षों से बीसीसीआई सचिव के तौर पर काम कर रहे थे।
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हाइब्रिड मॉडल का मुद्दा सुलझाने की चुनौती
शाह के कार्यकाल की शुरुआत होने से ठीक पहले आईसीसी की वर्चुअल बैठक हुई थी जिसमें चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर फैसला होने की उम्मीद थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से हाइब्रिड मॉडल स्वीकार करने के लिए कहा गया था, लेकिन पीसीबी शर्तों के साथ इसके लिए तैयार हुआ। जय शाह का कार्यकाल चुनौतियों के साथ शुरू होगा क्योंकि आईसीसी को पाकिस्तान में निर्धारित चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल को लागू करने के लिए एक स्वीकार्य समाधान खोजने की जरूरत है। बीसीसीआई पहले ही कह चुका है कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेगा। शाह बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी रहे हैं जिन्होंने यह फैसला किया था और अब वह आईसीसी अध्यक्ष के रूप में नई भूमिका में आ गए हैं जिन्हें चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही खींचतान को सुलझाना है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका नतीजा क्या निकलता है।
शाह के कार्यकाल की शुरुआत होने से ठीक पहले आईसीसी की वर्चुअल बैठक हुई थी जिसमें चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर फैसला होने की उम्मीद थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) से हाइब्रिड मॉडल स्वीकार करने के लिए कहा गया था, लेकिन पीसीबी शर्तों के साथ इसके लिए तैयार हुआ। जय शाह का कार्यकाल चुनौतियों के साथ शुरू होगा क्योंकि आईसीसी को पाकिस्तान में निर्धारित चैंपियंस ट्रॉफी के लिए हाइब्रिड मॉडल को लागू करने के लिए एक स्वीकार्य समाधान खोजने की जरूरत है। बीसीसीआई पहले ही कह चुका है कि वह चैंपियंस ट्रॉफी के लिए अपनी टीम पाकिस्तान नहीं भेजेगा। शाह बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारी रहे हैं जिन्होंने यह फैसला किया था और अब वह आईसीसी अध्यक्ष के रूप में नई भूमिका में आ गए हैं जिन्हें चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही खींचतान को सुलझाना है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि इसका नतीजा क्या निकलता है।
चैंपियंस ट्रॉफी को लेकर शाह के पदभार संभालने से पहले बैठक हो चुकी है, लेकिन इसका क्या नतीजा निकला यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स में कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि पीसीबी ने आईसीसी के सामने शर्त रखी है कि वह तभी हाइब्रिड मॉडल को स्वीकार करेगा जब आईसीसी इस नीति को 2031 तक होने वाले उसके सभी टूर्नामेंट में लागू करे। 2025 से 2031 तक कई ऐसे टूर्नामेंट है जिसकी मेजबानी भारत के पास है। आईसीसी क्या पीसीबी की यह शर्त स्वीकार करेगा यह देखने वाली बात होगी, लेकिन यह भी देखना दिलचस्प होगा कि जय शाह इस मुद्दे का समाधान किस तरह करते हैं।
दिलचस्प रहा है आईसीसी अध्यक्ष पद तक का सफर
क्रिकेट की वैश्विक संस्था को चलाने वाले शाह अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। जय शाह पर कई बार सोशल मीडिया पर मीम्स बने और उन पर आरोप भी लगाए गए, लेकिन अहमदाबाद से लेकर आईसीसी प्रमुख बनने तक का सफर उनके लिए बड़ा दिलचस्प रहा। शाह की शखिसयत सुधार करने वाले प्रशासक के तौर पर स्पष्ट दिखती है, जो उन्होंने अपने कार्यकाल में किए। कुशल क्रिकेट प्रशासक, कामयाब व्यवसायी, हनुमान जी के भक्त और अनुशासित जीवन जीने वाले शाह ने अपने ही ढंग से अपनी छाप छोड़ी है।
क्रिकेट की वैश्विक संस्था को चलाने वाले शाह अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। जय शाह पर कई बार सोशल मीडिया पर मीम्स बने और उन पर आरोप भी लगाए गए, लेकिन अहमदाबाद से लेकर आईसीसी प्रमुख बनने तक का सफर उनके लिए बड़ा दिलचस्प रहा। शाह की शखिसयत सुधार करने वाले प्रशासक के तौर पर स्पष्ट दिखती है, जो उन्होंने अपने कार्यकाल में किए। कुशल क्रिकेट प्रशासक, कामयाब व्यवसायी, हनुमान जी के भक्त और अनुशासित जीवन जीने वाले शाह ने अपने ही ढंग से अपनी छाप छोड़ी है।
बीसीसीआई सचिव के तौर पर लिए अहम निर्णय
शाह का बीसीसीआई सचिव के तौर पर कार्यकाल कई मायनों में सफल रहा। भारतीय क्रिकेट में दो तारीखें बड़ी महत्वपूर्ण हैं। एक 27 अक्तूबर, 2022, जब भारतीय महिला क्रिकेटरों को पुरुषों के समान फीस देने का एलान हुआ और दूसरी, 28 जनवरी, 2023, जब महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के लिए खिलाड़ियों की बोली लगी। आईपीएल ने अगर विश्व क्रिकेट का परिदृश्य बदला, तो पुरुषों के बराबर फीस और डब्ल्यूपीएल ने महिला क्रिकेट में नई क्रांति ला दी, जिसका श्रेय जाता है जय शाह को जाता है।
शाह का बीसीसीआई सचिव के तौर पर कार्यकाल कई मायनों में सफल रहा। भारतीय क्रिकेट में दो तारीखें बड़ी महत्वपूर्ण हैं। एक 27 अक्तूबर, 2022, जब भारतीय महिला क्रिकेटरों को पुरुषों के समान फीस देने का एलान हुआ और दूसरी, 28 जनवरी, 2023, जब महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के लिए खिलाड़ियों की बोली लगी। आईपीएल ने अगर विश्व क्रिकेट का परिदृश्य बदला, तो पुरुषों के बराबर फीस और डब्ल्यूपीएल ने महिला क्रिकेट में नई क्रांति ला दी, जिसका श्रेय जाता है जय शाह को जाता है।
सुधारों के शाह
जय शाह का ध्यान अपने कार्यकाल के दौरान सुधारों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों के लिए भी रणजी समेत अन्य घरेलू टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य कर दिया। इसी वजह से श्रेयस अय्यर और ईशान किशन पर रणजी नहीं खेलने पर कार्रवाई भी की गई। इसके अलावा शाह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्डों के साथ मिलकर सीमित ओवरों के साथ ही टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने में लगे हैं। 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया है, इसमें आईसीसी की ओर से जय शाह ने अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी क्रिकेट को शामिल करवाया। शाह का अहमदाबाद में दुनिया का सबसे बड़ा नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम बनवाने में अहम योगदान रहा है। अब वह आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर जब अपने कार्यकाल की शुरुआत कर रहे हैं तो सभी को उनसे इस लोकप्रिय खेल को अधिक विकसित करने की उम्मीद होगी।
जय शाह का ध्यान अपने कार्यकाल के दौरान सुधारों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने सीनियर खिलाड़ियों के लिए भी रणजी समेत अन्य घरेलू टूर्नामेंट में खेलना अनिवार्य कर दिया। इसी वजह से श्रेयस अय्यर और ईशान किशन पर रणजी नहीं खेलने पर कार्रवाई भी की गई। इसके अलावा शाह इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्डों के साथ मिलकर सीमित ओवरों के साथ ही टेस्ट क्रिकेट को बढ़ावा देने में लगे हैं। 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया है, इसमें आईसीसी की ओर से जय शाह ने अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं उन्होंने एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी क्रिकेट को शामिल करवाया। शाह का अहमदाबाद में दुनिया का सबसे बड़ा नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम बनवाने में अहम योगदान रहा है। अब वह आईसीसी अध्यक्ष के तौर पर जब अपने कार्यकाल की शुरुआत कर रहे हैं तो सभी को उनसे इस लोकप्रिय खेल को अधिक विकसित करने की उम्मीद होगी।
जय शाह
- फोटो : अमर उजाला
जय शाह का जीवन परिचय?
22 सितंबर 1988 को पैदा हुए जय शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सोनल शाह के पुत्र हैं। गुजरात से ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले जय शाह ने राज्य के ही निरमा विश्वविद्यालय से बीटेक में स्नातक की डिग्री हासिल की है। उन्होंने कॉलेज की मित्र रिशिता पटेल से फरवरी 2015 में शादी की। उनकी दो बेटियां हैं। करीबी बताते हैं कि वह हमेशा अनुशासित और सामान्य रहना पसंद करते हैं।
22 सितंबर 1988 को पैदा हुए जय शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सोनल शाह के पुत्र हैं। गुजरात से ही प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने वाले जय शाह ने राज्य के ही निरमा विश्वविद्यालय से बीटेक में स्नातक की डिग्री हासिल की है। उन्होंने कॉलेज की मित्र रिशिता पटेल से फरवरी 2015 में शादी की। उनकी दो बेटियां हैं। करीबी बताते हैं कि वह हमेशा अनुशासित और सामान्य रहना पसंद करते हैं।