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'फिक्सिंग रोकने का काम पुलिस का, हमारा नहीं'
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Tue, 21 May 2013 05:57 PM IST
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अभिनेता विंदू दारा सिंह की गिरफ्तारी के बाद आईपीएल कमिश्नर राजीव शुक्ला का कहना है कि स्पॉट फिक्सिंग रोकने का काम पुलिस का है क्रिकेट बोर्ड का नहीं।
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विंदू की गिरफ्तारी के बाद आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग का मामला और गहराता जा रहा है। शुक्ला का कहना है कि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएंगे। निश्चित तौर पर स्पॉट फिक्सिंग पर रोक लगाने के सार्थक प्रयास किए जाएंगे।
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विंदू की गिरफ्तारी के बाद सवालों से झल्लाए आईपीएल के कमिश्नर राजीव शुक्ला ने एक साक्षात्कार में कहा है कि आईपीएल तो महज डेढ़ महीने का खेल है। जबकि फिक्सिंग साल भर होते हैं। ऐसे में फिक्सिंग को रोकने का काम पुलिस का होता है न कि बोर्ड का।
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उन्होंने आगे कहा कि तीन-चार खिलाड़ियों के गलत काम करने से टूर्नामेंट में खेल रहे तीन सौ खिलाड़ी दागदार नहीं हो जाते। कुछ खिलाड़ी बुरे जरूर हैं लेकिन इससे पूरा आईपीएल बुरा नहीं हो जाता। सट्टेबाजी पर सख्त कानून बनाए जाने की जरूरत है जिससे इस पर अंकुश लगाया जा सके।
आईपीएल 6 के दौरान राजस्थान रॉयल्स के श्रीसंत समेत 3 क्रिकेटरों के अलावा 11 बुकीज पिछले हफ्ते गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनके बाद फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े विंदू की गिरफ्तारी के बाद बॉलीवुड से भी कनेक्श्न की बात कही जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी एक दिन पूर्व स्पॉट फिक्सिंग मामले पर बीसीसीआई को लताड़ लगाई और कहा कि खिलाड़ियों पर लगाम लगाने के बीसीआई के लचर रवैये के कारण ही इस तरह की घटनाएं घटी हैं।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति बीएस चौहान तथा न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा कि यह बीसीसीआई की जिम्मेदारी है कि वह वह 125 वर्ष पुराने इस खेल की प्रतिष्ठा को बचाए और बनाए रखे।
देश की शीर्ष अदालत ने आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग की जांच कर रहे एक सदस्यीय जांच समिति को अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया और बीसीसीआई से रिपोर्ट पर उसके नियमों के तहत कार्रवाई करने का समय भी दिया।