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KKR vs SRH Analysis: आंद्रे रसेल से पार नहीं पा सकी हैदराबाद की टीम, उमेश के एक विकेट ने पलटा मैच
Sun, 15 May 2022 11:15 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 15 May 2022 11:15 AM IST
सार
कोलकाता के खिलाफ हार के साथ ही हैदराबाद के लिए प्लेऑफ की राह मुश्किल हो गई है। अब अपने सभी मैच जीतने पर भी यह टीम रन रेट के फेर में फंसेगी और बाकी टीमों के नतीजों पर निर्भर रहेगी।
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कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद
- फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
आईपीएल 2022 के 61वें मैच में कोलकाता की टीम ने करो या मरो का मुकाबला जीतकर अपने प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को जिंदा रखा है। हैदराबाद के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता ने 177 रन बनाए और सनराइजर्स को 123 रन पर रोककर मुकाबला 54 रन से अपने नाम किया। इस हार के साथ ही हैदराबाद के लिए प्लेऑफ की राह मुश्किल हो गई है। अब अपने सभी मैच जीतने पर भी यह टीम रन रेट के फेर में फंसेगी और प्लेऑफ में पहुंचने के लिए बाकी टीमों के नतीजे पर निर्भर रहेगी।
रन रेट के फेर से बचने के लिए हैदराबाद को यह मैच हर हाल में जीतना था, लेकिन विलियम्सन की टीम ऐसा नहीं कर पाई और अब लीग की टॉप चार टीमों में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। इस साल हैदराबाद की टीम शुरुआत में दो मैच हारी थी। इसके बाद लगातार पांच मैच जीते और अब लगातार पांचवां मैच हार चुकी है। अब बाकी दो मैच बड़े अंतर से जीतने पर ही यह टीम प्लेऑफ में जगह बना पाएगी।
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रन रेट के फेर से बचने के लिए हैदराबाद को यह मैच हर हाल में जीतना था, लेकिन विलियम्सन की टीम ऐसा नहीं कर पाई और अब लीग की टॉप चार टीमों में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। इस साल हैदराबाद की टीम शुरुआत में दो मैच हारी थी। इसके बाद लगातार पांच मैच जीते और अब लगातार पांचवां मैच हार चुकी है। अब बाकी दो मैच बड़े अंतर से जीतने पर ही यह टीम प्लेऑफ में जगह बना पाएगी।
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कोलकाता नाईट राइडर्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद
- फोटो : Amar Ujala Graphics
मैच के टर्निंग प्वाइंट्स
1. रहाणे और नीतीश राणा की साझेदारी
पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता का पहला विकेट 17 रन के स्कोर पर गिर गया था। एक बार फिर इस टीम का टॉप ऑर्डर फेल होने की कगार पर था, लेकिन अजिंक्य रहाणे और नीतीश राणा ने ऐसा नहीं होने दिया। दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 48 रन जोड़े। रहाणे एक छोर पर खड़े रहे, जबकि राणा ने तेजी से रन बनाए।
2. उमरान के तीन विकेट ने कोलकाता को रोका
पावरप्ले में एक विकेट के नुकसान पर 55 रन बनाने वाली कोलकाता की टीम तेजी से बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी। रहाणे एक छोर पर खड़े थे और राणा दूसरे छोर पर तेजी से रन बना रहे थे। इसके बाद उमरान मलिक ने पहले नीतीश राणा और फिर रहाणे को आउट करके कोलकाता की टीम को रोका। बाद में कप्तान श्रेयस अय्यर का विकेट निकाल उन्होंने कोलकाता के मध्यक्रम को सस्ते में निपटा दिया। उन्होंने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट झटके। उमरान ने 18 रन के अंदर कोलकाता को तीन झटके न दिए होते तो यह टीम 200 से ज्यादा का स्कोर बना सकती थी।
3. रसेल और बिलिंग्स के बीच तूफानी साझेदारी
कोलकाता के मध्यक्रम के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए थे और अंत में आंद्रे रसेल और बिलिंग्स पर तेजी से रन बनाने का दारोमदार था। रसेल ने ऐसा ही किया और 28 गेंद में 49 रन बनाए। 11.3 ओवर में कोलकाता की आधी टीम 94 रन बनाकर पवेलियन लौट चुकी थी। इसके बाद रसेल और बिलिंग्स ने 63 रन जोड़कर अपनी टीम का स्कोर 157 तक पहुंचाया। अंत में रसेल ने और तेजी से रन बनाकर कोलकाता का स्कोर 177 तक पहुंचाया।
4. उमेश-रसेल की शानदार गेंदबाजी
उमेश यादव और आंद्रे रसेल ने कोलकाता के लिए शानदार गेंदबाजी की। पहले उमेश ने हैदराबाद के बल्लेबाजों को बांधकर रखा फिर रसेल ने कप्तान विलियम्सन को आउट कर हैदराबाद को मुश्किल में डाल दिया। विलियम्सन के आउट होने के बाद कोई बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाया और हैदराबाद की टीम बिखर गई। रसेल ने चार ओवर में 22 रन देकर तीन विकेट निकाले।
5. उमेश ने मार्करम को आउट कर पलटा मैच
हैदराबाद की टीम चार विकेट पर 99 रन बना चुकी थी और एडेन मार्करम के साथ वॉशिंगटन सुंदर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसके शशांक सिंह को भी बल्लेबाजी के लिए आना था। ये तीनों बल्लेबाज मिलकर हैदराबाद को मैच जिता सकते थे, लेकिन उमेश ने मार्करम को बोल्ड कर अपनी टीम की जीत तय कर दी। उनके आउट होने के बाद हैदराबाद सिर्फ 24 रन बना पाई।
1. रहाणे और नीतीश राणा की साझेदारी
पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता का पहला विकेट 17 रन के स्कोर पर गिर गया था। एक बार फिर इस टीम का टॉप ऑर्डर फेल होने की कगार पर था, लेकिन अजिंक्य रहाणे और नीतीश राणा ने ऐसा नहीं होने दिया। दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 48 रन जोड़े। रहाणे एक छोर पर खड़े रहे, जबकि राणा ने तेजी से रन बनाए।
2. उमरान के तीन विकेट ने कोलकाता को रोका
पावरप्ले में एक विकेट के नुकसान पर 55 रन बनाने वाली कोलकाता की टीम तेजी से बड़े स्कोर की तरफ बढ़ रही थी। रहाणे एक छोर पर खड़े थे और राणा दूसरे छोर पर तेजी से रन बना रहे थे। इसके बाद उमरान मलिक ने पहले नीतीश राणा और फिर रहाणे को आउट करके कोलकाता की टीम को रोका। बाद में कप्तान श्रेयस अय्यर का विकेट निकाल उन्होंने कोलकाता के मध्यक्रम को सस्ते में निपटा दिया। उन्होंने चार ओवर में 33 रन देकर तीन विकेट झटके। उमरान ने 18 रन के अंदर कोलकाता को तीन झटके न दिए होते तो यह टीम 200 से ज्यादा का स्कोर बना सकती थी।
3. रसेल और बिलिंग्स के बीच तूफानी साझेदारी
कोलकाता के मध्यक्रम के बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाए थे और अंत में आंद्रे रसेल और बिलिंग्स पर तेजी से रन बनाने का दारोमदार था। रसेल ने ऐसा ही किया और 28 गेंद में 49 रन बनाए। 11.3 ओवर में कोलकाता की आधी टीम 94 रन बनाकर पवेलियन लौट चुकी थी। इसके बाद रसेल और बिलिंग्स ने 63 रन जोड़कर अपनी टीम का स्कोर 157 तक पहुंचाया। अंत में रसेल ने और तेजी से रन बनाकर कोलकाता का स्कोर 177 तक पहुंचाया।
4. उमेश-रसेल की शानदार गेंदबाजी
उमेश यादव और आंद्रे रसेल ने कोलकाता के लिए शानदार गेंदबाजी की। पहले उमेश ने हैदराबाद के बल्लेबाजों को बांधकर रखा फिर रसेल ने कप्तान विलियम्सन को आउट कर हैदराबाद को मुश्किल में डाल दिया। विलियम्सन के आउट होने के बाद कोई बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर पाया और हैदराबाद की टीम बिखर गई। रसेल ने चार ओवर में 22 रन देकर तीन विकेट निकाले।
5. उमेश ने मार्करम को आउट कर पलटा मैच
हैदराबाद की टीम चार विकेट पर 99 रन बना चुकी थी और एडेन मार्करम के साथ वॉशिंगटन सुंदर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसके शशांक सिंह को भी बल्लेबाजी के लिए आना था। ये तीनों बल्लेबाज मिलकर हैदराबाद को मैच जिता सकते थे, लेकिन उमेश ने मार्करम को बोल्ड कर अपनी टीम की जीत तय कर दी। उनके आउट होने के बाद हैदराबाद सिर्फ 24 रन बना पाई।
आंद्रे रसेल
- फोटो : अमर उजाला
कैसा रहा दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
इस मैच में दोनों टीमों के कप्तान बल्ले के साथ कुछ खास नहीं कर सके। अय्यर ने नौ गेंद में 15 रन बनाए तो विलियम्सन 17 गेंद में नौ रन बनाकर पवेलियन लौटे। फील्डिंग के दौरान अय्यर ने ज्यादा प्रभावित किया। उन्होंने अपने गेंदबाजों का सही इस्तेमाल किया और कोलकाता के हर गेंदबाज ने अच्छी गेंदबाजी की। उमेश से पावरप्ले में गेंदबाजी कराने के बाद उन्हें बीच के ओवरों में श्रेयस ने गेंद थमाई और उमेश ने क्रीज पर जमे मार्करम को आउट किया। वहीं, विलियम्सन ने उमरान मलिक का अच्छा इस्तेमाल किया, लेकिन उनके पास रसेल को रोकने के लिए कोई तरीका नहीं था। इसी वजह से उनकी टीम हार गई।
कोलकाता के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पक्षः करो या मरो के मुकाबले में टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। मुंबई के बाद हैदराबाद के खिलाफ भी टीम ने जीत हासिल की। बल्लेबाजी में रसेल, बिलिंग्स, राणा और रहाणे ने उपयोगी पारियां खेली। गेंदबाजी में सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। सभी गेंदबाजों ने कंजूसी से रन दिए। रसेल और साउदी ने विकेट भी चटकाए। मैच में कमिंस के जाने की कमी नहीं खली।
नकारात्मक पक्षः एक बार फिर कोलकाता की ओपनिंग जोड़ी फ्लॉप हुई। इस सीजन ओपनिंग जोड़ी का खराब प्रदर्शन कोलकाता की सबसे बड़ी समस्या रहा है। इस मैच में रहाणे और वेंकटेश ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 17 रन जोड़े। टीम का कोई बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका। रहाणे, नीतीश राणा, श्रेयस अय्यर, सैम बिलिंग्स अच्छी शुरुआत के बाद आउट हुए और बड़ी पारी नहीं खेल पाए। वहीं, गेंदबाजी मे उमेश यादव अब पावरप्ले में विकेट नहीं ले पा रहे हैं। नरेन और वरुण की स्पिन जोड़ी भी बहुत अच्छी लय में नहीं है। दोनों ने मिलकर सिर्फ दो विकेट लिए।
इस मैच में दोनों टीमों के कप्तान बल्ले के साथ कुछ खास नहीं कर सके। अय्यर ने नौ गेंद में 15 रन बनाए तो विलियम्सन 17 गेंद में नौ रन बनाकर पवेलियन लौटे। फील्डिंग के दौरान अय्यर ने ज्यादा प्रभावित किया। उन्होंने अपने गेंदबाजों का सही इस्तेमाल किया और कोलकाता के हर गेंदबाज ने अच्छी गेंदबाजी की। उमेश से पावरप्ले में गेंदबाजी कराने के बाद उन्हें बीच के ओवरों में श्रेयस ने गेंद थमाई और उमेश ने क्रीज पर जमे मार्करम को आउट किया। वहीं, विलियम्सन ने उमरान मलिक का अच्छा इस्तेमाल किया, लेकिन उनके पास रसेल को रोकने के लिए कोई तरीका नहीं था। इसी वजह से उनकी टीम हार गई।
कोलकाता के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पक्षः करो या मरो के मुकाबले में टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही है। मुंबई के बाद हैदराबाद के खिलाफ भी टीम ने जीत हासिल की। बल्लेबाजी में रसेल, बिलिंग्स, राणा और रहाणे ने उपयोगी पारियां खेली। गेंदबाजी में सभी खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। सभी गेंदबाजों ने कंजूसी से रन दिए। रसेल और साउदी ने विकेट भी चटकाए। मैच में कमिंस के जाने की कमी नहीं खली।
नकारात्मक पक्षः एक बार फिर कोलकाता की ओपनिंग जोड़ी फ्लॉप हुई। इस सीजन ओपनिंग जोड़ी का खराब प्रदर्शन कोलकाता की सबसे बड़ी समस्या रहा है। इस मैच में रहाणे और वेंकटेश ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 17 रन जोड़े। टीम का कोई बल्लेबाज अर्धशतक नहीं लगा सका। रहाणे, नीतीश राणा, श्रेयस अय्यर, सैम बिलिंग्स अच्छी शुरुआत के बाद आउट हुए और बड़ी पारी नहीं खेल पाए। वहीं, गेंदबाजी मे उमेश यादव अब पावरप्ले में विकेट नहीं ले पा रहे हैं। नरेन और वरुण की स्पिन जोड़ी भी बहुत अच्छी लय में नहीं है। दोनों ने मिलकर सिर्फ दो विकेट लिए।
हैदराबाद के लिए कैसा रहा मैच
सकारात्मक पक्षः सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और एडेन मार्करम ने अच्छी बल्लेबाजी की। अभिषेक अर्धशतक से चूके, लेकिन एक बार उन्होंने साबित किया कि उन पर निवेश कर हैदराबाद ने सही फैसला किया है। वहीं, मार्करम ने मध्यक्रम में टीम को संभाला, लेकिन उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। इस वजह से टीम को जीत नहीं दिला पाए। गेंदबाजी में उमरान मलिक ने तीन विकेट निकाले और कोलकाता को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका। भुवनेश्वर और मार्को यानसेन ने भी कंजूसी से रन खर्चे।
नकारात्मक पक्षः टी नटराजन और वॉशिंगटन सुंदर महंगे साबित हुए। टीम लगातार पांचवें मैच में हार गई। उमरान के अलावा कोई गेंदबाज एक से ज्यादा विकेट नहीं ले पाया। डेथ ओवरों में सभी गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए। वहीं, टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। अभिषेक, मार्करम और शशांक को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाया। कप्तान विलियम्सन ने बहुत धीमी बल्लेबाजी की। राहुल त्रिपाठी, निकोलस पूरन, वॉशिंगटन सुंदर और शशांक सिंह भी कुछ खास नहीं कर सके।
सकारात्मक पक्षः सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और एडेन मार्करम ने अच्छी बल्लेबाजी की। अभिषेक अर्धशतक से चूके, लेकिन एक बार उन्होंने साबित किया कि उन पर निवेश कर हैदराबाद ने सही फैसला किया है। वहीं, मार्करम ने मध्यक्रम में टीम को संभाला, लेकिन उन्हें किसी का साथ नहीं मिला। इस वजह से टीम को जीत नहीं दिला पाए। गेंदबाजी में उमरान मलिक ने तीन विकेट निकाले और कोलकाता को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका। भुवनेश्वर और मार्को यानसेन ने भी कंजूसी से रन खर्चे।
नकारात्मक पक्षः टी नटराजन और वॉशिंगटन सुंदर महंगे साबित हुए। टीम लगातार पांचवें मैच में हार गई। उमरान के अलावा कोई गेंदबाज एक से ज्यादा विकेट नहीं ले पाया। डेथ ओवरों में सभी गेंदबाजों ने जमकर रन लुटाए। वहीं, टीम की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप रही। अभिषेक, मार्करम और शशांक को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा नहीं छू पाया। कप्तान विलियम्सन ने बहुत धीमी बल्लेबाजी की। राहुल त्रिपाठी, निकोलस पूरन, वॉशिंगटन सुंदर और शशांक सिंह भी कुछ खास नहीं कर सके।