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IPL 2022: ऑक्शन हो गया पूरा, फिर भी किस टीम के पास रह गई किस चीज की कमी, जानें
Tue, 15 Feb 2022 09:21 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 15 Feb 2022 09:21 AM IST
सार
सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले की तरह इस नीलामी में भी सिर्फ गेंदबाजों पर ही पैसे खर्च किए, जो कि मैच के दौरान उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। बैटिंग ऑर्डर में कोई कैप्ड भारतीय बल्लेबाज नहीं है। यह टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है।
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आईपीएल 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आईपीएल 2022 के लिए मेगा ऑक्शन हो चुका है। सभी टीमों ने 15वें सीजन के लिए अपनी टीमें तैयार कर ली हैं। चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स ने अपने-अपने 25-25 खिलाड़ियों के कोटे को पूरा किया, वहीं दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स ने 24-24 खिलाड़ी खरीदा।
सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस ने 23-23 खिलाड़ियों को खरीदा, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 22 और लखनऊ सुपर जाएंट्स ने 21 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है। सभी टीमों ने अपने-अपने हिसाब से बेस्ट खिलाड़ियों को चुना, लेकिन सभी में कोई न कोई कमी रह गई है। हम आपको उन्हीं कमियों के बारे में बताने जा रहे हैं।
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सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस ने 23-23 खिलाड़ियों को खरीदा, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने 22 और लखनऊ सुपर जाएंट्स ने 21 खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल किया है। सभी टीमों ने अपने-अपने हिसाब से बेस्ट खिलाड़ियों को चुना, लेकिन सभी में कोई न कोई कमी रह गई है। हम आपको उन्हीं कमियों के बारे में बताने जा रहे हैं।
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चेन्नई सुपर किंग्स
चेन्नई सुपर किंग्स
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 48 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 2.95 करोड़
- सबसे बड़ी खरीद: दीपक चाहर (14 करोड़), अंबाती रायुडू (6.75 करोड़)
- कैप्टन: महेंद्र सिंह धोनी
डिफेंडिंग चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स ने नई टीम में कुछ ज्यादा बदलाव नहीं किए हैं। उन्होंने अपनी कोर टीम को बनाए रखा है। यही हमेशा से उनकी जीत का महत्वपूर्ण कारण भी रहा है। ऑक्शन में चेन्नई अपने सभी पुराने खिलाड़ियों को नहीं खरीद सकी, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ियों को वह खरीदने में कामयाब हुए हैं। जिनको सीएसके की टीम नहीं खरीद पाई, उनके विकल्प के तौर पर खिलाड़ियों को चुना भी है, ताकि टीम कॉम्बिनेशन पर असर नहीं पड़े।
फाफ डुप्लेसिस की जगह अब न्यूजीलैंड के डेवोन कॉन्व ओपनिंग करते नजर आएंगे, वहीं शिवम दुबे शार्दुल ठाकुर के रिप्लेसमेंट होंगे। एडम मिल्ने को जोश हेजलवुड का रिप्लेसमेंट माना जा रहा है। कई टीमों को अपनी बेस्ट प्लेइंग-11 बनाने के लिए जूझना पड़ा, वहीं सीएसके की टीम अपने खिलाड़ियों के चुनाव से खुश होगी।
कमजोर कड़ी
चेन्नई को डुप्लेसिस के रिप्लेसमेंट के तौर पर कोई अनुभवी ओपनर को खरीदना चाहिए था। कॉन्वे टेस्ट में तो न्यूजीलैंड के लिए ओपनिंग कर चुके हैं, लेकिन टी-20 अंतरराष्ट्रीय में उन्हें ओपनिंग करने का ज्यादा अनुभव नहीं है। न्यूजीलैंड के लिए कॉन्व ने सिर्फ एक मैच में ओपनिंग की है और 36 रन बनाए हैं। चेन्नई को एक स्पेशलिस्ट ओपनर की कमी खलेगी।
मुंबई इंडियंस
मुंबई इंडियंस
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 48 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 10 लाख
- सबसे बड़ी खरीद: ईशान किशन (15.25 करोड़), टिम डेविड (8.25 करोड़), जोफ्रा आर्चर (8 करोड़)
- कैप्टन: रोहित शर्मा
मुंबई ने ऑक्शन में अपने 25 खिलाड़ी तो चुन लिए, लेकिन यह टीम 2020 जैसी मजबूत नहीं दिख रही है। टीम ने ईशान किशन को काफी ऊंचे दाम पर तो खरीद लिया, लेकिन बल्लेबाजी में अभी भी टीम कमजोर दिख रही है। पहले पांड्या भाइयों और क्विंटन डिकॉक के रहने से टीम की बैटिंग लाइन अप बेहद मजबूत दिखती थी, जो कि अब नहीं है। मुबंई के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ी सिंगापुर के टिम डेविड हैं, जिसे फ्रेंचाइजी ने 8.25 करोड़ में खरीदा। इसके अलावा डैनियल सैम्स और टायमल मिल्स के रूप में तेज गेंदबाजों को खरीदा है।
कमजोर कड़ी
टीम की बल्लेबाजी कमजोर दिख रही है। पहले डिकॉक, रोहित, ईशान, सूर्यकुमार, हार्दिक, क्रुणाल और पोलार्ड के रहने से बल्लेबाजी मजबूत दिखती थी। अब रोहित, ईशान और सूर्यकुमार के बाद सिर्फ पोलार्ड ही पुराने खिलाड़ी हैं। टीम का मिडिल ऑर्डर पूरी तरह बदल चुका है। तिलक वर्मा और टिम डेविड जैसे बल्लेबाज मध्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, अब टीम के पास पांड्या ब्रदर्स जैसे ऑलराउंडर भी नहीं हैं।
फैबियन एलेन ऑलराउंडर की जिम्मेदारी संभालेंगे। टीम की गेंदबाजी भी पहले की तरह मजबूत नहीं दिख रही। जोफ्रा आर्चर को मुंबई ने खरीदा जरूर है, पर वह 2023 से खेलते दिखेंगे। ऐसे में इस साल टायमल मिल्स बुमराह का साथ देते नजर आएंगे। मुंबई में क्वालिटी स्पिनर की कमी भी दिख रही है। मयंक मार्कंडेय ही एकमात्र अच्छे रिस्ट स्पिनर टीम के पास मौजूद हैं।
लखनऊ सुपर जाएंट्स
लखनऊ सुपर जाएंट्स
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 59.80 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 0
- सबसे बड़ी खरीद: आवेश खान (10 करोड़), जेसन होल्डर (8.75 करोड़)
- कैप्टन: केएल राहुल
लखनऊ सबसे अच्छी स्ट्रैट्जी के साथ नीलामी में उतरी थी। उन्होंने पर्स का बेहतरीन इस्तेमाल किया और खिलाड़ियों को खरीदने में कोई कोताहि नहीं बरती। फ्रेंचाइजी ने बैटिंग, बॉलिंग, विकेटकीपिंग और ऑलराउंडर्स चारों डिपार्टमेंट के सटीक खिलाड़ियों को खरीदा है और टीम संतुलित नजर आ रही है। लखनऊ की टीम में छह अंतरराष्ट्रीय ऑलराउंडर मौजूद हैं।
केएल राहुल और क्विंटन डिकॉक ओपनिंग करते नजर आएंगे। वहीं, मिडिल ऑर्डर में मार्कस स्टोइनिस, क्रुणाल पांड्या और दीपक हुड्डा मौजूद हैं। तेज गेंदबाजी की कमान मार्क वुड, जेसन होल्डर और आवेश खान के हाथों में होगी। रवि बिश्नोई और कृष्णप्पा गौतम स्पिन की बागडोर संभालेंगे।
कमजोर कड़ी
लखनऊ की टीम में कुछ खास कमजोरी नजर नहीं आ रही। हालांकि, स्पिन डिपार्टमेंट को टीम थोड़ा और मजबूत कर सकती थी। जब राहुल पंजाब किंग्स के कप्तान थे, तब भी टीम के पास रवि बिश्नोई के अलावा कोई स्पेशलिस्ट स्पिनर नहीं था। अब जब वे लखनऊ के कप्तान होंगे, तब भी टीम के पास रवि के अलावा कोई अच्छा स्पिनर नहीं है। इसकी कमी जरूर खल सकती है।
दिल्ली कैपिटल्स
दिल्ली कैपिटल्स
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 47.5 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 10 लाख
- सबसे बड़ी खरीद: शार्दुल ठाकुर (10.75 करोड़), मिचेल मार्श (6.5 करोड़)
- कैप्टन: ऋषभ पंत
दिल्ली कैपिटल्स पूरे ऑक्शन में इस बात पर ध्यान दे रही थी कि उन्हें अपने कोर खिलाड़ियों को वापस खरीदना है। इसलिए टीम ने शिखर धवन, आर अश्विन और कगिसो रबाडा पर भी बोली लगाई, लेकिन उन्हें खरीदने में कामयाब नहीं हो सके। धवन को खोना दिल्ली को इतना नहीं खलेगा, क्योंकि टीम ने डेविड वार्नर जैसे शानदार ओपनर को उम्मीद से कम पैसे में अपनी टीम से जोड़ा है।
धवन और श्रेयस अय्यर के नहीं रहने के बावजूद भी दिल्ली के पास टॉप चार बल्लेबाज हैं। इसके अलावा टीम के पास गेंदबाजी के भी कई विकल्प हैं। दिल्ली के पास चेतन साकरिया, खलील अहमद और मुस्तफिजुर रहमान के रूप में तीन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं। अगर टीम सही प्लेइंग-11 चुनती है तो चैंपियन भी बन सकती है।
कमजोर कड़ी
टीम के पास एक अनुभवी विदेशी तेज गेंदबाज की कमी है। एनरिक नॉर्त्जे फिलहाल हिप इंजरी से रिकवर कर रहे हैं और टी-20 वर्ल्ड कप के बाद से एक भी मैच नहीं खेला है। वह सीधे आईपीएल में खेलते दिख सकते हैं। चोट के बाद वापसी करना भी नॉर्त्जे के लिए आसान नहीं होगा। ऐसे में टीम के लिए एक अतिरिक्त विदेशी गेंदबाज फायदेमंद हो सकता था।
पंजाब किंग्स
पंजाब किंग्स
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 72 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 3.45 करोड़
- सबसे बड़ी खरीद: लियाम लिविंगस्टोन (11.5 करोड़), कगिसो रबाडा (9.25 करोड़), शाहरुख खान (9 करोड़)
- कैप्टन: शिखर धवन
पंजाब को पहले ऑक्शन में अच्छे खिलाड़ियों को नहीं खरीदने के लिए ट्रोल किया जाता था। हालांकि, इस बार इस फ्रेंचाइजी ने एकदम सटीक खिलाड़ियों को खरीदा है और ऑक्शन के टॉप परफॉर्मर्स हैं। इस टीम ने पावर हिटर्स और लोअर ऑर्डर में अच्छी बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ियों को खरीदा है। केएल राहुल की गैरमौजूदगी की शिखर धवन भरपाई करते नजर आएंगे।
उन्हें कप्तानी भी सौंपी जा सकती है। जॉनी बेयरस्टो और लिविंगस्टोन के रूप में टीम के पास विश्व के दो बेहतरीन हिटर्स हैं। इसके बाद पंजाब के पास शाहरुख खान और ओडिन स्मिथ के रूप में दो और जबरदस्त हिटर्स मौजूद हैं। गेंदबाजी में रबाडा और अर्शदीप सिंह मजबूत साबित हो सकते हैं। राज बावा के रूप में एक और बॉलिंग ऑलराउंडर मौजूद है। टीम काफी संतुलित नजर आ रही है।
कमजोर कड़ी
पंजाब मिडिल ऑर्डर में कुछ और भरोसेमंद भारतीय बल्लेबाजों को खरीद सकता था। ऐसा इसलिए क्योंकि बेयरस्टो और लिविंगस्टोन के चोटिल होने पर टीम के पास उनके रिप्लेसमेंट के तौर पर कोई अच्छा बल्लेबाज मौजूद नहीं है। एक या दो घरेलू बल्लेबाज टीम के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता था।
कोलकाता नाइट राइडर्स
कोलकाता नाइट राइडर्स
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 48 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 45 लाख
- सबसे बड़ी खरीद: श्रेयस अय्यर (12.25 करोड़), नीतीश राणा (8 करोड़)
- संभावित कप्तान: श्रेयस अय्यर
कोलकाता नाइट राइडर्स टीम इस ऑक्शन में अपने चार मैच विनर्स खिलाड़ियों को रिटेन कर उतरी थी। वेंकटेश अय्यर, वरुण चक्रवर्ती, आंद्रे रसेल और सुनील नरेन। मेगा ऑक्शन के पहले दिन टीम ने नीतीश राणा, पैट कमिंस और शिवम मावी को भी खरीद लिया और अपनी कोर टीम को रिटेन करने की कोशिश की।
टीम ने श्रेयस अय्यर के रूप में एक संभावित कप्तान को भी खरीदा। वहीं, कमिंस भी कप्तानी कर सकते हैं। हालांकि, इन बड़ी खरीद से उनके पर्स में रकम नहीं बची। दूसरे दिन फिर भी टीम ने एलेक्स हेल्स, सैम बिलिंग्स, टिम साउदी और उमेश यादव के रूप में अनुभवी खिलाड़ियों को खरीदा।
कमजोर कड़ी
सबसे बड़ा सवाल अजिंक्य रहाणे का खरीदा जाना है। टीम ने ऑक्शन में ओपनर्स नहीं खरीदे हैं और वेंकटेश के साथ रहाणे ही ओपनिंग करते दिखेंगे। सवाल यह उठता है कि जरूरत पड़ने पर क्या वह आक्रामक बल्लेबाजी कर सकेंगे? एलेक्स हेल्स संभवत: टीम के पास बेस्ट ओपनर है, लेकिन सिर्फ चार विदेशियों को खिलाने की पाबंदी की वजह से हेल्स को शामिल करना मुश्किल होगा। इसके साथ ही टीम के पास विकेटकीपर बल्लेबाजों की कमी है। सैम बिलिंग्स के अलावा टीम के पास शेल्डन जैक्सन हैं। जैक्सन की तुलना में बिलिंग्स बेहतर हैं। कोलकाता को किसी अच्छे भारतीय विकेटकीपर को खरीदना चाहिए था।
राजस्थान रॉयल्स
राजस्थान रॉयल्स
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 62 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 95 लाख
- सबसे बड़ी खरीद: प्रसिद्ध कृष्णा (10 करोड़), शिमरोन हेटमायर (8.5 करोड़)
- कैप्टन: संजू सैमसन
राजस्थान रॉयल्स ने ऑक्शन से पहले संजू सैमसन, जोस बटलर और यशस्वी जायसवाल को रिटेन किया था। ये तीनों बल्लेबाज थे। ऑक्शन में पहले दिन रविचंद्रन अश्विन और युजवेंद्र चहल को कुल मिलाकर 11.5 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके बाद ट्रेंट बोल्ट और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे बेहतरीन तेज गेंदबाजों को भी अपनी टीम से जोड़ा।
नीलामी का पहला दिन समाप्त होने के बाद उनकी प्लेइंग-11 तैयार हो गई थी। दूसरे दिन गुम हो गई और आधे ऑक्शन तक किसी को खरीदा ही नहीं। आखिरी राउंड में टीम ने 18 खिलाड़ियों के कोटे को पूरा करने के लिए कुछ और खिलाड़ियों को खरीद लिया। इनमें रसी वान डर डुसेन, जेम्स नीशम, नाथन कुल्टर नाइल और डेरिल मिचेल शामिल हैं।
कमजोर कड़ी
टीम के ओपनर्स में अनुभव की कमी है। देवदत्त पडिक्कल और यशस्वी जायसवाल ओपनिंग करते दिखेंगे। इसके साथ ही सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। इससे विपक्षी गेंदबाजों को रणनीति बनाने में परेशानी नहीं होगी। जोस बटलर को ओपनिंग भेजने पर इन युवाओं में से किसी एक मिडिल ऑर्डर में भेजा जाएगा, जो कि प्लेइंग-11 से खिलवाड़ करना होगा। टीम के लिए दूसरी परेशानी लोअर मिडिल ऑर्डर में किसी हार्ड हिटर की कमी है। अगर वह कुल्टरनाइल को खिलाते हैं, तो टीम को एक बल्लेबाज को बाहर बैठाना होगा। अगर टीम जेम्स नीशम को मौका देती है तो डेथ ओवर में किसी अच्छे गेंदबाज की कमी खल सकती है।
सनराइजर्स हैदराबाद
सनराइजर्स हैदराबाद
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 68 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 10 लाख
- सबसे बड़ी खरीद: निकोलस पूरन (10.75 करोड़), वाशिंगटन सुंदर (8.75 करोड़), राहुल त्रिपाठी (8.5 करोड़)
- कैप्टन: केन विलियम्सन
सनराइजर्स हैदराबाद ने पहले की तरह इस नीलामी में भी सिर्फ गेंदबाजों पर ही पैसे खर्च किए, जो कि मैच के दौरान उनके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। बैटिंग ऑर्डर में कोई कैप्ड भारतीय बल्लेबाज नहीं है। यह टीम की सबसे बड़ी कमजोरी है। राहुल त्रिपाठी और एडेन मार्करम ओपनिंग करते दिखेंगे।
मध्यक्रम में विलियम्सन के अलावा निकोलस पूरन और अब्दुल समद खेलते दिखेंगे। गेंदबाजी में टीम के पास बेहतर विकल्प हैं। टीम ने वाशिंगटन सुंदर और रोमारियो शेफर्ड के रूप में दो बेहतरीन ऑलराउंडर खरीदे। भुवनेश्वर कुमार, टी नटराजन और उमरान मलिक तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे।
कमजोर कड़ी
अगर विलियम्सन किसी मैच में चोटिल होते हैं या किसी वजह से नहीं खेलते हैं, तो हैदराबाद के लिए उनका विकल्प ढूंढना मुश्किल हो जाएगा। इसके अलावा टीम के पास कोई क्वालिटी स्पिनर नहीं है। सुंदर के अलावा श्रेयस गोपाल और अभिषेक शर्मा ही स्पिनर के तौर पर मौजूद हैं। टीम को प्लेइंग-11 के लिए एकबार फिर मशक्कत करनी पड़ सकती है।
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर
रॉयल चैलेंजर्स बैंंगलोर
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 57 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 1.55 करोड़
- सबसे बड़ी खरीद: हर्षल पटेल (10.75 करोड़), वानिंदु हसरंगा (10.75 करोड़), जोश हेजलवुड (7.75 करोड़)
- संभावित कप्तान: फाफ डुप्लेसिस
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने पहले तो विराट कोहली, ग्लेन मैक्सवेल और मोहम्मद सिराज को रिटेन कर अपनी कोर को मजबूत किया। इसके बाद उन्होंने ऑक्शन में अपनी गेंदबाजी आक्रमण मजबूत की। टीम ने हर्षल पटेल, जोश हेजलवुड के रूप में तेज गेंदबाज और वानिंदु हसरंगा के रूप में स्पिन गेंदबाज को खरीदा। इनके बैकअप के तौर पर फ्रेंचाइजी के पास जेसन बेहरनडोर्फ और डेविड विली भी मौजूद हैं।
बैंगलोर ने फाफ डुप्लेसिस के रूप में एक बेहतरीन बल्लेबाज को अपनी टीम से जोड़ा, जो कि टीम के संभावित कप्तान भी हो सकते हैं। कोहली अगर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं, तो डुप्लेसिस के साथ विकेटकीपर बल्लेबाज अनुज रावत को बल्लेबाजी के लिए भेजा जा सकता है।
कमजोर कड़ी
बल्लेबाजी में लोअर मिडिल ऑर्डर कमजोर है। महिपाल लोमरोर मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते दिखेंगे। ऐसे में मैक्सवेल और दिनेश कार्तिक पर अच्छा करने की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। कार्तिक पिछले दो आईपीएल से बल्लेबाजी में कुछ खास नहीं कर पाए हैं।
गुजरात टाइटंस
गुजरात टाइटंस
- फोटो : अमर उजाला
- कितनी रकम के साथ ऑक्शन में उतरे: 52 करोड़
- ऑक्शन के बाद राशि बची: 15 लाख
- सबसे बड़ी खरीद: लोकी फर्ग्यूसन (10 करोड़), राहुल तेवतिया (9 करोड़), मोहम्मद शमी (6.25 करोड़)
- कैप्टन: हार्दिक पांड्या
गुजरात ने ऑक्शन से पहले हार्दिक पांड्या, राशिद खान और शुभमन गिल के रूप में तीन मैच विनर्स को रिटेन किया। गुजरात ने दूसरे दिन ऑक्शन खत्म होने से कुछ घंटे पहले जाकर विकेटकीपर को खरीदा। इस दौरान टीम ने एकसाथ दो विकेटकीपर खरीद लिए, वो भी मैथ्यू वेड और ऋद्धिमान साहा के रूप में। वेड हालांकि, तूफानी बल्लेबाजी कर लेते हैं, लेकिन साहा चोट से जूझते रहे हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस समस्या बन सकती है।
गुजरात ने ऑलराउंडर राहुल तेवतिया पर नौ करोड़ रुपये खर्च कर दिए, जिन्होंने सिर्फ एक मैच को छोड़कर कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। टीम को बेस प्राइस पर कुछ अच्छे खिलाड़ी भी मिले। इनमें जेसन रॉय जैसा बेहतरीन ओपनर शामिल है। लोकी फर्ग्यूसन को खरीदने में फ्रेंचाइजी ने काफी रकम खर्ज कर दिए। टीम के लिए सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि युवा अभिनव मनोहर और विजयशंकर टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी कर पाएंगे या नहीं, क्योंकि गुजरात के पास इसके अलावा कोई और अच्छा बल्लेबाज मौजूद नहीं है। पिछले आईपीएल में विजयशंकर आउट ऑफ फॉर्म थे।
कमजोर कड़ी
गुजरात की सबसे बड़ी कमजोरी बल्लेबाजी क्रम में अनुभव की कमी है। टीम को मैथ्यू वेड को ऊपरी क्रम में भेजना होगा। ऐसा हुआ तो टीम को मध्यक्रम में परेशानी होगा। इसके अलावा हार्दिक अगर गेंदबाजी नहीं करते हैं, तो पांचवें गेंदबाज की कमी भी टीम को खल सकती है।